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Banda News: पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा मुख्य आरोपी शाखा प्रबंधक
Sat, 23 Sep 2023 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 23 Sep 2023 12:15 AM IST
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बांदा। सहकारी बैंक ओरन शाखा में 36 लाख के गवन के मामले में मुख्य आरोपी शाखा प्रबंधक विजय शुक्ला अभी कोपरेटिव सेल की टीम के हाथ नहीं आया। एक गिरफ्तार आरोपी सेवानिवृत हो चुका है। शाखा प्रबंधक व कैशियर पहले ही विभागीय जांच के बाद बर्खास्त कर दिए गए, जबकि दो निलंबित हैं।
ग्राहकों के खाते से बिना अधिकार पत्र या चेक के रकम डेबिट कर गबन करने वालों में सर्वाधिक 31 लाख 53 हजार रुपये का गबन तत्कालीन शाखा प्रबंधक विजय शुक्ला और कैशियर नीरज त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया था। इस मामले में गुरुवार को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इनमें प्रमुख रूप से कैशियर नीरज त्रिपाठी शामिल हैं।
उसे विभागीय जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। बताया जाता है कि बैंक की ओरन शाखा नीरज त्रिपाठी के मकान में ही संचालित है। नीरज की नियुक्ति 2009 में हुई थी। दो अन्य गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में प्रभारी शाखा प्रबंधक जग प्रसाद व प्रभारी कैशियर हरी प्रसाद कुशवाह शामिल हैं। हरी प्रसाद भी विभागीय जांच में निलंबित था। जबकि जग प्रसाद जांच के दौरान ही सेवा निवृत हो गया था।
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शाखा प्रबंधक विजय शुक्ला भी बर्खास्त हैं। कोपरेटिव सेल की टीम अभी विजय शुक्ला गिरफ्तार नहीं कर पाई। अन्य आरोपियों में प्रभारी शाखा प्रबंधक प्रशांत पांडेय, सर्वेश तिवारी की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को कॉपरेटिव सेल की टीम तलाश करती रही।
बता दें कि वर्ष 2017 में 36 लाख रुपये के गबन व वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट तत्कालीन उप महा प्रबंधक उदरेज कुमार ने बिसंडा थाने में दर्ज कराई थी। बाद में विवेचना थाना पुलिस से कापरेटिव सेल लखनऊ को स्थानांतरित कर दी गई थी। विवेचना के बाद सेल ने शाखा प्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया था।
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ग्राहकों के खाते से बिना अधिकार पत्र या चेक के रकम डेबिट कर गबन करने वालों में सर्वाधिक 31 लाख 53 हजार रुपये का गबन तत्कालीन शाखा प्रबंधक विजय शुक्ला और कैशियर नीरज त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया था। इस मामले में गुरुवार को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इनमें प्रमुख रूप से कैशियर नीरज त्रिपाठी शामिल हैं।
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उसे विभागीय जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। बताया जाता है कि बैंक की ओरन शाखा नीरज त्रिपाठी के मकान में ही संचालित है। नीरज की नियुक्ति 2009 में हुई थी। दो अन्य गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में प्रभारी शाखा प्रबंधक जग प्रसाद व प्रभारी कैशियर हरी प्रसाद कुशवाह शामिल हैं। हरी प्रसाद भी विभागीय जांच में निलंबित था। जबकि जग प्रसाद जांच के दौरान ही सेवा निवृत हो गया था।
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शाखा प्रबंधक विजय शुक्ला भी बर्खास्त हैं। कोपरेटिव सेल की टीम अभी विजय शुक्ला गिरफ्तार नहीं कर पाई। अन्य आरोपियों में प्रभारी शाखा प्रबंधक प्रशांत पांडेय, सर्वेश तिवारी की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को कॉपरेटिव सेल की टीम तलाश करती रही।
बता दें कि वर्ष 2017 में 36 लाख रुपये के गबन व वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट तत्कालीन उप महा प्रबंधक उदरेज कुमार ने बिसंडा थाने में दर्ज कराई थी। बाद में विवेचना थाना पुलिस से कापरेटिव सेल लखनऊ को स्थानांतरित कर दी गई थी। विवेचना के बाद सेल ने शाखा प्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया था।