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वन विभाग की टीम को दिखे सिर्फ 735 पक्षी
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:35 PM IST
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कबूतरों के झुंड।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। शाम होते ही आसमान पर उड़ते हजारों सैकड़ों की संख्या में तोते और कबूतर वर्ल्ड वाचिंग डे पर वन विभाग को नजर नहीं आए। विभाग के कर्मचारियों की लंबी फौज 30 प्रजातियों के 735 पक्षी ही देख पाई। यह हैरतनाक आंकड़े प्रभागीय वनाधिकारी ने खुद जारी किए हैं।
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गौरया और गिद्ध भले ही दुर्लभ हो रहे हों, पर तोता, कबूतर, बतख, सारस, गलार इत्यादि जगह-जगह झुंड के झुंड दिखाई पड़ते हैं। रोजाना सूरज ढलने के समय सैकड़ों की संख्या में तोतों के झुंड अपने बसेरे को लौटते दिखते हैं। इसी तरह शहर में ही पुरानी इमारतों आदि पर बड़ी संख्या में कबूतर डेरा डाले हैं लेकिन तीन दिन पूर्व बनाए गए वर्ल्ड वाचिंग डे पर वन विभाग ने पूरे जनपद में मात्र 18 तोते नजर आए। बांदा और पैलानी रेंज क्षेत्रों में कोई तोता नहीं दिखाई पड़ा। सिर्फ तिंदवारी में 12 और बबेरू रेंज में छह तोते दिखना बताए गए हैं।
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इसी तरह पूरे जनपद में मात्र चार कबूतर दर्शाए गए हैं। बांदा, तिंदवारी और पैलानी रेंज में कबूतरों की संख्या शून्य बताई गई। सिर्फ छह कबूतर बबेरू रेंज में दिखना दर्शाया गया है। बतख के आंकड़ों में सिर्फ 17 बतख बताई गई है। इनमें बांदा और बबेरू रेंज में संख्या शून्य दर्शाई गई है। तिंदवारी रेंज में दो और तिंदवारी वन क्षेत्र में 15 बतख दिखना बताया गया है। इसी तरह पूरे जनपद में सारस 19, कौआ 75, कोयल 2, गौरया 125, फाख्ता 15, नीलकंठ 4, तीतर 20, जलमुर्गी 16, मोर 4, बगुला 64 देखे जाना दर्शाया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि चारों वन रेंजों में प्रात: 6 से 10 बजे तक इन पक्षियों को देखा गया है।
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