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Banda News: दो किमी. सड़क पर 200 से ज्यादा गड्ढे
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बांदा। सड़कों के निर्माण में ठेकेदार और अधिकारी जमकर खेल कर रहे हैं। दो माह पहले बनी सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च किए, पर घटिया निर्माण होने से यह माह भर में भी उखड़ गई। पैचिंग कराने के बाद भी सड़क गड्ढों से मुक्त नहीं हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग की दो किलोमीटर सड़क में करीब 200 गड्ढे हैं। ये हादसे का सबब बन रहे हैं।
टांडा-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-232 की शुरुआत जिले के महोखर बाईपास से होती है। यह मार्ग शुरुआत से ही ध्वस्त है, जबकि हर वर्ष मरम्मत और पैचिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
बाईपास से महोखर गांव स्थित राजकीय स्पर्श इंटर कॉलेज तक दो किलोमीटर का यह मार्ग गड्ढे से मुक्त नहीं हो पा रहा है। एनएचएआई रायबरेली के क्षेत्र में यह मार्ग आता है। सितंबर में करीब 80 किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए 60 करोड़ रुपये खर्च किए गए। रायबरेली के एक ठेकेदार ने इसका काम लिया था।
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सितंबर में करीह छह करोड़ रुपये खर्च बाईपास से महोखर गांव तक दो किलोमीटर सड़क (डिवाइडर के बाएं वाली) छह करोड़ रुपये खर्च कर बनाई थी। इस सड़क से पूरे दिन ओवरलोड ट्रक व अन्य वाहन गुजरते हैं। इससे यह सड़क एक माह का भी समय पार नहीं कर पाई और कई जगह सड़क धंस गई और गड्ढे हो गए। शासन स्तर पर शिकायत होने के बाद ठेकेदार ने दोबारा सड़क की पैचिंग कराई। पैचिंग भी माह भर से ज्यादा नहीं चली।
दो किलोमीटर सड़क में करीब दो सौ से ज्यादा गड्ढे हैं। गड्ढे होने की वजह से वाहन फर्राटा नहीं भर पा रहे हैं। आए दिन ट्रकों को साइड देने में बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं।
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टांडा-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-232 की शुरुआत जिले के महोखर बाईपास से होती है। यह मार्ग शुरुआत से ही ध्वस्त है, जबकि हर वर्ष मरम्मत और पैचिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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बाईपास से महोखर गांव स्थित राजकीय स्पर्श इंटर कॉलेज तक दो किलोमीटर का यह मार्ग गड्ढे से मुक्त नहीं हो पा रहा है। एनएचएआई रायबरेली के क्षेत्र में यह मार्ग आता है। सितंबर में करीब 80 किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए 60 करोड़ रुपये खर्च किए गए। रायबरेली के एक ठेकेदार ने इसका काम लिया था।
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सितंबर में करीह छह करोड़ रुपये खर्च बाईपास से महोखर गांव तक दो किलोमीटर सड़क (डिवाइडर के बाएं वाली) छह करोड़ रुपये खर्च कर बनाई थी। इस सड़क से पूरे दिन ओवरलोड ट्रक व अन्य वाहन गुजरते हैं। इससे यह सड़क एक माह का भी समय पार नहीं कर पाई और कई जगह सड़क धंस गई और गड्ढे हो गए। शासन स्तर पर शिकायत होने के बाद ठेकेदार ने दोबारा सड़क की पैचिंग कराई। पैचिंग भी माह भर से ज्यादा नहीं चली।
दो किलोमीटर सड़क में करीब दो सौ से ज्यादा गड्ढे हैं। गड्ढे होने की वजह से वाहन फर्राटा नहीं भर पा रहे हैं। आए दिन ट्रकों को साइड देने में बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं।