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मंडल में मरीजों का घर बैठे ई-संजीवनी एप से होगा इलाज
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बांदा। कोरोना महामारी के दौर में अस्पतालों की भीड़ कम करने की मंशा से लोगों को घर बैठे स्वास्थ्य सेवा दी जाएगी। इसके लिए ई-संजीवनी एप सुविधा शुरू हो गई है। चित्रकूटधाम मंडल के बांदा जिला अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें मंडल के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा सहित कई अन्य जनपदों के मरीजों को फायदा मिल रहा है।
ई-संजीवनी एप सेवा कम्युनिटी हेल्थ आफीसर के माध्यम से चलाई जा रही है। मंडलीय परियोजना प्रबंधक आलोक कुमार ने बताया कि बांदा में 94 सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ आफीसर), चित्रकूट में 93, हमीरपुर में 71 और महोबा में 42 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ की नियुक्ति की गई है।
उनके माध्यम से अस्पताल आने वाले मरीजों को एप से वीडियो कॉल करके परामर्श दिलवाया जा रहा है। सीएमएस डा.एसएन मिश्रा ने बताया कि मंडल मुख्यालय के नवनिर्मित मंडलीय अस्पताल में यह सेवा शुरू की गई है।
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ई-संजीवनी की ओपीडी में स्त्री एवं प्रसूति रोग, हृदय रोग, सर्जरी, मनोचिकित्सा, त्वचा रोग, हड्डी एवं जोड़, नेत्र व दंत, नाक-कान-गला सहित अन्य रोगों के विशेषज्ञों से परामर्श की सुविधा दी जा रही है। डाक्टर वीडियो के जरिए जानकारी देंगे। मरीज की दवा भी डाक्टर मैसेज से लिखकर भेजेंगे। यह प्रक्रिया आटो कनेक्टेड है।
ई-संजीवनी एप की यूं पूरी करें प्रक्रिया
बांदा। ई-संजीवनी कक्ष हेल्प डेस्क मैनेजर लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि गूगल प्ले स्टोर पर जाकर ई-संजीवनी एप इंस्टाल किया जा सकता है या वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डाल सकते हैं। मोबाइल नंबर के सत्यापन और पंजीकरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं के लिए टोकन बनाना होगा।
यह पूरी प्रक्रिया वीडियो कॉल से होती है। मरीज और चिकित्सक के बीच वर्चुअल समन्वय स्थापित होता है। उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी का समय सोमवार से शनिवार तक सुबह 8 से शाम 4 बजे तक है। बताया कि इस ओपीडी में राज्य के किसी भी डाक्टर से परामर्श लिया जा सकेगा।
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ई-संजीवनी एप सेवा कम्युनिटी हेल्थ आफीसर के माध्यम से चलाई जा रही है। मंडलीय परियोजना प्रबंधक आलोक कुमार ने बताया कि बांदा में 94 सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ आफीसर), चित्रकूट में 93, हमीरपुर में 71 और महोबा में 42 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ की नियुक्ति की गई है।
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उनके माध्यम से अस्पताल आने वाले मरीजों को एप से वीडियो कॉल करके परामर्श दिलवाया जा रहा है। सीएमएस डा.एसएन मिश्रा ने बताया कि मंडल मुख्यालय के नवनिर्मित मंडलीय अस्पताल में यह सेवा शुरू की गई है।
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ई-संजीवनी की ओपीडी में स्त्री एवं प्रसूति रोग, हृदय रोग, सर्जरी, मनोचिकित्सा, त्वचा रोग, हड्डी एवं जोड़, नेत्र व दंत, नाक-कान-गला सहित अन्य रोगों के विशेषज्ञों से परामर्श की सुविधा दी जा रही है। डाक्टर वीडियो के जरिए जानकारी देंगे। मरीज की दवा भी डाक्टर मैसेज से लिखकर भेजेंगे। यह प्रक्रिया आटो कनेक्टेड है।
ई-संजीवनी एप की यूं पूरी करें प्रक्रिया
बांदा। ई-संजीवनी कक्ष हेल्प डेस्क मैनेजर लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि गूगल प्ले स्टोर पर जाकर ई-संजीवनी एप इंस्टाल किया जा सकता है या वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डाल सकते हैं। मोबाइल नंबर के सत्यापन और पंजीकरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं के लिए टोकन बनाना होगा।
यह पूरी प्रक्रिया वीडियो कॉल से होती है। मरीज और चिकित्सक के बीच वर्चुअल समन्वय स्थापित होता है। उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी का समय सोमवार से शनिवार तक सुबह 8 से शाम 4 बजे तक है। बताया कि इस ओपीडी में राज्य के किसी भी डाक्टर से परामर्श लिया जा सकेगा।