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हाईवे पर मिट्टी-गिट्टी भरी, छोटे वाहनों का आवागमन शुरू
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Mud-ballasted on the highway, the movement of small vehicles started
- फोटो : BANDA
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बेंदाघाट। बांदा-टांडा हाईवे में यमुना नदी के नजदीक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस जाने पर चौथे दिन भी बड़े वाहनों का आवागमन ठप रहा। एनएच अधिकारियों की मौजूदगी में मजदूरों द्वारा धंसे हिस्से में मिट्टी-गिट्टी भरने के बाद छोटे वाहनों का आवागमन बहाल हो गया है। रोडवेज बसें चिल्ला-पपरेंदा होकर कानपुर-लखनऊ जा रही हैं।
कई दिनों से हुई मूसलाधार बारिश से बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग-232 में रविवार को दोपहर सड़क पटरी से लगभग 25 फीट हिस्सा धंस गया था। बेंदाघाट चौकी पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया था। यहां से गुजरने वाले सभी वाहनों को चिल्ला-पपरेंदा होकर निकाला गया। इससे यात्रियों को लगभग 20 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करना पड़ी।
बारिश थमने के बाद एनएच अभियंता ने निरीक्षण किया और अपनी मौजूदगी में मजदूरों से धंसी सड़क में मिट्टी भरी बोरियां भरवाईं। डस्ट और गिट्टी डलवाकर सड़क का समतलीकरण किया। इसके बाद छोटे वाहनों का आवागमन बहाल हो गया।
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हालांकि अभी बड़े वाहनों को यहां से नहीं गुजरने दिया जा रहा है। रोडवेज बस और ट्रकों को चिल्ला होकर गुजारा जा रहा है। बसों का संचालन न होने से क्षेत्रीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा
है। कानपुर-लखनऊ जाने वालों को लगभग 20 किमी दूर बंधवा गांव जाना पड़ रहा है। बेंदा से बंधवा तक की अतिरिक्त यात्रा और खर्च से ग्रामीणों में रोष है। अधिकारियों से शीघ्र सड़क दुरुस्त कराकर बसों का संचालन शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।
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कई दिनों से हुई मूसलाधार बारिश से बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग-232 में रविवार को दोपहर सड़क पटरी से लगभग 25 फीट हिस्सा धंस गया था। बेंदाघाट चौकी पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया था। यहां से गुजरने वाले सभी वाहनों को चिल्ला-पपरेंदा होकर निकाला गया। इससे यात्रियों को लगभग 20 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करना पड़ी।
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बारिश थमने के बाद एनएच अभियंता ने निरीक्षण किया और अपनी मौजूदगी में मजदूरों से धंसी सड़क में मिट्टी भरी बोरियां भरवाईं। डस्ट और गिट्टी डलवाकर सड़क का समतलीकरण किया। इसके बाद छोटे वाहनों का आवागमन बहाल हो गया।
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हालांकि अभी बड़े वाहनों को यहां से नहीं गुजरने दिया जा रहा है। रोडवेज बस और ट्रकों को चिल्ला होकर गुजारा जा रहा है। बसों का संचालन न होने से क्षेत्रीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा
है। कानपुर-लखनऊ जाने वालों को लगभग 20 किमी दूर बंधवा गांव जाना पड़ रहा है। बेंदा से बंधवा तक की अतिरिक्त यात्रा और खर्च से ग्रामीणों में रोष है। अधिकारियों से शीघ्र सड़क दुरुस्त कराकर बसों का संचालन शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।