फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Opposition to government arrangements in private land's cowshed

निजी भूमि की गोशाला में सरकारी व्यवस्थाओं का विरोध

Thu, 16 Dec 2021 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
Opposition to government arrangements in private land's cowshed
Opposition to government arrangements in private land's cowshed - फोटो : BANDA
नरैनी (संवाद)। रिसौरा गांव में खुले आसमान तले रखी गईं लगभग सौ गायों की बुधवार को अफसरों ने सुध ली। मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य और एसडीएम नरैनी रावेंद्र सिंह तथा खंड विकास अधिकारी संजीव बघेल दोपहर बाद गोशाला पहुंचे। चारों तरफ कंटीली बाड़ से घिरी गायों को ठंड से बचाने के लिए अस्थायी व्यवस्था में पॉलिथीन लगाने के लिए कहा।
विज्ञापन

उधर, गो सेवक अनंतराम त्रिपाठी ने कहा कि यहां कोई सरकारी गोशाला संचालित नहीं है। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर अपने खर्च पर गायों को संरक्षित किया है। यहां कोई सरकारी गोशाला के रूप में व्यवस्था की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि वह कई साल से अपने पास से खर्च करके गायों के चारे-भूसे का इंतजाम कर रहे हैं। गांव के कुछ युवक इसमें सहयोग कर देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी भूमि पर चल रहा गोशाला में कोई सरकारी निर्माण और व्यवस्था न कराया जाए।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत की भूमि पर गोशाला बनाकर व्यवस्थाएं कराएं। अफसरों ने अनंतराम त्रिपाठी के कार्य की सराहना की। गौरतलब है कि बुधवार को रिसौरा गांव में खुले आसमान तले कैद रखी गई गायों की खबर अमर उजाला में छपी थी। इसी का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। गायों को ठंड से बचाने और भूसा-चारा आदि का इंतजाम करने के संबंधित विभागों को निर्देश दिए। ग्राम समाज की भूमि पर गोशाला स्थापित करने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मध्य प्रदेश की घाटी में गोवंश की हत्या और खाद संकट मुद्दे पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने एसडीएम रावेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। यूनियन तहसील अध्यक्ष संतोष कुमार दीक्षित की अगुवाई में दिए ज्ञापन में कहा है कि पहाड़ी खेरा (पन्ना) की घाटी में अधिकारियों की लापरवाही से गोवंश की हत्या हुई।

जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाए। यह भी कहा कि निजी दुकानों में डीएपी खाद 1200 की जगह 1400 रुपये और यूरिया 266 की जगह 400 रुपये में बेची जा रही है। धान खरीद केंद्रों में किसानों का शोषण हो रहा है। ब्लॉक अध्यक्ष लूशन यादव, रवि प्रकाश तिवारी, छेदी लाल, नंद किशोर, कामता प्रसाद, शिवराम, राममूरत व नितिन दीक्षित आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed