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सफाई कर्मियों ने पालिका गेट पर जड़ा ताला
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नगर पालिका में प्रदर्शन करते सफाई कर्मी।
- फोटो : BANDA
बांदा। एक पाली में ड्यूटी जैसी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मियों ने गुरुवार को हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल की घोषणा पहले से ही की गई थी। हड़ताल में स्थायी के अलावा संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं। सुबह 6 बजे ही सफाई कर्मियों ने नगर पालिका कार्यालय में प्रदर्शन शुरू कर दिया। 10 बजते ही मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर अन्य कर्मचारियों को भी अंदर नहीं जाने दिया। पालिका परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ बांदा जिलाध्यक्ष कालका प्रसाद सागर और नगर अध्यक्ष मातादीन की अगुवाई में सफाईकर्मी हड़ताल कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद में स्थायी और संविदा कर्मियों की संख्या करीब 508 है। कई दिन पूर्व अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को दिया था, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं।
प्रदर्शन के दौरान संघ के नगर अध्यक्ष ने ईओ संतोष मिश्रा को धरना स्थल पर ही ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि वे 17 मार्च से लगातार आठ सूत्री मांग कर रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से सफाई कर्मियों की ड्यूटी एक पाली में किए जाने सहित स्थायी कर्मचारियों का वेतन भुगतान डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक से स्थानांतरित कर एचडीएफसी बैंक में किए जाने, जीपीएफ कटौती की स्लिप कर्मियों को देने, संविदा कर्मियों के एपीएफ कटौती की पासबुक देने, आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे कर्मियों को शासनादेश के तहत 331.73 रुपये, वर्दी और उपकरण देने, 18 रिक्शा कर्मचारियों को पुन: काम पर रखने की मांगें शामिल हैं। ईओ ने बताया कि सफाई कर्मियों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। कुछ मांगें शासन स्तर की हैं। उन्हें शासन को भेजा गया है।
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हड़ताल के पहले ही दिन शहर गंदगी से पटा
बांदा। नगर पालिका सफाई कर्मियों की हड़ताल के पहले ही दिन शहर गंदगी से पट गया। कोरोना संक्रमण के दौर में शासन के सफाई के विशेष निर्देश धरे रह गए। चौक बाजार और मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक कूड़ा-करकट के ढेर लग गए। बारिश और बूंदाबांदी से कई जगह दुर्गंध फैल गई।
शहर में रोजाना सुबह-शाम दो पालियों में सफाई का शेड्यूल है, लेकिन गुरुवार को हड़ताल से शहर में कहीं भी झाड़ू नहीं लगी। रोजमर्रा की तरह चौक बाजार के सभी दुकानदारों ने बुधवार की रात दुकानों का कचरा सड़कों पर डाल दिया था। तड़के इन्हें पालिकाकर्मी उठा ले जाते थे, लेकिन हड़ताल के चलते पूरे दिन कूड़े-करकट के ढेरों से ही राहगीर आते-जाते रहे। पर्यावरण प्रदूषित रहा।
सफाई के अभाव में नालियां भी ओवरफ्लो होकर बजबजाती रहीं। शहर के बाशिंदों को काफी दुश्वारी रही। साथ ही महामारी के माहौल में संक्रमण फैलने का खतरा मंडराता रहा। हड़ताल आगे भी बरकरार रही तो स्थिति काफी भयावह हो सकती है।
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उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ बांदा जिलाध्यक्ष कालका प्रसाद सागर और नगर अध्यक्ष मातादीन की अगुवाई में सफाईकर्मी हड़ताल कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद में स्थायी और संविदा कर्मियों की संख्या करीब 508 है। कई दिन पूर्व अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को दिया था, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं।
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प्रदर्शन के दौरान संघ के नगर अध्यक्ष ने ईओ संतोष मिश्रा को धरना स्थल पर ही ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि वे 17 मार्च से लगातार आठ सूत्री मांग कर रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से सफाई कर्मियों की ड्यूटी एक पाली में किए जाने सहित स्थायी कर्मचारियों का वेतन भुगतान डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक से स्थानांतरित कर एचडीएफसी बैंक में किए जाने, जीपीएफ कटौती की स्लिप कर्मियों को देने, संविदा कर्मियों के एपीएफ कटौती की पासबुक देने, आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे कर्मियों को शासनादेश के तहत 331.73 रुपये, वर्दी और उपकरण देने, 18 रिक्शा कर्मचारियों को पुन: काम पर रखने की मांगें शामिल हैं। ईओ ने बताया कि सफाई कर्मियों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। कुछ मांगें शासन स्तर की हैं। उन्हें शासन को भेजा गया है।
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हड़ताल के पहले ही दिन शहर गंदगी से पटा
बांदा। नगर पालिका सफाई कर्मियों की हड़ताल के पहले ही दिन शहर गंदगी से पट गया। कोरोना संक्रमण के दौर में शासन के सफाई के विशेष निर्देश धरे रह गए। चौक बाजार और मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक कूड़ा-करकट के ढेर लग गए। बारिश और बूंदाबांदी से कई जगह दुर्गंध फैल गई।
शहर में रोजाना सुबह-शाम दो पालियों में सफाई का शेड्यूल है, लेकिन गुरुवार को हड़ताल से शहर में कहीं भी झाड़ू नहीं लगी। रोजमर्रा की तरह चौक बाजार के सभी दुकानदारों ने बुधवार की रात दुकानों का कचरा सड़कों पर डाल दिया था। तड़के इन्हें पालिकाकर्मी उठा ले जाते थे, लेकिन हड़ताल के चलते पूरे दिन कूड़े-करकट के ढेरों से ही राहगीर आते-जाते रहे। पर्यावरण प्रदूषित रहा।
सफाई के अभाव में नालियां भी ओवरफ्लो होकर बजबजाती रहीं। शहर के बाशिंदों को काफी दुश्वारी रही। साथ ही महामारी के माहौल में संक्रमण फैलने का खतरा मंडराता रहा। हड़ताल आगे भी बरकरार रही तो स्थिति काफी भयावह हो सकती है।

शहर के मुख्य बाजार में गंदगी का ढेर।- फोटो : BANDA