{"_id":"5dfe63608ebc3e879d41f2b9","slug":"life-imprisonment-to-wife-who-killed-her-banda-news-knp5336476149","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हत्या करने वाले को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी की हत्या करने वाले को उम्रकैद
विज्ञापन
बांदा। प्रधानी का चुनाव लड़ी पत्नी को मतगणना की सुबह मौत के घाट उतार देने के जुर्म में पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा दी है। इस हत्याकांड के तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने तफ्तीश में क्लीनचिट दे दी थी। हत्या की पृष्ठभूमि में प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। अदालत ने पांच हजार रुपये जुर्माना या एक माह की और कैद की भी सजा सुनाई है।
घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव की है। यहां ग्राम प्रधान पद पर जुबैदा पत्नी रईस खां प्रत्याशी थी। मतदान के बाद 13 दिसंबर 2015 को ब्लाक मुख्यालय बिसंडा में मतगणना होनी थी। जुबैदा अपने गांव के यूसुफ खां के साथ सुबह बाइक पर बिसंडा जा रही थी। गांव के बाहर नहर रोड पर पहुंची तो वहां पहले से घात लगाए बैठे पति रईस खां ने साथी जाबिर पुत्र इद्दू खां (कोर्रही) व दो अन्य लोगों के साथ डंडा मारकर बाइक चला रहे यूसुफ और जुबैदा को गिरा दिया और जुबैदा पर ताबड़तोड़ चाकू से हमलाकर उसकी हत्या कर दी। यूसुफ को भी घायल कर दिया।
यूसुफ ने बिसंडा थाने में पति रईस और जाबिर समेत दो अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 16 दिसंबर 2015 को रईस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से वह जेल में ही है। तफ्तीश में पुलिस ने जाबिर और दो अन्य अज्ञात के नाम मुकदमे से हटा दिए और पति रईस के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। मृतका जुबैदा चुनाव हार गई थी।
विज्ञापन
करीब चार साल बाद शनिवार को जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने आरोपी पति रईस को उम्रकैद की सजा सुनाई। 5000 रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना न अदा करने पर एक माह और जेल में रखने का आदेश दिया। जुर्माने की आधी रकम मृतका के नजदीकी परिजन को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने पैरवी करते हुए 9 गवाह पेश किए। मृतका का पति सऊदी अरब और मुंबई में ड्राइवर रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक जुबैदा का प्रेम प्रसंग यूसुफ से चल रहा था। उसी के साथ बाइक पर जाते समय पति ने हत्या कर दी थी।
पुलिस पर हमले के आरोपी बरी
बांदा। अवैध खनन के बालू भरे ट्रैक्टरों को पकड़ने गई पुलिस व खनिज विभाग की टीम पर हमला कर खनिज अधिकारी और दरोगा को गंभीर रूप से घायल कर देने के सभी 11 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष अदालत में जुर्म साबित नहीं कर सका। तत्कालीन खनिज अधिकारी हवलदार यादव और नरैनी कोतवाली के उप निरीक्षक जब्बार अहमद अवैध खनन में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर 17 सितंबर 2014 को रात में मऊ गांव में दबिश देने गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधान राजेश द्विवेदी और उसका भाई गनेश द्विवेदी और बाले द्विवेदी, राजू यादव, किशोरीलाल यादव, लालबाबू यादव, लाला यादव, रज्जन यादव, दिल्ले यादव और करीब सवा सौ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दरोगा को बंधक बना लिया था। पुलिस फोर्स ने पहुंचकर छुड़ाया था।
दरोगा और खनिज अधिकारी घायल हो गए थे। पुलिस ने सभी नामजद 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। शनिवार को प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश बिजेंद्र कुमार शैलत ने संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी ने पैरवी की।
विज्ञापन
घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव की है। यहां ग्राम प्रधान पद पर जुबैदा पत्नी रईस खां प्रत्याशी थी। मतदान के बाद 13 दिसंबर 2015 को ब्लाक मुख्यालय बिसंडा में मतगणना होनी थी। जुबैदा अपने गांव के यूसुफ खां के साथ सुबह बाइक पर बिसंडा जा रही थी। गांव के बाहर नहर रोड पर पहुंची तो वहां पहले से घात लगाए बैठे पति रईस खां ने साथी जाबिर पुत्र इद्दू खां (कोर्रही) व दो अन्य लोगों के साथ डंडा मारकर बाइक चला रहे यूसुफ और जुबैदा को गिरा दिया और जुबैदा पर ताबड़तोड़ चाकू से हमलाकर उसकी हत्या कर दी। यूसुफ को भी घायल कर दिया।
विज्ञापन
यूसुफ ने बिसंडा थाने में पति रईस और जाबिर समेत दो अज्ञात के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 16 दिसंबर 2015 को रईस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तब से वह जेल में ही है। तफ्तीश में पुलिस ने जाबिर और दो अन्य अज्ञात के नाम मुकदमे से हटा दिए और पति रईस के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। मृतका जुबैदा चुनाव हार गई थी।
विज्ञापन
करीब चार साल बाद शनिवार को जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने आरोपी पति रईस को उम्रकैद की सजा सुनाई। 5000 रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना न अदा करने पर एक माह और जेल में रखने का आदेश दिया। जुर्माने की आधी रकम मृतका के नजदीकी परिजन को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने पैरवी करते हुए 9 गवाह पेश किए। मृतका का पति सऊदी अरब और मुंबई में ड्राइवर रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक जुबैदा का प्रेम प्रसंग यूसुफ से चल रहा था। उसी के साथ बाइक पर जाते समय पति ने हत्या कर दी थी।
पुलिस पर हमले के आरोपी बरी
बांदा। अवैध खनन के बालू भरे ट्रैक्टरों को पकड़ने गई पुलिस व खनिज विभाग की टीम पर हमला कर खनिज अधिकारी और दरोगा को गंभीर रूप से घायल कर देने के सभी 11 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष अदालत में जुर्म साबित नहीं कर सका। तत्कालीन खनिज अधिकारी हवलदार यादव और नरैनी कोतवाली के उप निरीक्षक जब्बार अहमद अवैध खनन में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर 17 सितंबर 2014 को रात में मऊ गांव में दबिश देने गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधान राजेश द्विवेदी और उसका भाई गनेश द्विवेदी और बाले द्विवेदी, राजू यादव, किशोरीलाल यादव, लालबाबू यादव, लाला यादव, रज्जन यादव, दिल्ले यादव और करीब सवा सौ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दरोगा को बंधक बना लिया था। पुलिस फोर्स ने पहुंचकर छुड़ाया था।
दरोगा और खनिज अधिकारी घायल हो गए थे। पुलिस ने सभी नामजद 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। शनिवार को प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश बिजेंद्र कुमार शैलत ने संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता सत्यदेव त्रिपाठी ने पैरवी की।