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Banda News: बच्चाें की मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रानिक, पोर्न वीडियो बने सजा दिलाने के ठोस साक्ष्य

Sat, 21 Feb 2026 01:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sat, 21 Feb 2026 01:04 AM IST
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Medical reports of children, electronic and pornographic videos become solid evidence for punishment.
बांदा। सीबीआई ने सजा के लिए एम्स में कराए गए बच्चों के मेडिकल और इलेक्टि्निक साक्ष्य में पोर्न वीडियो की पेन ड्राइव अदालत को सौंपी। अदालत ने पोर्न वीडियो का अवलोकन कर दोषी को जुर्म का दोषी पाया।
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नाबालिगों के साथ यौन शोषण के इस बहुचर्चित मामले में सीबीआई ने लंबी कोशिशों के बाद मासूमों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो व फोटो विदेशों तक बेचकर लाखों कमाने वाले निलंबित जेई रामभवन को दबोचा था। पेन ड्राइव, लैपटॉप, मोबाइल जैसे पुख्ता साक्ष्य बरामद करने के साथ उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई थी। सीबीआई की कोशिशें रंग लाईं और करीब 12 साल पहले के वीडियो फुटेज के आधार पर पीड़ितों की पहचान होने लगी।
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करीब 34 पीड़ितों की पहचान की गई जो हैवानियत का शिकार बने। उधर, पति रामभवन के ऊपर शिकंजा कसते देख उसकी पत्नी दुर्गावती ने बचाने की कोशिशें शुरू कर दीं थीं। इसमें सबसे अहम कड़ी पीड़ित बच्चे और उनके अभिभावक रहे। सीबीआई सूत्र बताते हैं कि घिनौने कारनामे से लाखों कमाने वाले रामभवन की पत्नी ने इन रुपयों को ही अपना हथियार बनाया। सीबीआई गवाहों की सूची बना रही थी, उधर दुर्गावती ने ऐसे लोगों को तोड़ने की दिशा में हर तिकड़म अपनाना शुरू कर दिया था। आरोपी रामभवन चित्रकूट और बांदा तथा आसपास क्षेत्रों में यह अपराध करता था।
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सीबीआई के यह इलेक्ट्रानिक साक्ष्य और पीड़ित बच्चों का एम्स में कराया गया मेडिकल रिपोर्ट साक्ष्य बने। सीबीआई की पूछताछ में आरोपी रामभवन ने बताया कि वह पांच से 16 साल के बच्चों को शिकार बनाता था। उन्हें जाल में फंसाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का लालच देता था। आरोपी के ईमेल की जांच से पता चला है कि आरोपी अश्लील फोटो और वीडियो शेयर करने के लिए देश-विदेश के कई गिरोह के संपर्क में था। आरोपी सोशल मीडिया पर भी यह सामग्री शेयर करता था। पीड़ित परिवारों को तस्वीरें दिखाकर ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग करता था। (संवाद)

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एम्स की पांच सदस्यीय मेडिकल टीम ने बांदा आकर की थी जांच
बांदा। जांच के दौरान यह खुलासा भी हुआ कि इन बच्चों को लाने में राम भवन की पत्नी की भी अहम भूमिका थी। जांच के दौरान सीबीआई को शक भी हुआ था कि रामभवन को एडस नाम की खतरनाक बीमारी भी हो सकती है। लिहाजा उसका मेडिकल परीक्षण दिल्ली के एम्स अस्पताल में लाकर कराया गया था। साथ ही जिन बच्चों का यौन शोषण हुआ था उनकी मेडिकल जांच के लिए एम्स की एक विशेष मेडिकल टीम बांदा भी गई थी। एम्स की पांच सदस्यीय विशेष मेडिकल टीम में महिला और पुरुष डॉक्टर भी शामिल थे। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया था कि आरोपी इंजीनियर ने कुछ बच्चों के साथ अनेकों बार कुकर्म किया था।
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