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मेधा का डंका बजा रहीं बुंदेली बालाएं
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अंजू विश्वकर्मा।
- फोटो : BANDA
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बांदा। आज राष्ट्रीय युवा दिवस है। यह 12 जनवरी को हर वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। संगीत, शिक्षा और खेल में उन्हें महारत थी। इसीलिए यह खास दिन उन युवाओं को समर्पित है जो देश और समाज का भविष्य बेहतर बनाने की क्षमता या तमन्ना रखते हैं। इसमें बुंदेली बालाओं में मेधा का कोई मुकाबला नहीं। अक्सर तो यह बालकों को भी पीछे छोड़ देती हैं। वीर नारी लक्ष्मीबाई की धरती का यही इतिहास है। अनेक युवा-युवतियां और बालक-बालिकाएं अपनी मेधा का डंका बजा रहे हैं। जिला और प्रदेश की सीमाएं लांघकर अपने हुनर के झंडे गाड़ रहे हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस पर कुछ ऐसी ही मेधावी और दक्ष बालिकाओं की कहानी-
बुंदेली भाषा में प्रस्तुत किया राम स्तुति नृत्य
आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में मनाए जा रहे विशेष उत्सवों में हाल ही में केंद्रीय संस्कृति एवं रक्षा मंत्रालय ने दिल्ली के महात्मा गांधी आडिटोरियम में वंदे भारतम का आयोजन किया। इसमें पूरे देश से आई बालिकाओं ने अपनी मेधा दिखाई। बांदा की 11 बालिकाओं की टीम भी इसमें शामिल थी। इन बालिकाओं की प्रस्तुति ने बुंदेलखंड का परचम लहरा दिया। बालिकाओं ने बुंदेलखंडी भाषा में राम स्तुति नृत्य प्रस्तुत किया। इन बालिकाओं का चयन गुड़गांव के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में ट्रायल के बाद किया गया था। ये सभी बालिकाएं और युवतियां बांदा के एसीडी स्टूडियो की निर्देशक रश्मि गुप्ता निशा के निर्देशन में इस आयोजन में शामिल हुईं। उन्हीं के स्टूडियो की ये नृत्य विद्यार्थी हैं। वंदे भारतम में देश के 11 राज्यों की बालिकाएं शामिल थीं।
वंदे भारतम में शामिल रहीं बालिकाएं-
आकृति गुप्ता (विद्या मंदिर, केन पथ), शिल्पी सोनी (बीएड), स्नेहा नामदेव (आईआईटी), कंचन तिवारी (बीएससी), भाव्या गुप्ता (जीजीआईसी), एकता गुप्ता व शुभि गुप्ता (बीएससी), अंशिका गुप्ता (बीएससी), सीमांक्षी (बीए तृतीय वर्ष), मानसी शुक्ला (बीए प्रथम वर्ष) व सुहानी मिश्रा (एसएससी लखनऊ)।
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मार्शल आर्ट में भी हो रहीं माहिर
आत्म सुरक्षा में बुंदेली बालिकाएं कभी पीछे नहीं रहीं। अनेक अवसरों पर अपनी वीरता का प्रदर्शन भी किया है। अब वे मार्शल आर्ट जैसी विधा में भी माहिर हो रही हैं। इसकी ताजा बानगी बांदा के सिविल लाइन (वन विभाग कालोनी) की छात्रा अंजू विश्वकर्मा है। इन्होंने स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप और बुंदेलखंड ताइक्वांडो प्रतियोगिता में कई गोल्ड मेडल जीते हैं। गोल्ड स्टार कराटे क्लब कानपुर, उत्तर प्रदेश राज्य स्पोर्ट्स स्टेट एसोसिएशन, अखिल भारतीय युवा खेल एंड स्पोर्ट्स संगठन ने भी अंजू को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया है। साधारण घराने की यह बालिका अभी भी और गुर सीख रही है। इनकी गुरु श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट की संचालक अंजू दमेले हैं।
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बुंदेली भाषा में प्रस्तुत किया राम स्तुति नृत्य
आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में मनाए जा रहे विशेष उत्सवों में हाल ही में केंद्रीय संस्कृति एवं रक्षा मंत्रालय ने दिल्ली के महात्मा गांधी आडिटोरियम में वंदे भारतम का आयोजन किया। इसमें पूरे देश से आई बालिकाओं ने अपनी मेधा दिखाई। बांदा की 11 बालिकाओं की टीम भी इसमें शामिल थी। इन बालिकाओं की प्रस्तुति ने बुंदेलखंड का परचम लहरा दिया। बालिकाओं ने बुंदेलखंडी भाषा में राम स्तुति नृत्य प्रस्तुत किया। इन बालिकाओं का चयन गुड़गांव के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में ट्रायल के बाद किया गया था। ये सभी बालिकाएं और युवतियां बांदा के एसीडी स्टूडियो की निर्देशक रश्मि गुप्ता निशा के निर्देशन में इस आयोजन में शामिल हुईं। उन्हीं के स्टूडियो की ये नृत्य विद्यार्थी हैं। वंदे भारतम में देश के 11 राज्यों की बालिकाएं शामिल थीं।
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वंदे भारतम में शामिल रहीं बालिकाएं-
आकृति गुप्ता (विद्या मंदिर, केन पथ), शिल्पी सोनी (बीएड), स्नेहा नामदेव (आईआईटी), कंचन तिवारी (बीएससी), भाव्या गुप्ता (जीजीआईसी), एकता गुप्ता व शुभि गुप्ता (बीएससी), अंशिका गुप्ता (बीएससी), सीमांक्षी (बीए तृतीय वर्ष), मानसी शुक्ला (बीए प्रथम वर्ष) व सुहानी मिश्रा (एसएससी लखनऊ)।
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मार्शल आर्ट में भी हो रहीं माहिर
आत्म सुरक्षा में बुंदेली बालिकाएं कभी पीछे नहीं रहीं। अनेक अवसरों पर अपनी वीरता का प्रदर्शन भी किया है। अब वे मार्शल आर्ट जैसी विधा में भी माहिर हो रही हैं। इसकी ताजा बानगी बांदा के सिविल लाइन (वन विभाग कालोनी) की छात्रा अंजू विश्वकर्मा है। इन्होंने स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप और बुंदेलखंड ताइक्वांडो प्रतियोगिता में कई गोल्ड मेडल जीते हैं। गोल्ड स्टार कराटे क्लब कानपुर, उत्तर प्रदेश राज्य स्पोर्ट्स स्टेट एसोसिएशन, अखिल भारतीय युवा खेल एंड स्पोर्ट्स संगठन ने भी अंजू को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया है। साधारण घराने की यह बालिका अभी भी और गुर सीख रही है। इनकी गुरु श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट की संचालक अंजू दमेले हैं।

नई दिल्ली में आयोजित वंदे भारतम कार्यक्रम में बुंदेली राम स्तुति नृत्य प्रस्तुत करतीं बांदा की ?- फोटो : BANDA