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नीलकंठेश्वर की पूजा की होड़
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 26 Nov 2015 11:15 PM IST
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कालिंजर। कार्तिक मेला के तीसरे दिन भी ऐतिहासिक
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कालिंजर दुर्ग में देर रात तक भीड़ रही। नीलकंठेश्वर शिव मंदिर में
पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रही। किले के आसपास मेला सा नजारा
रहा।
गुरुवार को पूजन और दुर्ग की छठा का नजारा लेने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जनपदों से लोग यहां आए। जगह-जगह जत्थों में बैठे तमाम परिवारों ने पिकनिक का लुत्फ लिया।
नीलकंठेश्वर मंदिर समेत बुड्ढा-बुड्ढी तालाब, वेंकटेश्वर मंदिर, सात खंभे आदि ऐतिहासिक स्थलों में ज्यादा भीड़ रही। मेला झूला, काला जादू, सर्कस आकर्षण का केंद्र हैं।
उधर, मेला चौकी प्रभारी अनूप पांडेय ने बताया कि मेला की भीड़ में लगभग 26 बच्चे खोए थे। उनके अभिभावकों को तलाश कर बच्चे सौंप दिए गए। मेला प्रभारी दिलीप कुमार और पंचायत सचिव अनिरुद्ध पटेल समेत लेखपाल व्यवस्था संभाले रहे।
गुरुवार को पूजन और दुर्ग की छठा का नजारा लेने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जनपदों से लोग यहां आए। जगह-जगह जत्थों में बैठे तमाम परिवारों ने पिकनिक का लुत्फ लिया।
नीलकंठेश्वर मंदिर समेत बुड्ढा-बुड्ढी तालाब, वेंकटेश्वर मंदिर, सात खंभे आदि ऐतिहासिक स्थलों में ज्यादा भीड़ रही। मेला झूला, काला जादू, सर्कस आकर्षण का केंद्र हैं।
उधर, मेला चौकी प्रभारी अनूप पांडेय ने बताया कि मेला की भीड़ में लगभग 26 बच्चे खोए थे। उनके अभिभावकों को तलाश कर बच्चे सौंप दिए गए। मेला प्रभारी दिलीप कुमार और पंचायत सचिव अनिरुद्ध पटेल समेत लेखपाल व्यवस्था संभाले रहे।