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बांदाः 18 दिन में मात्र 6 फीसदी गेहूं की खरीद, 6005 किसानों ने ही कराया पंजीकरण
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बांदा में गेहूं की सरकारी खरीद परवान नहीं चढ़ पा रही है। 18 दिन में यहां लक्ष्य का सिर्फ साढ़े 6 फीसदी ही खरीद हो पाई है। जिले के 39 केंद्रों पर खरीद हो रही है। 15 अप्रैल से शुरू हुई खरीद 15 जून तक चलेगी।
शासन ने यहां के लिए खरीद का लक्ष्य 69,800 मीट्रिक टन निर्धारित किया है। अब तक सिर्फ 4485.7 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हो सकी है। 6 हजार से ज्यादा किसान खरीद केंद्रों में पंजीकृत हैं, लेकिन गेहूं बेचने वालों की संख्या मात्र 869 ही है। खरीद के इस रुझान पर जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय का कहना है कि लॉकडाउन और मौसम में आए दिन हो रहे बदलाव से गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में 78 हजार किसान हैं। इनमें गेहूं बेचने के लिए अब तक सिर्फ 6055 ने ही पंजीयन कराया। 1189 किसानों का पंजीयन सत्यापन के लिए एसडीएम कार्यालयों में अटका है। जिला विपणन अधिकारी का कहना है कि केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीद केंद्रों के आसपास जनसेवा केंद्र या कंप्यूटर सेंटर खुलवाकर किसानों का पंजीयन कराएं।
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शासन ने यहां के लिए खरीद का लक्ष्य 69,800 मीट्रिक टन निर्धारित किया है। अब तक सिर्फ 4485.7 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हो सकी है। 6 हजार से ज्यादा किसान खरीद केंद्रों में पंजीकृत हैं, लेकिन गेहूं बेचने वालों की संख्या मात्र 869 ही है। खरीद के इस रुझान पर जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय का कहना है कि लॉकडाउन और मौसम में आए दिन हो रहे बदलाव से गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
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कृषि विभाग के अनुसार जिले में 78 हजार किसान हैं। इनमें गेहूं बेचने के लिए अब तक सिर्फ 6055 ने ही पंजीयन कराया। 1189 किसानों का पंजीयन सत्यापन के लिए एसडीएम कार्यालयों में अटका है। जिला विपणन अधिकारी का कहना है कि केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीद केंद्रों के आसपास जनसेवा केंद्र या कंप्यूटर सेंटर खुलवाकर किसानों का पंजीयन कराएं।
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