{"_id":"6690353852b9cad2160ee496","slug":"motor-blown-in-bangalipura-harijan-basti-drinking-water-crisis-banda-news-c-212-1-bnd1004-113012-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बंगालीपुरा हरिजन बस्ती में फुंका मोटर, पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बंगालीपुरा हरिजन बस्ती में फुंका मोटर, पेयजल संकट
विज्ञापन
बांदा। शहर के बंगालीपुरा मोहल्ले में अनुसूचित जाति बस्ती में करीब 25 घरों में तीन दिन से एक-एक बाल्टी पानी के लाले हैं। जल संस्थान से एक टैंकर पहुंचने पर उस पर भीड़ टूट पड़ती है। यहां दशकों पुरानी पाइप लाइन ध्वस्त है और हैंडपंप में मोटर लगाकर यहां पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो तीन दिन से फुंका है।
बंगालीपुरा मोहल्ले में बड़े पोस्ट ऑफिस के सामने अनुसूचित जाति बस्ती आबाद है। यहां करीब 25 घरों में दो सौ की आबादी है। गली में अब तक नई पाइप लाइन नहीं पहुंच सकी है। दशकों पुरानी पाइप लाइन है, जो ध्वस्त पड़ी है। हाईवे किनारे लगे हैंडपंप में चार वर्ष पहले जल संस्थान ने मोटर लगवा दी थी। इसी से उनका गुजारा चलता था। मंगलवार को सुबह अचानक तेज वोल्टेज आने से हैंडपंप में लगा मोटर फुंक गया। तब से लोग एक-एक बाल्टी पानी को मोहताज हैं।
गुरुवार को सुबह जल संस्थान एक टैंकर भेजा गया तो उसमें महिलाओं की भीड़ टूट पड़ी। पानी भरने को लेकर कई महिलाओं में विवाद भी होता रहा। टैंकर से पानी भरने आई वृद्धा कौतकी ने बताया कि एक टैंकर में 25 घरों के लिए कुछ नहीं होता। पीने भर को पानी मिल जाए तो बहुत है। वह भी गंदा रहता है और बदबू मारता है। टैंकरों की कभी सफाई नहीं होती।
विज्ञापन
-बंगालीपुर की अनुसूचित जाति बस्ती में हैंडपंप में लगा मोटर फुंक गया है। इससे पानी संकट है। मोटर को जल्द बदलवाया जाएगा। तब तक टैंकर से पानी भेजा जा रहा है।-राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।
विज्ञापन
बंगालीपुरा मोहल्ले में बड़े पोस्ट ऑफिस के सामने अनुसूचित जाति बस्ती आबाद है। यहां करीब 25 घरों में दो सौ की आबादी है। गली में अब तक नई पाइप लाइन नहीं पहुंच सकी है। दशकों पुरानी पाइप लाइन है, जो ध्वस्त पड़ी है। हाईवे किनारे लगे हैंडपंप में चार वर्ष पहले जल संस्थान ने मोटर लगवा दी थी। इसी से उनका गुजारा चलता था। मंगलवार को सुबह अचानक तेज वोल्टेज आने से हैंडपंप में लगा मोटर फुंक गया। तब से लोग एक-एक बाल्टी पानी को मोहताज हैं।
विज्ञापन
गुरुवार को सुबह जल संस्थान एक टैंकर भेजा गया तो उसमें महिलाओं की भीड़ टूट पड़ी। पानी भरने को लेकर कई महिलाओं में विवाद भी होता रहा। टैंकर से पानी भरने आई वृद्धा कौतकी ने बताया कि एक टैंकर में 25 घरों के लिए कुछ नहीं होता। पीने भर को पानी मिल जाए तो बहुत है। वह भी गंदा रहता है और बदबू मारता है। टैंकरों की कभी सफाई नहीं होती।
विज्ञापन
-बंगालीपुर की अनुसूचित जाति बस्ती में हैंडपंप में लगा मोटर फुंक गया है। इससे पानी संकट है। मोटर को जल्द बदलवाया जाएगा। तब तक टैंकर से पानी भेजा जा रहा है।-राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।