{"_id":"60d76eed8ebc3e503c69d8d8","slug":"nomination-of-sp-bsp-candidates-including-bjp-banda-news-knp6366585182","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा समेत सपा-बसपा प्रत्याशियों का नामांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा समेत सपा-बसपा प्रत्याशियों का नामांकन
विज्ञापन
बांदा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रतिष्ठापूर्ण माना जाता है। इसके लिए सत्तारूढ़ दल भाजपा समेत सपा और बसपा के उम्मीदवारों ने सादगी के साथ एक से लगाकर दो सेटों में नामांकनपत्र दाखिल किए। नामांकन स्थल पुलिस छावनी में तब्दील रहा। चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई थी। हार्पर क्लब की ओर से प्रत्याशियों को नामांकन स्थल आने की अनुमति रही।
शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में सुबह 11 से अपराह्न तीन बजे तक नामांकन हुए। सबसे पहले भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल ने जिलाधिकारी न्यायालय कक्ष में दो सेटों में नामांकन दाखिल किए। उनके प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह, सदाशिव, रेनू व रेखा सिंह रहीं। भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद, महिला आयोग सदस्य प्रभा गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष आरिफ खां, उत्तम सक्सेना, डीडीसी संतराम सिंह भी मौजूद रहे। इसके कुछ देर बाद सपा समर्थित प्रत्याशी रजनी यादव अपने प्रस्तावक डीडीसी कृष्णा पटेल, चंद्रशेखर के साथ पर्चा भरा। अंत में बसपा समर्थित प्रत्याशी अरूण पटेल ने अपने प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य राजाराम, रामकेश के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया।
इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू हुई। उधर, नामांकन स्थल समेत दो मीटर का दायरा पुलिस ने सील कर रखा था। कलक्ट्रेट परिसर और सभी बैरियर पुलिस छावनी में तब्दील रहे। हरेक बैरियर में मजिस्ट्रेट और सीओ तैनात किए गए थे। दलों के समर्थित प्रत्याशियों के समर्थन में आए हुजूम को पुलिस ने संकट मोचन के पास बनाए बैरियर में रोक दिया। इससे आगे सिर्फ प्रत्याशी, प्रस्तावक और गिनेचुने लोगों को ही नामांकन स्थल तक जाने की अनुमति दी गई।
विज्ञापन
सादगी से कराया तीनों प्रत्याशियों ने नामांकन
कोरोना गाइडलाइन के सख्त निर्देशों के चलते सत्ता पक्ष हो या विपक्ष के प्रत्याशी सभी सादगी के साथ नामांकन कराने के लिए पहुंचे। इनके साथ कोई तामझाम नहीं था। यहां तक कि इन्हें छोड़ने के लिए भाजपा को छोड़कर अन्य दलों के जिलाध्यक्ष तक नहीं आए। प्रत्याशी व प्रस्तावक ही आए और नामांकन कराया। नामांकन स्थल में पहुंचने के पहले बैरियर पर प्रत्याशी व प्रस्तावकों के हाथ सैनिटाइज कराए गए और मास्क पहनने के लिए कहा गया।
प्रत्याशियों ने किए जीत के दावे
नामांकनपत्र दाखिल करने के साथ ही राजनैतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गईं। जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए जोड़तोड़ की जुगत भिड़ाने लगे हैं। भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल का कहना है कि विकास के मुद्दे को लेकर चुनाव में उतरे हैं। दूसरी तरफ सपा समर्थित प्रत्याशी रजनी यादव ने दावा किया कि बहुमत उनके साथ है। बसपा प्रत्याशी अरुण पटेल ने कहा कि सबसे ज्यादा सदस्य उनकी पार्टी के हैं, इसलिए अध्यक्ष का ताज उन्हीं के सिर होगा।
संकट मोचन में माथा टेका, जीत की प्रार्थना
जिला पंचायत अध्यक्ष का नामांकन कराने के बाद प्रत्याशियों ने संकट मोचन मंदिर में माथा टेका और जीत की प्रार्थना की। सपा प्रत्याशी रजनी यादव नामांकन के बाद संकट मोचन मंदिर गईं। पूजन अर्चन किया। जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव, शैलेंद्र यादव, नीलम गुप्ता आदि उपस्थित रहीं। भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
रूट डायवर्जन से यात्री और मरीज परेशान
प्रतिष्ठापूर्ण जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन को लेकर शनिवार को शहर के बाशिंदे हलाकान रहे। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीज, रोडवेज यात्री रूट डायवर्जन की जानकारी न होने पर बार-बार पुलिस से टकराते रहे। रोडवेज बस से कानपुर से आए राकेश प्रजापति ने बताया कि उन्हें भूरागढ़ जाना था, लेकिन कचहरी चौराहे पर लगी बैरिकेडिंग से अब उन्हें डीएम कालोनी रोड से घूमकर जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में इलाज कराने आई सुरतिया ने बताया कि ई-रिक्शे से ओवरब्रिज के रास्ते अस्पताल जा रही थी, लेकिन बैरिकेडिंग से वापस कर दिया गया। इसके बाद डीएम कालोनी रोड से अस्पताल पहुंची। किराया दो गुना लगा और डाक्टर भी उठ गए। नामांकन को लेकर जिला अस्पताल रोड, कचहरी रोड, केवटरा चौराहा, महाराणा प्रताप चौक, रोडवेज चौराहा, संकट मोचन रोड आदि में बैरिकेडिंग लगाई गई थी। रूट डायवर्ट होने से लोगों को दिक्कतें उठाना पड़ीं।
