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Banda News: हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, किसानों के लिए शुभ संकेत
Sat, 29 Mar 2025 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 29 Mar 2025 12:29 AM IST
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अतर्रा । चैत्र नवरात्र 30 मार्च से प्रारंभ होंगे। रविवार का दिन होने के कारण माता हाथी पर सवार होकर आएंगी। शास्त्रों में हाथी की पालकी को शुभ माना गया है। इसके साथ ही नवरात्र पर इस बार अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जो कुछ राशियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा।
कस्बे के ज्योतिषाचार्य नंदकिशोर मिश्रा ने बताया कि इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पधारेंगी और 7 अप्रैल को हाथी पर ही प्रस्थान करेंगी। हाथी पर माता का आगमन अच्छी वर्षा, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। किसानों के लिए यह समय फसल और अन्न भंडार की वृद्धि के संकेत दे रहा है।
बताया कि नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रेवती नक्षत्र और ऐंद्र योग का संयोग बन रहा है, जो साधना और पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। 29 मार्च की शाम 4:28 बजे प्रतिपदा तिथि लग जाएगी, लेकिन उदया तिथि के कारण प्रथम नवरात्र 30 मार्च को मनाया जाएगा।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:22 बजे तक रहेगा। कस्बे व आसपास के ग्रामीण इलाकों में देवी भक्तों ने माता के स्वागत और पूजा अर्चना की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी भी तेज हो गई है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। हाथी पर माता का आगमन देश में सुख-शांति, ज्ञान और समृद्धि के द्वार खोलेगा।
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कस्बे के ज्योतिषाचार्य नंदकिशोर मिश्रा ने बताया कि इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पधारेंगी और 7 अप्रैल को हाथी पर ही प्रस्थान करेंगी। हाथी पर माता का आगमन अच्छी वर्षा, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। किसानों के लिए यह समय फसल और अन्न भंडार की वृद्धि के संकेत दे रहा है।
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बताया कि नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रेवती नक्षत्र और ऐंद्र योग का संयोग बन रहा है, जो साधना और पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। 29 मार्च की शाम 4:28 बजे प्रतिपदा तिथि लग जाएगी, लेकिन उदया तिथि के कारण प्रथम नवरात्र 30 मार्च को मनाया जाएगा।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:22 बजे तक रहेगा। कस्बे व आसपास के ग्रामीण इलाकों में देवी भक्तों ने माता के स्वागत और पूजा अर्चना की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी भी तेज हो गई है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। हाथी पर माता का आगमन देश में सुख-शांति, ज्ञान और समृद्धि के द्वार खोलेगा।