फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Only nine surrendered arms, 103 notices again

सफाई कर्मियों ने पालिका गेट पर जड़ा ताला

Thu, 23 Jul 2020 11:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 11:34 PM IST
विज्ञापन
Only nine surrendered arms, 103 notices again
नगर पालिका में प्रदर्शन करते सफाई कर्मी। - फोटो : BANDA
बांदा। एक पाली में ड्यूटी जैसी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मियों ने गुरुवार को हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल की घोषणा पहले से ही की गई थी। हड़ताल में स्थायी के अलावा संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं। सुबह 6 बजे ही सफाई कर्मियों ने नगर पालिका कार्यालय में प्रदर्शन शुरू कर दिया। 10 बजते ही मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर अन्य कर्मचारियों को भी अंदर नहीं जाने दिया। पालिका परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ बांदा जिलाध्यक्ष कालका प्रसाद सागर और नगर अध्यक्ष मातादीन की अगुवाई में सफाईकर्मी हड़ताल कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद में स्थायी और संविदा कर्मियों की संख्या करीब 508 है। कई दिन पूर्व अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को दिया था, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं।
विज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान संघ के नगर अध्यक्ष ने ईओ संतोष मिश्रा को धरना स्थल पर ही ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि वे 17 मार्च से लगातार आठ सूत्री मांग कर रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से सफाई कर्मियों की ड्यूटी एक पाली में किए जाने सहित स्थायी कर्मचारियों का वेतन भुगतान डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक से स्थानांतरित कर एचडीएफसी बैंक में किए जाने, जीपीएफ कटौती की स्लिप कर्मियों को देने, संविदा कर्मियों के एपीएफ कटौती की पासबुक देने, आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे कर्मियों को शासनादेश के तहत 331.73 रुपये, वर्दी और उपकरण देने, 18 रिक्शा कर्मचारियों को पुन: काम पर रखने की मांगें शामिल हैं। ईओ ने बताया कि सफाई कर्मियों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। कुछ मांगें शासन स्तर की हैं। उन्हें शासन को भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हड़ताल के पहले ही दिन शहर गंदगी से पटा
बांदा। नगर पालिका सफाई कर्मियों की हड़ताल के पहले ही दिन शहर गंदगी से पट गया। कोरोना संक्रमण के दौर में शासन के सफाई के विशेष निर्देश धरे रह गए। चौक बाजार और मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक कूड़ा-करकट के ढेर लग गए। बारिश और बूंदाबांदी से कई जगह दुर्गंध फैल गई।
शहर में रोजाना सुबह-शाम दो पालियों में सफाई का शेड्यूल है, लेकिन गुरुवार को हड़ताल से शहर में कहीं भी झाड़ू नहीं लगी। रोजमर्रा की तरह चौक बाजार के सभी दुकानदारों ने बुधवार की रात दुकानों का कचरा सड़कों पर डाल दिया था। तड़के इन्हें पालिकाकर्मी उठा ले जाते थे, लेकिन हड़ताल के चलते पूरे दिन कूड़े-करकट के ढेरों से ही राहगीर आते-जाते रहे। पर्यावरण प्रदूषित रहा।

सफाई के अभाव में नालियां भी ओवरफ्लो होकर बजबजाती रहीं। शहर के बाशिंदों को काफी दुश्वारी रही। साथ ही महामारी के माहौल में संक्रमण फैलने का खतरा मंडराता रहा। हड़ताल आगे भी बरकरार रही तो स्थिति काफी भयावह हो सकती है।

शहर के मुख्य बाजार में गंदगी का ढेर।

शहर के मुख्य बाजार में गंदगी का ढेर।- फोटो : BANDA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed