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निजी भूमि की गोशाला में सरकारी व्यवस्थाओं का विरोध
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Opposition to government arrangements in private land's cowshed
- फोटो : BANDA
नरैनी (संवाद)। रिसौरा गांव में खुले आसमान तले रखी गईं लगभग सौ गायों की बुधवार को अफसरों ने सुध ली। मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य और एसडीएम नरैनी रावेंद्र सिंह तथा खंड विकास अधिकारी संजीव बघेल दोपहर बाद गोशाला पहुंचे। चारों तरफ कंटीली बाड़ से घिरी गायों को ठंड से बचाने के लिए अस्थायी व्यवस्था में पॉलिथीन लगाने के लिए कहा।
उधर, गो सेवक अनंतराम त्रिपाठी ने कहा कि यहां कोई सरकारी गोशाला संचालित नहीं है। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर अपने खर्च पर गायों को संरक्षित किया है। यहां कोई सरकारी गोशाला के रूप में व्यवस्था की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि वह कई साल से अपने पास से खर्च करके गायों के चारे-भूसे का इंतजाम कर रहे हैं। गांव के कुछ युवक इसमें सहयोग कर देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी भूमि पर चल रहा गोशाला में कोई सरकारी निर्माण और व्यवस्था न कराया जाए।
ग्राम पंचायत की भूमि पर गोशाला बनाकर व्यवस्थाएं कराएं। अफसरों ने अनंतराम त्रिपाठी के कार्य की सराहना की। गौरतलब है कि बुधवार को रिसौरा गांव में खुले आसमान तले कैद रखी गई गायों की खबर अमर उजाला में छपी थी। इसी का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। गायों को ठंड से बचाने और भूसा-चारा आदि का इंतजाम करने के संबंधित विभागों को निर्देश दिए। ग्राम समाज की भूमि पर गोशाला स्थापित करने को कहा।
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मध्य प्रदेश की घाटी में गोवंश की हत्या और खाद संकट मुद्दे पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने एसडीएम रावेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। यूनियन तहसील अध्यक्ष संतोष कुमार दीक्षित की अगुवाई में दिए ज्ञापन में कहा है कि पहाड़ी खेरा (पन्ना) की घाटी में अधिकारियों की लापरवाही से गोवंश की हत्या हुई।
जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए। यह भी कहा कि निजी दुकानों में डीएपी खाद 1200 की जगह 1400 रुपये और यूरिया 266 की जगह 400 रुपये में बेची जा रही है। धान खरीद केंद्रों में किसानों का शोषण हो रहा है। ब्लॉक अध्यक्ष लूशन यादव, रवि प्रकाश तिवारी, छेदी लाल, नंद किशोर, कामता प्रसाद, शिवराम, राममूरत व नितिन दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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उधर, गो सेवक अनंतराम त्रिपाठी ने कहा कि यहां कोई सरकारी गोशाला संचालित नहीं है। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर अपने खर्च पर गायों को संरक्षित किया है। यहां कोई सरकारी गोशाला के रूप में व्यवस्था की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि वह कई साल से अपने पास से खर्च करके गायों के चारे-भूसे का इंतजाम कर रहे हैं। गांव के कुछ युवक इसमें सहयोग कर देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी भूमि पर चल रहा गोशाला में कोई सरकारी निर्माण और व्यवस्था न कराया जाए।
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ग्राम पंचायत की भूमि पर गोशाला बनाकर व्यवस्थाएं कराएं। अफसरों ने अनंतराम त्रिपाठी के कार्य की सराहना की। गौरतलब है कि बुधवार को रिसौरा गांव में खुले आसमान तले कैद रखी गई गायों की खबर अमर उजाला में छपी थी। इसी का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। गायों को ठंड से बचाने और भूसा-चारा आदि का इंतजाम करने के संबंधित विभागों को निर्देश दिए। ग्राम समाज की भूमि पर गोशाला स्थापित करने को कहा।
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मध्य प्रदेश की घाटी में गोवंश की हत्या और खाद संकट मुद्दे पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने एसडीएम रावेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। यूनियन तहसील अध्यक्ष संतोष कुमार दीक्षित की अगुवाई में दिए ज्ञापन में कहा है कि पहाड़ी खेरा (पन्ना) की घाटी में अधिकारियों की लापरवाही से गोवंश की हत्या हुई।
जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए। यह भी कहा कि निजी दुकानों में डीएपी खाद 1200 की जगह 1400 रुपये और यूरिया 266 की जगह 400 रुपये में बेची जा रही है। धान खरीद केंद्रों में किसानों का शोषण हो रहा है। ब्लॉक अध्यक्ष लूशन यादव, रवि प्रकाश तिवारी, छेदी लाल, नंद किशोर, कामता प्रसाद, शिवराम, राममूरत व नितिन दीक्षित आदि मौजूद रहे।