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छेड़छाड़ और मारपीट में चार वर्ष की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 10 Dec 2015 12:00 AM IST
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बांदा। सूने घर में दलित किशोरी के साथ छेड़छाड़ और
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मारपीट कर घायल करने के मामले में अभियुक्त को चार वर्ष की सश्रम कारावास व
एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया गया। उधर, मारपीट के मामले में चार
आरोपियों को दो-दो साल की सजा और जुर्माना से दंडित किया।
नरैनी थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने 11 फरवरी 2006 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि कटर्रा (धरमपुर, पन्ना) निवासी पप्पू पुत्र नसीरा ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की।
विरोध करने पर मारापीटा। शोर मचाने पर भाग निकला। धारा 354, 452 व 323 के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) हरिनाथ पांडेय की अदालत में सुनवाई के दौरान ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ने छह गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए चार वर्ष की सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अन्य धाराओं में भी सजा की गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
उधर, कोतवाली देहात के लामा गांव निवासी शिव कुमार ने 23 दिसंबर 2009 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि गांव के सदाशिव, रामशरण, सरमन पुत्रगण बंधुवा व रामखिलावन ने अभद्रता करते हुए उसकी पिटाई की।
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद एसीजेएम (द्वितीय) रामदयाल के यहां सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी आरके सिंह ने पांच गवाह पेश किए। अदालत ने सभी को दोषी पाते हुए दो-दो साल की सजा व दो-दो हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अन्य धाराओं में भी सजा व जुर्माना किया।
नरैनी थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने 11 फरवरी 2006 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि कटर्रा (धरमपुर, पन्ना) निवासी पप्पू पुत्र नसीरा ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की।
विरोध करने पर मारापीटा। शोर मचाने पर भाग निकला। धारा 354, 452 व 323 के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) हरिनाथ पांडेय की अदालत में सुनवाई के दौरान ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ने छह गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए चार वर्ष की सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अन्य धाराओं में भी सजा की गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
उधर, कोतवाली देहात के लामा गांव निवासी शिव कुमार ने 23 दिसंबर 2009 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि गांव के सदाशिव, रामशरण, सरमन पुत्रगण बंधुवा व रामखिलावन ने अभद्रता करते हुए उसकी पिटाई की।
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद एसीजेएम (द्वितीय) रामदयाल के यहां सुनवाई के दौरान अभियोजन अधिकारी आरके सिंह ने पांच गवाह पेश किए। अदालत ने सभी को दोषी पाते हुए दो-दो साल की सजा व दो-दो हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अन्य धाराओं में भी सजा व जुर्माना किया।