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मनरेगा: 17 करोड़ मजदूरी बाकी, दौरों में आठ करोड़ खर्च
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 13 Apr 2016 12:14 AM IST
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बांदा। सूखे बुंदेलखंड के पांच जिलों मेें मनरेगा मजदूरों की 17 करोड़ से ज्यादा मजदूरी बकाया है लेकिन मनरेगा संबंधी अफसरों के दौरों में बीते वित्तीय वर्ष में आठ करोड़ रुपये से ज्यादा फूंक दिए गए। मजदूर आज भी भुगतान के लिए अफसरों की ड्योढ़ी नाप रहे हैं।
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बांदा में 5 करोड़ 56 लाख 42 हजार, चित्रकूट में 3 करोड़ 7 लाख 15 हजार, हमीरपुर में 3 करोड़ 62 लाख 8 हजार, महोबा में एक करोड़ 44 लाख 21 हजार और जालौन में 4 करोड़ 11 लाख 87 हजार रुपये मजदूरी बकाया है। 17 करोड़ 81 लाख 73 हजार रुपये मजदूरी के लिए यहां के मजदूर अफसरों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2015-16 में मनरेगा संबंधी अफसरों के दौरों में बांदा में 2 करोड़ 38 लाख 81 हजार, चित्रकूट मेें एक करोड़ 45 लाख 13 हजार, हमीरपुर मेें एक करोड़ 16 लाख 51 हजार, महोबा में 92 लाख 76 हजार और जालौन मेें 2 करोड़ 8 लाख 58 हजार रुपये का प्रशासनिक खर्च बताया गया है।
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भ्रमण के दौरान जलपान का प्रावधान
बांदा। मनरेगा के चित्रकूटधाम मंडल उपायुक्त महेंद्र पांडेय ने बताया कि मनरेगा संबंधी निरीक्षण और भ्रमण के दौरान हुए प्रशासनिक खर्च में जलपान (चाय-नाश्ता) के अलावा स्टेशनरी, कंप्यूटर खरीद व मरम्मत, कार्यालय का मेंटीनेंस और मनरेगा से संबंधित कर्मचारियोें, रोजगार सेवक, आपरेटर, तकनीकी सहायक आदि का मानदेय का खर्च भी शामिल है। उपायुक्त ने कहा कि फिजूलखर्ची या गाइड लाइन की अनदेखी करके कोई खर्च नहीं होता।
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