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मेगा अदालत में निपटे 26,943 मामले
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:03 PM IST
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बांदा। राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में 26,943 मामले
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सुलह से निपट गए। 7,78,094 रुपये अर्थदंड वसूला। मोटर दुर्घटना प्रतिकर
वादों में बीमा कंपनियों से 1,44,05,861 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए गए।
बैंकों ने ऋण संबंधी 523 मामले निपटाकर 2.65 करोड़ रुपये वसूल किए।
शनिवार को न्यायालय परिसर में आयोजित मेगा लोक अदालत की अध्यक्षता कर रहे जनपद न्यायाधीश गुरुशरण श्रीवास्तव ने मोटर दुर्घटना संबंधी 20 वाद निस्तारित किए। 53,87,000 रुपये पीड़ितों को दिलाए।
एक प्रकीर्ण वाद भी निस्तारित किया। प्रथम अपर जिला जज कृष्ण कुमार अस्थाना ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर संबंधी चार वाद निस्तारित कर 9,65,000 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। चार प्रकीर्ण वादों का भी निपटारा किया।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) हरिनाथ पांडेय ने मोटर दुर्घटना के दो वादों का निपटारा कर पीड़ितों को 5,56,000 रुपये दिलाए। 13 प्रकीर्ण वाद भी निस्तारित किए। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) ब्रजलाल चौरसिया ने 11 प्रकीर्ण और एक मोटर दुर्घटना मामला निपटाया।
बीमा कंपनी से पीड़ितों को 2,50,000 रुपये दिलाए। विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) नरेंद्र कुमार झा ने 11 अन्य प्रकीर्ण वाद और मोटर दुर्घटना के 19 वाद निस्तारित किए।
17,98,000 रुपये पीड़ितों को दिलाए। चार विद्युत अधिनियम के मामले निस्तारित कर 40,051 रुपये अर्थदंड वसूला। अपर जिला जज संजय सिंह ने मोटर दुर्घटना के पांच वादों का निपटारा कर 19,90,361 और तृतीय अपर जिला न्यायाधीश सुनील कुमार श्रीवास्तव ने आठ वाद निस्तारित कर 25,70,000 रुपये पीड़ित पक्षों को दिलाए।
अपर जिला जज चतुर्थ अरुण कुमार मल्ल ने चार मामले निपटाकर बीमा कंपनी को 5,35,000 रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए। छह अन्य प्रकीर्ण वाद भी निस्तारित किए।
त्वरित अपर जिला जज शाम कुमार ने अन्य प्रकीर्ण और मोटर दुर्घटना के तीन-तीन मुकदमे निपटाए। 3,54,500 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। प्रधान न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) प्रमोद कुमार ने वैवाहिक व भरण-पोषण के 53 मामलों का निस्तारण किया।
सीजेएम नरेश कुमार ने 912 वाद निस्तारित कर 97,990 रुपये और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने 902 मुकदमे निपटाकर 3,33,521 रुपये जुर्माना वसूल किया।
प्रथम अपर सीजेएम तबरेज अहमद ने 1824 मामले निस्तारित कर 94,305 रुपये अर्थदंड वसूला। द्वितीय अपर सीजेएम रामदयाल ने 936, सिविल जज (अतर्रा) मृदांश कुमार ने 196, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भूलाराम ने 118 और प्रथम अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रुचि तिवारी ने 15 वाद निस्तारित किए।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अमित कुमार यादव ने आठ व्यवहारिक मामले निपटाए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी ने 17 लघु आपराधिक मामले निपटाकर 8600 रुपये अर्थदंड लगाया।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय जीपी गुप्ता ने 46 वादों का निस्तारण कर 15,850 रुपये जुर्माना वसूला। उधर, राजस्व संबंधी 21,195 मामले सुलह से निपट गए। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों समेत अधिवक्ता, बीमा कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
शनिवार को न्यायालय परिसर में आयोजित मेगा लोक अदालत की अध्यक्षता कर रहे जनपद न्यायाधीश गुरुशरण श्रीवास्तव ने मोटर दुर्घटना संबंधी 20 वाद निस्तारित किए। 53,87,000 रुपये पीड़ितों को दिलाए।
एक प्रकीर्ण वाद भी निस्तारित किया। प्रथम अपर जिला जज कृष्ण कुमार अस्थाना ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर संबंधी चार वाद निस्तारित कर 9,65,000 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। चार प्रकीर्ण वादों का भी निपटारा किया।
विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) हरिनाथ पांडेय ने मोटर दुर्घटना के दो वादों का निपटारा कर पीड़ितों को 5,56,000 रुपये दिलाए। 13 प्रकीर्ण वाद भी निस्तारित किए। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) ब्रजलाल चौरसिया ने 11 प्रकीर्ण और एक मोटर दुर्घटना मामला निपटाया।
बीमा कंपनी से पीड़ितों को 2,50,000 रुपये दिलाए। विशेष न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) नरेंद्र कुमार झा ने 11 अन्य प्रकीर्ण वाद और मोटर दुर्घटना के 19 वाद निस्तारित किए।
17,98,000 रुपये पीड़ितों को दिलाए। चार विद्युत अधिनियम के मामले निस्तारित कर 40,051 रुपये अर्थदंड वसूला। अपर जिला जज संजय सिंह ने मोटर दुर्घटना के पांच वादों का निपटारा कर 19,90,361 और तृतीय अपर जिला न्यायाधीश सुनील कुमार श्रीवास्तव ने आठ वाद निस्तारित कर 25,70,000 रुपये पीड़ित पक्षों को दिलाए।
अपर जिला जज चतुर्थ अरुण कुमार मल्ल ने चार मामले निपटाकर बीमा कंपनी को 5,35,000 रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए। छह अन्य प्रकीर्ण वाद भी निस्तारित किए।
त्वरित अपर जिला जज शाम कुमार ने अन्य प्रकीर्ण और मोटर दुर्घटना के तीन-तीन मुकदमे निपटाए। 3,54,500 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। प्रधान न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) प्रमोद कुमार ने वैवाहिक व भरण-पोषण के 53 मामलों का निस्तारण किया।
सीजेएम नरेश कुमार ने 912 वाद निस्तारित कर 97,990 रुपये और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने 902 मुकदमे निपटाकर 3,33,521 रुपये जुर्माना वसूल किया।
प्रथम अपर सीजेएम तबरेज अहमद ने 1824 मामले निस्तारित कर 94,305 रुपये अर्थदंड वसूला। द्वितीय अपर सीजेएम रामदयाल ने 936, सिविल जज (अतर्रा) मृदांश कुमार ने 196, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भूलाराम ने 118 और प्रथम अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रुचि तिवारी ने 15 वाद निस्तारित किए।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अमित कुमार यादव ने आठ व्यवहारिक मामले निपटाए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर त्रिपाठी ने 17 लघु आपराधिक मामले निपटाकर 8600 रुपये अर्थदंड लगाया।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय जीपी गुप्ता ने 46 वादों का निस्तारण कर 15,850 रुपये जुर्माना वसूला। उधर, राजस्व संबंधी 21,195 मामले सुलह से निपट गए। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों समेत अधिवक्ता, बीमा कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे।