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अफसरों के बुद्धि शुद्धि के लिए ग्रामीणों का यज्ञ
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 11 Apr 2015 11:20 PM IST
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अफसरों की बेरुखी से नाराज नरैनी तहसील के नींबी गांव के ग्रामीणों ने अधिकारियों की बुद्धि-शुद्धि के लिए सामूहिक हवन किया। गांव के लोग इस बात से नाराज हैं कि कुदरत की मार से बर्बाद हुए तो हुए, किसी अफसर ने भी उनकी सुध नहीं ली। यहां 50 परिवारों पर 45 लाख रुपये का कर्ज है।
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नरैनी तहसील के पुकारी गांव में 60 परिवारों ने 213 बीघा में गेहूं, 229 बीघा में चना, 240 बीघा में अरहर और 37 बीघा में सरसों बोई थी। बारिश और ओला में यह सब खत्म हो गई। गांव के रजउवा ने बताया कि 30 बीघा में गेहूं, अरहर व चना बोया था।
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लगभग 22,000 रुपये जुताई आदि में खर्च हो गया। आठ कुंतल बीज (गेहूं) लगा। करीब 60,000 रुपये कुल खर्च हुआ। अब घर में खाने को दाना नहीं है। सरकार से धेला बराबर सहायता नहीं मिली। कमोबेश यही स्थिति बटाई पर 35 बीघा में खेती करने वाली रामसिया की है।
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सामाजिक कार्यकर्ता और इस क्षेत्र में सक्रिय राजाभइया ने बताया कि प्रशासन की इस उपेक्षा और बेरुखी से नाराज गांववालों ने शुक्रवार को सामूहिक रूप से यज्ञ किया। इसमें आहुतियां देकर प्रशासन की बुद्धि-शुद्धि की कामना की। यहां भुखमरी के हालात से डरे लागे पलायन कर रहे हैं।