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जिले में शुरू हुआ मिशन इंद्रधनुष
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 07 Jun 2015 11:45 PM IST
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शिशु मृत्युदर कम करने और संपूर्ण टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा शुरू किया गया मिशन इंद्रधनुष अभियान रविवार को यहां भी शुरू हो गया। यह एक हफ्ते चलेगा। चिकित्साधिकारियों ने बताया कि नवजात शिशु से लेकर 2 वर्ष तक के बच्चों को 7 गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण कराना जरूरी है।
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मिशन की शुरुआत रविवार को जिला महिला चिकित्सालय के पीपी सेंटर में चित्रकूटधाम मंडल के संयुक्त निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डा. एनडी शर्मा ने की। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. ओपी माहौर ने बताया कि यह अभियान चार चरणों में चलेगा।
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अंतिम चरण 7 से 14 जुलाई के बीच होगा। इसमें एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रि माइक्रो प्लान के तहत घर-घर जाकर टीकाकरण करेंगी। गर्भवती महिलाओं से लेकर जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों को टीका लगवाना अनिवार्य है। बच्चों में काली खांसी, गलाघोंटू, खसरा, टिटनेस, टीबी और चेचक की बीमारियां हो जाती हैं।
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इसमें बच्चों की अक्सर मौत हो जाती है। यह टीकाकरण अभियान बच्चों को इन बीमारियों से बचाएगा। अभियान की मानीटरिंग जिला स्तरीय अधिकारी और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा की जाएगी। मिशन की शुरुआत के मौके पर यूनीसेफ प्रतिनिधि डा. प्रेमचंद्र यादव, मुनेंद्र पाल, राकेश कुमार, एनएचआरएम जिला कार्यक्रम प्रबंधक कुशल यादव और आमिर हाशमी आदि उपस्थित रहे।