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पहाड़ों पर बर्फबारी और हवाओं ने ठंड बढ़ाई

Sun, 19 Dec 2021 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 11:49 PM IST
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OPD till 4 pm, closed two hours ago
बांदा। पहाड़ों में बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम चल रही बर्फीली हवाओं ने ठंड और बढ़ा दी है। रविवार को तेज धूप के बाद भी ठंड से राहत नहीं रही। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। अधिकतम तापमान में भी कमी आई है। मौसम जानकारों के मुताबिक अगले सात दिनों तक भीषण ठंड का अनुमान है।
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दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में ठंड ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले तीन दिनों से हवाओं के रुख और पहाड़ों में बर्फबारी से दिन-ब-दिन ठंड बढने लगी। रविवार को तेज धूप रही। लेकिन शीत लहर से दिनभर गलन और ठंड रही। शीत लहर के कहर से तापमान में लगातार गिरावट जारी है। इससे ठंड और ठिठुरन बढ़ गई। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। रविवार को यह तीन डिग्री सेल्सियस था। शनिवार को न्यूनतम पारा छह डिग्री रहा था। इसी तरह अधिकतम तापमान एक डिग्री नीचे गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस हो गया है।
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कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के वक्त हल्का कोहरा रहेगा। तेज धूप निकलेगी, लेकिन सर्दीली हवाएं चलने से ठंड से राहत नहीं मिलेगी। उधर, अलाव की व्यवस्था न होने से यात्री और फुटपाथों पर जीवन-बसर करने वाले ठंड में ठिठुरते रहे। स्थानीय निकाय व तहसील प्रशासन द्वारा खोले गए रैन बसेरों में ताले लटकते रहे।
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इनसेट-
रबी की फसल के लिए ठंड मुफीद
जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि सुबह-शाम ठंड व दिन में धूप निकलने से गेहूं, चना, मसूर, मटर व सरसों फसल के लिए बेहद अच्छा है। दिन का तापमान गिरने और आसमान में बादल छाने से फसलों को पाला मारने का खतरा बढ़ जाएगा। यह भी कहा कि किसान कीटों से सावधान रहें। माहू जैसे कीट दिखाई दें तो दवा का छिड़काव करें। ऐसे मौसम में कीटों के लगने की संभावना बढ़ जाती है।
रैन बसेरे तो खुले, पर लटक रहे ताले
बांदा। नगर पालिका परिषद बांदा व अतर्रा में पांच-पांच व नगर पंचायत बबेरू, नरैनी, ओरन, बिसंडा, कमासिन, मटौंध में एक-एक व तहसील स्तर पर पांच-पांच रैन बसेरा खोले जाने हैं। लेकिन अभी तक निकाय व तहसील क्षेत्रों में एक-एक ही रैन बसेरा खोले गए हैं। उनमें भी कई में ताले लटक रहे हैं। गरीब, असहाय व मुसाफिरों को कोई फायदा नहीं मिल रहा।

नगर पालिका, नगर पंचायतों सहित तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रमुख चौराहों सहित सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएं। गरीबों व मुसाफिरों के रात गुजारने के लिए रैन बसेरा खोले। जल्द वह निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। अलाव व रैन बसेरा खुले नहीं मिले तो कार्रवाई की जाएगी।
- उमाकांत त्रिपाठी, एडीएम बांदा
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