{"_id":"bf562b577a5bc1b1dae17a92096efeb8","slug":"misa-detainee-and-the-doctor-went-on-the-patient-upset-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीसा बंदी और चिकित्सक भिड़े, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीसा बंदी और चिकित्सक भिड़े, मरीज परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 22 Nov 2015 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। जिला अस्पताल में लोकतंत्र रक्षक सेनानी और
विज्ञापन
चिकित्सक के बीच हुए विवाद के बाद लामबंद हो गए अस्पताल के डाक्टरों ने काम
ठप कर दिया।
पुलिस कार्यालय जाकर एसपी को ज्ञापन दिया। डाक्टरों की तहरीर पर लोकतंत्र रक्षक सेनानी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उधर, सेनानी ने भी डाक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी नौशाद अली भारती शनिवार को दोपहर इलाज कराने जिला अस्पताल आए थे। लगभग 11:30 बजे यहां फिजीशियन डा. एसके चौधरी से उनका विवाद हो गया।
दोनों में तीखी नोकझोंक हुई। मारपीट तक की नौबत आ गई। शोर होने पर सभी चिकित्सक इकट्ठा हो गए और मरीज देखना छोड़कर एसपी कार्यालय जा पहुंचे।
एसपी के आदेश पर कोतवाली में नौशाद अली के खिलाफ मारपीट, सरकारी काम में बाधा, अभद्रता, धमकी और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
उधर, लोकतंत्र रक्षक सेनानी ने अपर एसपी को दी तहरीर में कहा है कि मरीज देखने के समय डा. एसके चौधरी मोबाइल फोन पर देर तक बात करने में मशगूल थे, जबकि ढेरों मरीज उन्हें दिखाने के लिए इंतजार में बैठे थे।
नौशाद के मुताबिक उन्हें मिर्गी की शिकायत है। जल्दी देखने को कहा तो डाक्टर बिफर पड़े। यह घटना सभी मरीजों ने देखी और ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन पर डाक्टर के बतियाने की फोटो और वीडियो भी ली है।
आरोप लगाया कि डाक्टर ने तूल देने के लिए ओपीडी रजिस्टर के दो-तीन पन्ने खुद फाड़ दिए। उधर, इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एसएन गुप्ता का कहना है कि डाक्टरों के साथ ऐेसा अभद्र व्यवहार हुआ तो मरीज कैसे देखेंगे? सिर्फ दो-तीन होमगार्डों से काम नहीं चलेगा। सुरक्षा के लिए कांस्टेबल नियुक्त किए जाने चाहिए।
पुलिस कार्यालय जाकर एसपी को ज्ञापन दिया। डाक्टरों की तहरीर पर लोकतंत्र रक्षक सेनानी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उधर, सेनानी ने भी डाक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी नौशाद अली भारती शनिवार को दोपहर इलाज कराने जिला अस्पताल आए थे। लगभग 11:30 बजे यहां फिजीशियन डा. एसके चौधरी से उनका विवाद हो गया।
दोनों में तीखी नोकझोंक हुई। मारपीट तक की नौबत आ गई। शोर होने पर सभी चिकित्सक इकट्ठा हो गए और मरीज देखना छोड़कर एसपी कार्यालय जा पहुंचे।
एसपी के आदेश पर कोतवाली में नौशाद अली के खिलाफ मारपीट, सरकारी काम में बाधा, अभद्रता, धमकी और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
उधर, लोकतंत्र रक्षक सेनानी ने अपर एसपी को दी तहरीर में कहा है कि मरीज देखने के समय डा. एसके चौधरी मोबाइल फोन पर देर तक बात करने में मशगूल थे, जबकि ढेरों मरीज उन्हें दिखाने के लिए इंतजार में बैठे थे।
नौशाद के मुताबिक उन्हें मिर्गी की शिकायत है। जल्दी देखने को कहा तो डाक्टर बिफर पड़े। यह घटना सभी मरीजों ने देखी और ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन पर डाक्टर के बतियाने की फोटो और वीडियो भी ली है।
आरोप लगाया कि डाक्टर ने तूल देने के लिए ओपीडी रजिस्टर के दो-तीन पन्ने खुद फाड़ दिए। उधर, इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एसएन गुप्ता का कहना है कि डाक्टरों के साथ ऐेसा अभद्र व्यवहार हुआ तो मरीज कैसे देखेंगे? सिर्फ दो-तीन होमगार्डों से काम नहीं चलेगा। सुरक्षा के लिए कांस्टेबल नियुक्त किए जाने चाहिए।