विज्ञापन
शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में सुबह 11 से अपराह्न तीन बजे तक नामांकन हुए। सबसे पहले भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल ने जिलाधिकारी न्यायालय कक्ष में दो सेटों में नामांकन दाखिल किए। उनके प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह, सदाशिव, रेनू व रेखा सिंह रहीं। भाजपा जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद, महिला आयोग सदस्य प्रभा गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष आरिफ खां, उत्तम सक्सेना, डीडीसी संतराम सिंह भी मौजूद रहे। इसके कुछ देर बाद सपा समर्थित प्रत्याशी रजनी यादव अपने प्रस्तावक डीडीसी कृष्णा पटेल, चंद्रशेखर के साथ पर्चा भरा। अंत में बसपा समर्थित प्रत्याशी अरूण पटेल ने अपने प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य राजाराम, रामकेश के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया।
विज्ञापन
इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू हुई। उधर, नामांकन स्थल समेत दो मीटर का दायरा पुलिस ने सील कर रखा था। कलक्ट्रेट परिसर और सभी बैरियर पुलिस छावनी में तब्दील रहे। हरेक बैरियर में मजिस्ट्रेट और सीओ तैनात किए गए थे। दलों के समर्थित प्रत्याशियों के समर्थन में आए हुजूम को पुलिस ने संकट मोचन के पास बनाए बैरियर में रोक दिया। इससे आगे सिर्फ प्रत्याशी, प्रस्तावक और गिनेचुने लोगों को ही नामांकन स्थल तक जाने की अनुमति दी गई।
विज्ञापन
सादगी से कराया तीनों प्रत्याशियों ने नामांकन
कोरोना गाइडलाइन के सख्त निर्देशों के चलते सत्ता पक्ष हो या विपक्ष के प्रत्याशी सभी सादगी के साथ नामांकन कराने के लिए पहुंचे। इनके साथ कोई तामझाम नहीं था। यहां तक कि इन्हें छोड़ने के लिए भाजपा को छोड़कर अन्य दलों के जिलाध्यक्ष तक नहीं आए। प्रत्याशी व प्रस्तावक ही आए और नामांकन कराया। नामांकन स्थल में पहुंचने के पहले बैरियर पर प्रत्याशी व प्रस्तावकों के हाथ सैनिटाइज कराए गए और मास्क पहनने के लिए कहा गया।
प्रत्याशियों ने किए जीत के दावे
नामांकनपत्र दाखिल करने के साथ ही राजनैतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गईं। जिला पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए जोड़तोड़ की जुगत भिड़ाने लगे हैं। भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल का कहना है कि विकास के मुद्दे को लेकर चुनाव में उतरे हैं। दूसरी तरफ सपा समर्थित प्रत्याशी रजनी यादव ने दावा किया कि बहुमत उनके साथ है। बसपा प्रत्याशी अरुण पटेल ने कहा कि सबसे ज्यादा सदस्य उनकी पार्टी के हैं, इसलिए अध्यक्ष का ताज उन्हीं के सिर होगा।
संकट मोचन में माथा टेका, जीत की प्रार्थना
जिला पंचायत अध्यक्ष का नामांकन कराने के बाद प्रत्याशियों ने संकट मोचन मंदिर में माथा टेका और जीत की प्रार्थना की। सपा प्रत्याशी रजनी यादव नामांकन के बाद संकट मोचन मंदिर गईं। पूजन अर्चन किया। जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव, शैलेंद्र यादव, नीलम गुप्ता आदि उपस्थित रहीं। भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
रूट डायवर्जन से यात्री और मरीज परेशान
प्रतिष्ठापूर्ण जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन को लेकर शनिवार को शहर के बाशिंदे हलाकान रहे। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीज, रोडवेज यात्री रूट डायवर्जन की जानकारी न होने पर बार-बार पुलिस से टकराते रहे। रोडवेज बस से कानपुर से आए राकेश प्रजापति ने बताया कि उन्हें भूरागढ़ जाना था, लेकिन कचहरी चौराहे पर लगी बैरिकेडिंग से अब उन्हें डीएम कालोनी रोड से घूमकर जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में इलाज कराने आई सुरतिया ने बताया कि ई-रिक्शे से ओवरब्रिज के रास्ते अस्पताल जा रही थी, लेकिन बैरिकेडिंग से वापस कर दिया गया। इसके बाद डीएम कालोनी रोड से अस्पताल पहुंची। किराया दो गुना लगा और डाक्टर भी उठ गए। नामांकन को लेकर जिला अस्पताल रोड, कचहरी रोड, केवटरा चौराहा, महाराणा प्रताप चौक, रोडवेज चौराहा, संकट मोचन रोड आदि में बैरिकेडिंग लगाई गई थी। रूट डायवर्ट होने से लोगों को दिक्कतें उठाना पड़ीं।