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नहीं मिला पीएम आवास, जर्जर मकान में दफन हो गया गरीब
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शहर के ऊंट मोहाल में गिरा पड़ा खपरैलदार घर।
- फोटो : BANDA
बांदा। पिछले दो वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना से अपना गिराऊ मकान बनवाने की मांग करता रहा गरीब मजदूर अंतत: अपने जर्जर मकान में ही जिंदा दफन हो गया। योजना का लाभ नहीं मिला। अब अधिकारी उसे पात्र स्वीकारते हुए जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
शहर के मर्दन नाका ऊंट मोहाल का मोहम्मद सिद्दीक उर्फ लाला (40) पुत्र ननकू अपने खपरैलदार जर्जर मकान में अपने दो छोटे भाइयों के साथ रहता था। माता-पिता की मौत हो चुकी है।
फुटपाथ पर सब्जी आदि बेचकर गुजारा कर रहा था। शनिवार की रात रोजमर्रा की तरह अपने घर के अंदर सो रहा था तभी अचानक जर्जर मकान धराशाई हो गया। पूरा खपरैल सिद्दीक के ऊपर आ गिरा। उसकी दबकर वहीं मौत हो गई। दूसरे कमरे में सो रहे दोनों भाई बाल-बाल बच गए। सुबह पड़ोसियों ने मलबा हटाकर शव निकाला।
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सिद्दीक के माता-पिता की मौत के बाद पत्नी भी करीब 12 वर्ष पहले छोड़कर चली गई थी। 6 वर्ष की अपनी इकलौती पुत्री को साथ ले गई थी। तब से सिद्दीक दोनों भाइयों के साथ अकेला रह रहा था।
मृतक के भाई भिनगा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सिद्दीक ने वर्ष 2018 और 2019 में लगातार आवेदन किया। लेकिन मौके पर आकर देखने के बाद भी लेखपाल ने खारिज कर दिया। वार्ड सदस्य जुगनू ने बताया कि उसने खुद भी सिद्दीक को योजना का लाभ देने के लिए पैरवी की थी।
वार्ड सदस्य ने आरोप लगाया कि लेखपाल सिद्दीक से पैसा मांग रहा था। न मिलने पर संस्तुति नहीं की। घटना के बाद रविवार को सदर तहसीलदार अवधेश कुमार निगम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मृतक सिद्दीक प्रधानमंत्री आवास योजना का पात्र था। उसका आवेदन क्यों नहीं स्वीकृत किया गया? इसकी वह जांच कराएंगे। दोषियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के आश्रितों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
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शहर के मर्दन नाका ऊंट मोहाल का मोहम्मद सिद्दीक उर्फ लाला (40) पुत्र ननकू अपने खपरैलदार जर्जर मकान में अपने दो छोटे भाइयों के साथ रहता था। माता-पिता की मौत हो चुकी है।
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फुटपाथ पर सब्जी आदि बेचकर गुजारा कर रहा था। शनिवार की रात रोजमर्रा की तरह अपने घर के अंदर सो रहा था तभी अचानक जर्जर मकान धराशाई हो गया। पूरा खपरैल सिद्दीक के ऊपर आ गिरा। उसकी दबकर वहीं मौत हो गई। दूसरे कमरे में सो रहे दोनों भाई बाल-बाल बच गए। सुबह पड़ोसियों ने मलबा हटाकर शव निकाला।
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सिद्दीक के माता-पिता की मौत के बाद पत्नी भी करीब 12 वर्ष पहले छोड़कर चली गई थी। 6 वर्ष की अपनी इकलौती पुत्री को साथ ले गई थी। तब से सिद्दीक दोनों भाइयों के साथ अकेला रह रहा था।
मृतक के भाई भिनगा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सिद्दीक ने वर्ष 2018 और 2019 में लगातार आवेदन किया। लेकिन मौके पर आकर देखने के बाद भी लेखपाल ने खारिज कर दिया। वार्ड सदस्य जुगनू ने बताया कि उसने खुद भी सिद्दीक को योजना का लाभ देने के लिए पैरवी की थी।
वार्ड सदस्य ने आरोप लगाया कि लेखपाल सिद्दीक से पैसा मांग रहा था। न मिलने पर संस्तुति नहीं की। घटना के बाद रविवार को सदर तहसीलदार अवधेश कुमार निगम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मृतक सिद्दीक प्रधानमंत्री आवास योजना का पात्र था। उसका आवेदन क्यों नहीं स्वीकृत किया गया? इसकी वह जांच कराएंगे। दोषियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के आश्रितों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।