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नर्सिंग होम को नोटिस, सरकारी अस्पतालों पर चुप्पी
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बांदा। निजी अस्पतालों में आग बुझाने के पर्याप्त उपाय न होने पर शहर के 15 प्राइवेट नर्सिंगहोमों को नोटिस जारी करने वाले स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग सरकारी अस्पतालों को लेकर खामोश हैं।
मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे 59 स्वास्थ्य केंद्र बिना अग्निशमन की एनओसी के चल रहे हैं।
हाल ही में अग्निशमन विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देकर मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिले के 15 निजी अस्पतालों को नोटिस किया है।
इसमें कहा है कि मानक के मुताबिक अग्निशमन उपाय न होने से इन प्राइवेट अस्पतालों में आग लगने जनहानि होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
नोटिस में इन निजी अस्पतालों को एक सप्ताह में अग्नि शमन व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त करने की मोहलत दी गई है।
नोटिस के बाद निजी अस्पताल संचालकों में प्रतिक्रिया देखी जा रही है। इनका तर्क है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट अस्पतालों से कई गुना ज्यादा मरीज और तीमारदार रहते हैं, लेकिन यहां अग्निशमन की एनओसी की जरूरत नहीं समझी जा रही।
यह दोहरा मापदंड है। हालांकि निजी अस्पताल संचालक अपनी यह पीड़ा खुलकर बयां करने से परहेज कर रहे हैं। अलबत्ता उनका संगठन इस बाबत उच्चाधिकारियों से मिलने की तैयारी कर रहा है।
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मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे 59 स्वास्थ्य केंद्र बिना अग्निशमन की एनओसी के चल रहे हैं।
हाल ही में अग्निशमन विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देकर मुख्य चिकित्साधिकारी ने जिले के 15 निजी अस्पतालों को नोटिस किया है।
इसमें कहा है कि मानक के मुताबिक अग्निशमन उपाय न होने से इन प्राइवेट अस्पतालों में आग लगने जनहानि होने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
नोटिस में इन निजी अस्पतालों को एक सप्ताह में अग्नि शमन व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त करने की मोहलत दी गई है।
नोटिस के बाद निजी अस्पताल संचालकों में प्रतिक्रिया देखी जा रही है। इनका तर्क है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट अस्पतालों से कई गुना ज्यादा मरीज और तीमारदार रहते हैं, लेकिन यहां अग्निशमन की एनओसी की जरूरत नहीं समझी जा रही।
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यह दोहरा मापदंड है। हालांकि निजी अस्पताल संचालक अपनी यह पीड़ा खुलकर बयां करने से परहेज कर रहे हैं। अलबत्ता उनका संगठन इस बाबत उच्चाधिकारियों से मिलने की तैयारी कर रहा है।
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