फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   More than 100 cattle from three villages are affected by the disease

Chitrakoot News: बीमारी की चपेट में तीन गांवों के 100 से अधिक मवेशी

Sun, 17 Aug 2025 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Aug 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
More than 100 cattle from three villages are affected by the disease
फोटो 16 सीकेटीपी-21- परिचय- भुजौली गांव में पशुओें का टीकाकरण करती पशु विभाग की टीम। संवाद
चित्रकूट। बाढ़ का पानी घटा तो गांवों में बीमारियां फैल रही हैं। पाठा क्षेत्र के तीन गांव में 100 से अधिक मवेशी खुरपका और मुंहपका बीमारी की चपेट में है। विभाग का दावा है कि खुरपका और मुंहपका रोग नहीं फैला है। ये मवेशी फुटरोट नामक बीमारी से पीड़ित हैं। जिले में साढ़े चार लाख से अधिक मवेशियों का टीकाकरण किया जा रहा है।
विज्ञापन

जिले में एक माह से बारिश और कई जगह बाढ़ के हालात से कीचड़ और गंदगी है। इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा है। पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। लगातार पानी कीचड़ और गंदगी में रहने से मवेशियों में भी बीमारी फैल रही है। प्रगतिशील किसान योगेश जैन ने बताया कि मवेशियों में खुरपका व मुंहपका बीमारी फैली है। सकरौंहा गांव के किसान चुनवाद प्रसाद ने बताया कि भैंस और गाय के पैरों में कीड़े पड़ गए हैं। गांव के लगभग 35 मवेशी इस बीमारी से पीड़ित हैं। इटवा डुडैला निवासी मन्नू कोल ने बताया कि गांव में भी पशुओं में यह रोग फैला है। मऊ के संतोष मिश्रा ने बताया कि बारिश व बाढ़ के बाद मवई कला व इससे जुडे अन्य गांव के पशुओं में बीमारी फैली है। बताया कि क्षेत्रीय पशु विभाग के डॉक्टर व अस्पताल के स्टॉफ से टीकाकरण व इलाज के लिए कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन


जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश पांडेय ने बताया कि खुरपका मुंहपका रोग रोधी टीकाकरण अभियान चल रहा है। मऊ व कर्वी में चार-चार,मानिकपुर में तीन, पहाड़ी व रामनगर में दो-दो टीमें लगाई गई हैं। पांच सितंबर तक चार लाख 67 हजार 500 मवेशियों का निशुल्क टीकाकरण किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में फिलहाल खुरपका मुंहपका रोग नहीं फैला है। फुटरोट नामक रोग बारिश के बाद कीचड में पशुओं को होता है। जानकारी मिलने पर इलाज कराने के लिए टीम भेजी जाती है।


फोटो नंबर-16- टीकाकरण करते पशु स्वास्थ्य कर्मी
पशु स्वास्थ्य शिविर में खुरपका व मुंहपका का टीका लगाया

संवाद न्यूज एजेंंसी
चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां व पशु विभाग की तरफ से बरहट व भुजौली गांव में पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र नेगी बरहट व बुभौजली गांव पहुंंचे। इन गांवों में खुरपका व मुंहपका रोग तेजी से फैल रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यहां मवेशियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। ग्रामीणों को रोग और पहचान की जानकारी दी गई। 300 से अधिक मवेशियों का टीकाकरण किया गया। बीमार पशुओं के उपचार किया गया। डॉ. दीपेश भरत मिश्रा ने बताया कि पशुओं में होने वाला फुट एंड माउथ डिज़ीज एक अत्याधिक संक्रामक रोग है। जो गाय, भैंस, बकरी, भेड़ जैसे खुर वाले जानवरों में तेजी से फैलती है। इसके लक्षणों में मुंह, जीभ, और होंठों पर फफोले या घाव होना अत्याधिक लार, गिरना, पैरों के खुरों मेंं सूजन या फफोले के कारण लंगड़ाना, दूध उत्पादन में तेज गिरावट आना, जानवरों के दूध उत्पादन में कमी आती है। इसके लिए बीमार पशुओं को स्वस्थ्य पशुओं के साथ नहीं रखें। इस मौके पर चिकित्सालय की टीम मौजूद रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed