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Banda News: बुंदेलखंड की धरती उमा प्रजाति की अलसी के लिए मुफीद
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बांदा। बुंदेलखंड में उमा प्रजाति की अलसी लहलहाएगी। यहां की जमीन को इस प्रजाति के लिए मुफीद बताया गया है। जिले के 12 गांवों में इसका प्रदर्शन किया जा रहा है। इसकी मानीटरिंग इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा की जा रही है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने रायपुर के प्राध्यापक (शस्य विज्ञान) व परियोजना समन्वयक (एक्रिप अलसी) डाॅ.संजय द्विवेदी को अनुश्रवण अधिकारी नियुक्त किया है। सोमवार को उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डॉ. श्याम सिंह व डॉ. दीक्षा पटेल के साथ प्रदर्शन क्षेत्र मटौंध गांव में उमा प्रजाति की अलसी का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान गांव के 10 किसान भी शामिल रहे। केंद्र अध्यक्ष ने बताया कि कृषि विवि के तहत अलसी की नई प्रजाति का प्रदर्शन किया जा रहा है।
गोष्ठी में डॉ. द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि उमा प्रजाति की अलसी कम पानी व खाद में पैदा की जा सकती है। बताया कि 15-20 वर्ष पूर्व यहां अलसी की खेती व्यापक स्तर पर होती थी, लेकिन वर्तमान में इसकी जगह मटर, मसूर व सरसों आदि फसलों ने ले ली है। किसानों को अलसी फसल का दायरा बढ़ाने की नसीहत दी। डॉ. जीएस पवार, अधिष्ठाता (कृषि) डॉ. एसके सिंह, प्राध्यापक डॉ. एके चौबे, डॉ.जगन्नाथ पाठक, डॉ.सीएम सिंह, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता रहे।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने रायपुर के प्राध्यापक (शस्य विज्ञान) व परियोजना समन्वयक (एक्रिप अलसी) डाॅ.संजय द्विवेदी को अनुश्रवण अधिकारी नियुक्त किया है। सोमवार को उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डॉ. श्याम सिंह व डॉ. दीक्षा पटेल के साथ प्रदर्शन क्षेत्र मटौंध गांव में उमा प्रजाति की अलसी का निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान गांव के 10 किसान भी शामिल रहे। केंद्र अध्यक्ष ने बताया कि कृषि विवि के तहत अलसी की नई प्रजाति का प्रदर्शन किया जा रहा है।
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गोष्ठी में डॉ. द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि उमा प्रजाति की अलसी कम पानी व खाद में पैदा की जा सकती है। बताया कि 15-20 वर्ष पूर्व यहां अलसी की खेती व्यापक स्तर पर होती थी, लेकिन वर्तमान में इसकी जगह मटर, मसूर व सरसों आदि फसलों ने ले ली है। किसानों को अलसी फसल का दायरा बढ़ाने की नसीहत दी। डॉ. जीएस पवार, अधिष्ठाता (कृषि) डॉ. एसके सिंह, प्राध्यापक डॉ. एके चौबे, डॉ.जगन्नाथ पाठक, डॉ.सीएम सिंह, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता रहे।
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