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खुले में शौच मुक्त गांवों के प्रधान सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Wed, 23 Nov 2016 10:58 PM IST
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विश्व शौचालय दिवस पर गोष्ठी में उपस्थित लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। विश्व शौचालय दिवस पर डीएम ने ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) गांवों के प्रधानों और निगरानी समिति के सदस्यों को मेडल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ओडीएफ गांवों के लिए ढाई लाख कीमत की सोलर हाई मास्ट लाइट दी जाएगी। साथ ही 7 से 20 लाख रुपये स्वच्छता पर खर्च करने को मिलेंगे।
विकास भवन सभागार में बुधवार को अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी में डीएम सरोज कुमार ने कहा कि जहां (जिले) से आए हैं वहां ज्यादातर गांव ओडीएफ हो चुके हैं। इस मद का सारा पैसा खर्च हो चुका है। यहां आश्चर्य की बात है कि साढ़े 12 करोड़ रुपये में सिर्फ 3 करोड़ रुपये ही शौचालयों पर खर्च हुए। करीब दस करोड़ रुपये होने के बावजूद लोग शौचालय नहीं बनवा रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण खुद शौचालय बनवाएं और वह उनके खाते में सीधे 12 हजार रुपये भेजवाएंगे। लाभार्थी चाहे तो इससे ज्यादा भी खर्च कर बेहतर शौचालय व बाथरूम एक साथ बनवा सकते हैं।
उन्हें निर्धारित पैसा मिलेगा। उन्होंने गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने वाले कुरौली (बड़ोखर) ग्राम प्रधान रामभवन यादव समेत निगरानी समिति सदस्य शिवचरन उर्फ मुखिया, शिवगोपाल, शिवकुमार को स्मृति चिह्नि देकर सम्मानित किया। बिसंडी खुर्द व शादीमदनपुर के प्रधानों व सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। सीडीओ रामकुमार सिंह ने बताया कि इस माह छह गांवों को ओडीएफ कराना है। डीपीआरओ आनंद प्रकाश ने शौचालयों से संबंधित योजना की जानकारी दी। स्वच्छ मिशन के जिला समन्वयक मनोज द्विवेदी व वाश फोरम अध्यक्ष डॉ. जनार्दन त्रिपाठी, संस्था निदेशक भागवत प्रसाद, ममता पांडेय, देशराज सिंह, विजय सिंह, प्रिया, मुमताज, रवींद्र, कामता व संजय आदि रहे।
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विकास भवन सभागार में बुधवार को अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी में डीएम सरोज कुमार ने कहा कि जहां (जिले) से आए हैं वहां ज्यादातर गांव ओडीएफ हो चुके हैं। इस मद का सारा पैसा खर्च हो चुका है। यहां आश्चर्य की बात है कि साढ़े 12 करोड़ रुपये में सिर्फ 3 करोड़ रुपये ही शौचालयों पर खर्च हुए। करीब दस करोड़ रुपये होने के बावजूद लोग शौचालय नहीं बनवा रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण खुद शौचालय बनवाएं और वह उनके खाते में सीधे 12 हजार रुपये भेजवाएंगे। लाभार्थी चाहे तो इससे ज्यादा भी खर्च कर बेहतर शौचालय व बाथरूम एक साथ बनवा सकते हैं।
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उन्हें निर्धारित पैसा मिलेगा। उन्होंने गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने वाले कुरौली (बड़ोखर) ग्राम प्रधान रामभवन यादव समेत निगरानी समिति सदस्य शिवचरन उर्फ मुखिया, शिवगोपाल, शिवकुमार को स्मृति चिह्नि देकर सम्मानित किया। बिसंडी खुर्द व शादीमदनपुर के प्रधानों व सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। सीडीओ रामकुमार सिंह ने बताया कि इस माह छह गांवों को ओडीएफ कराना है। डीपीआरओ आनंद प्रकाश ने शौचालयों से संबंधित योजना की जानकारी दी। स्वच्छ मिशन के जिला समन्वयक मनोज द्विवेदी व वाश फोरम अध्यक्ष डॉ. जनार्दन त्रिपाठी, संस्था निदेशक भागवत प्रसाद, ममता पांडेय, देशराज सिंह, विजय सिंह, प्रिया, मुमताज, रवींद्र, कामता व संजय आदि रहे।
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