फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   MP police is merciful on the dreaded criminals

खूंखार अपराधियों पर रहमदिल रही है एमपी पुलिस

Fri, 10 Jul 2020 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 11:27 PM IST
विज्ञापन
MP police is merciful on the dreaded criminals
बांदा। एमपी पुलिस की रहमदिली है या कुछ और कि यूपी में बड़े अपराधों को अंजाम देने वाले खूंखार अपराधियों की अक्सर जान बख्श देती है। इसकी कई बानगी है। जिन बदमाशों को यूपी पुलिस गोली से उड़ाने की फिराक में रहती है, उन्हें एमपी पुलिस थाने में ससम्मान सरेंडर का मौका देती है।
विज्ञापन

ददुआ, ठोकिया और पप्पू यादव इत्यादि यूपी के खूंखार गिरोहों के बदमाशों का एमपी में सरेंडर इसका उदाहरण है। आठ पुलिसकर्मियों की सामूहिक हत्या के आरोपी विकास दुबे के साथ भी यही हुआ। उज्जैन में उसे दो कांस्टेबलों ने बड़ी आसानी से पकड़कर मात्र एक थप्पड़ जड़ा। हालांकि एक दिन बाद ही यूपी पुलिस ने विकास दुबे के सीने में कई गोलियां उतारकर उसका खात्मा कर दिया।
विज्ञापन

एमपी पुलिस की यूपी के अपराधियों पर दरियादिली के किस्से पुराने हैं। एक दशक पूर्व फरवरी 2008 में उस जमाने में यूपी के सबसे कुख्यात इनामी दस्यु सरगना ददुआ गिरोह के हार्डकोर सदस्य राधे उर्फ सूबेदार कुर्मी, रोहिणी उर्फ तहसीलदार कुर्मी, भुंडा उर्फ गोटर, राजू कोल व भास्कर ने सतना (एमपी) जिले के मझगवां थाना क्षेत्र में सशस्त्र आत्मसमर्पण किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहां समर्थकों ने इनका फूलों की माला डालकर स्वागत सत्कार किया था। यह देखकर तत्कालीन डीआईजी ने नाराजगी भी जताई थी। बाद में यूपी पुलिस ने सभी बदमाशों को अपने कब्जे में लिया। ये अभी भी चित्रकूट जेल में हैं। ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में आठ निर्दोष लोगों की सामूहिक हत्या के आरोपी दस्यु सरगना पप्पू यादव को भी एमपी पुलिस ने सतना जिले में गिरोह के छह बदमाशों के साथ मुठभेड़ के नाम पर हाजिर होने का पूरा मौका दिया। बाद में पप्पू सहित गिरोह के यह बदमाश यूपी (बांदा) पुलिस के हवाले कर दिए गए। इसी तरह वर्ष 2011 में पांच लाख के इनामी डकैत ज्ञान सिंह ने भी सतना (एमपी) में सरेंडर किया था।
एमपी पुलिस की यह अजीबोगरीब कार्य प्रणाली एक बार फिर ताजा हो गई है। कानपुर में सीओ और थानाध्यक्ष सहित आठ पुलिस कर्मियों की सामूहिक हत्या के आरोपी विकास दुबे को मध्य प्रदेश में ही सुरक्षित पनाह मिली। बड़ी आसानी से वह उज्जैन के महाकाल मंदिर में अप्रत्याशित ढंग से पुलिस के हत्थे जा लगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इसके गवाह हैं कि इतने बड़े संगीन आरोपी को एमपी पुलिस ने कितना हल्के से लिया। दो कांस्टेबल ही उसे पकड़कर वाहन में बैठाते दिखे।

अलबत्ता चल रहे कैमरों में दिखाने के लिए एक सिपाही ने विकास को सिर्फ एक थप्पड़ जड़ दिया। एमपी पुलिस ने जहां अपनी परंपरा बरकरार रखी तो यूपी पुलिस ने भी अपनी रिवायत कायम रखते हुए विकास दुबे को अपने कब्जे में आते ही ठिकाने लगा दिया। यूपी पुलिस की दलील है कि उज्जैन से कानपुर लाते समय वाहन पलट जाने से मची अफरा-तफरी में विकास भाग रहा था। तभी पुलिस की फायरिंग में मारा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed