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Banda News: माफिया मुख्तार को खाए जा रहा गुर्गों का डर
Wed, 17 Jan 2024 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 17 Jan 2024 11:28 PM IST
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बांदा। गैंगस्टर में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को खूंखार अपराधियों के गुर्गों का डर सता रहा है। अतीक अहमद व अशरफ की पुलिस अभिरक्षा में हत्या के बाद से वह काफी सहमे हुए हैं। अपनी हर एक पेशी में वह सुरक्षा की मांग कर रहे। इधर, मुख्तार के बेटे उमर ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल करके मुख्तार की सुरक्षा पुख्ता करने की बात कही है।
रिट में कहा गया है कि मुख्तार को बांदा से कहीं भी भेजा जाए तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए। उन्हें रास्ते में कहीं भी न रोका जाए। जेल में भी कड़ी सुरक्षा दी जाए।
बता दें कि बांदा जेल में कुछ समय पहले तक खूंखार अपराधी जेल में बंद थे। जिनमें असलहा लूटकांड का आरोपी सुक्खा पासा, ग्रेटर नोएडा का गैंगस्टर मुन्ना बाबू, बंबइया पाशा, वाराणसी का गैंगस्टर मुन्ना खां आदि अपराधियों के नाम शामिल हैं।
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हालांकि मुख्तार के बांदा जेल पहुंचने से पहले ही इन अपराधियों को दूसरी जेल में भेज दिया गया था, लेकिन सूत्रों की मानें तो इनके गुर्गे अभी भी जेल में बंद हैं। इस कारण मुख्तार भयभीत हैं। इधर, मुख्तार की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने के बाद जेल प्रशासन उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है। मुख्तार अब त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
चार नहीं अब आठ कैमरे करेंगे मुख्तार के बैरक की निगरानी
जेल के 73 सीसीटीवी कैमरों में चार सिर्फ मुख्तार की बैरक की निगरानी में लगे थे, लेकिन अब संख्या बढ़ाकर आठ कर दी गई है। कारागार अधीक्षक ने बताया कि मुख्तार के अभी बाहर जाने के कोई आदेश नहीं हैं। यदि जाएंगे तो मजबूत सुरक्षा घेरे में ही कहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जेल में मुख्तार को कोई खतरा नहीं है। यहां पूर्व में बंद गैंगस्टरों को पूर्व में ही शासन ने दूसरी जेलों में भेज दिया है।
मुख्तार की पहले से ही दो स्तरीय सुरक्षा थी। प्रथम घेरे में अन्य जनपदों की जेल अधिकारी व पुलिस सुरक्षा रहती थी। दूसरे घेरे में यहां की पुलिस थी, लेकिन अब तीसरे घेरे में तीन डिप्टी जेलर भी रहेंगे।
वीरेश राज शर्मा, कारागार अधीक्षक
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रिट में कहा गया है कि मुख्तार को बांदा से कहीं भी भेजा जाए तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए। उन्हें रास्ते में कहीं भी न रोका जाए। जेल में भी कड़ी सुरक्षा दी जाए।
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बता दें कि बांदा जेल में कुछ समय पहले तक खूंखार अपराधी जेल में बंद थे। जिनमें असलहा लूटकांड का आरोपी सुक्खा पासा, ग्रेटर नोएडा का गैंगस्टर मुन्ना बाबू, बंबइया पाशा, वाराणसी का गैंगस्टर मुन्ना खां आदि अपराधियों के नाम शामिल हैं।
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हालांकि मुख्तार के बांदा जेल पहुंचने से पहले ही इन अपराधियों को दूसरी जेल में भेज दिया गया था, लेकिन सूत्रों की मानें तो इनके गुर्गे अभी भी जेल में बंद हैं। इस कारण मुख्तार भयभीत हैं। इधर, मुख्तार की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने के बाद जेल प्रशासन उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है। मुख्तार अब त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
चार नहीं अब आठ कैमरे करेंगे मुख्तार के बैरक की निगरानी
जेल के 73 सीसीटीवी कैमरों में चार सिर्फ मुख्तार की बैरक की निगरानी में लगे थे, लेकिन अब संख्या बढ़ाकर आठ कर दी गई है। कारागार अधीक्षक ने बताया कि मुख्तार के अभी बाहर जाने के कोई आदेश नहीं हैं। यदि जाएंगे तो मजबूत सुरक्षा घेरे में ही कहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जेल में मुख्तार को कोई खतरा नहीं है। यहां पूर्व में बंद गैंगस्टरों को पूर्व में ही शासन ने दूसरी जेलों में भेज दिया है।
मुख्तार की पहले से ही दो स्तरीय सुरक्षा थी। प्रथम घेरे में अन्य जनपदों की जेल अधिकारी व पुलिस सुरक्षा रहती थी। दूसरे घेरे में यहां की पुलिस थी, लेकिन अब तीसरे घेरे में तीन डिप्टी जेलर भी रहेंगे।
वीरेश राज शर्मा, कारागार अधीक्षक