फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Nine people died in the accident of atarra

अतर्रा हादसे में मरने वाले की संख्या नौ हुई

Fri, 14 Aug 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा Updated Fri, 14 Aug 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन
Nine people died in the accident of atarra

खटिकाना मोहाल (गांधी नगर) में दीवार ढहने से दो और घायलों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 9 हो गई। 6 माह की दुधमुंही बच्ची समेत दो घायलों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। उधर, गमगीन माहौल में पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

विज्ञापन


बुधवार की रात हुई हृदय विदारक घटना में 7 लोगों की दीवार ढहने से मलबे में दबकर घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल सुदामा (35) पत्नी सुम्मन, सुकरी (50) पत्नी चंद्रपाल, सविता (20) पुत्री चंद्रपाल और रेशमा (6 माह) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतर्रा में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेज दिया गया था।
विज्ञापन


जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में सुदामा और सुकरी ने दम तोड़ दिया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सविता और रेशमा का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, गमगीन माहौल में कृष्णा नगर (अतर्रा) स्थित श्मशान घाट में तोता, सुदामा, आशा और शांति का अंतिम संस्कार किया गया। सुम्मन ने अपनी मां तोता और पत्नी सुदामा को मुखाग्नि दी। शांति को उसके पुत्र अशोक, सुकरी को उसके पति चंद्रपाल और आशा को उसके पुत्र भोला ने मुखाग्नि दी।

जबकि हादसे का शिकार हुए नाबालिग नीलू पुत्री सुम्मन और अरविंद पुत्र चंद्रपाल को परिजनों ने श्मशान घाट में दफना दिया।

सुमन का भांजा रामजी कर्वी के शंकर बाजार का निवासी था। उसका शव अंतिम संस्कार के लिए कर्वी भेज दिया गया। अंतिम संस्कार के समय राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

बिजली गुल न होती तो बच जाते गरीब परिवार
बांदा। बिजली गुल न होती तो अतर्रा कसबे में दर्दनाक हादसा बच सकता था। खटिकाना मोहाल में अधिकांश गरीब व दलित परिवार रहते हैं। बिजली गुल होने पर सभी घरों के बाहर निकलकर बैठ जाते हैं। घटना के समय बिजली गुल थी।

सभी सीसी गली पर बैठकर समय गुजार रहे थे। इसी बीच पड़ोसी सोनू गुप्ता का कच्चा अटारीदार मकान भरभरा कर ढह गया और सभी मलबे में दब गए। कसबे में शाम 5 बजे से 10 बजे तक बिजली कटौती होती है। इसके बाद रात को 3 से सुबह 6 बजे तक बिजली गुल रहती है।

मृतका सुकरी के पति चंद्रपाल ने बताया कि घटना ठीक 7:45 बजे हुई। बिजली न होने से लोग घरों से बाहर गली पर बैठे थे। इसी दौरान दीवार ढह गई और दुर्घटना में 9 लोगों की जान चली गई।

एसडीओ (विद्युत) रविंद्र कुमार ने बिजली कटौती शेड्यूल की पुष्टि करते हुए कहा कि शाम 5 से 10 बजे कटौती निर्धारित होने के बावजूद एक घंटे पहले 9 बजे आपूर्ति शुरू कर देते हैं। ओवरलोड की समस्या आने पर ही इससे अधिक कटौती होती है।

नेताओं ने दिया भरपूर मदद का भरोसा
जिला अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस में सुबह राजनीतिक दलों के नेताओं व जन प्रतिनिधियों का जमावड़ा शुरू हो गया। विधायक विशंभर सिंह यादव ने जिला अस्पताल में घायलों का हालचाल लेने के बाद पोस्टमार्टम हाउस में मृतकों के परिजनों को सरकार से भरपूर सहायता दिलाने का भरोसा दिया।

कहा कि जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को अवगत करा दिया गया। वह अभी घोषणा तो नहीं करेंगे लेकिन ऊपर बात हो चुकी है, मृतकों और घायल के परिवारीजनों को भरपूर आर्थिक मदद दी जाएगी।


तिंदवारी विधायक व कांग्रेस उपाध्यक्ष दलजीत सिंह, सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, राजेंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ला, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जगराम सिंह, महेंद्र सिंह वर्मा, बसपा जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, मोहम्मद इदरीस, लल्लू निषाद समेत सभी दलों के तमाम नेता पोस्टमार्टम के समय मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed