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प्रधानी की रंजिश में हुई हत्या में एक को उम्रकैद
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बांदा। ग्राम प्रधानी को लेकर चल रही रंजिश में सरेशाम युवक की हत्या में दोषी पाए गए अभियुक्त को अदालत ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। दो अन्य अभियुक्तों को दो-दो वर्ष की जेल और पांच-पांच हजार रुपये की सजा दी है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पल्हरी गांव में 28 नवंबर 2013 को शाम करीब 8 बजे नंद किशोर उर्फ पिंटू (30) सोने के लिए घर से अपने पड़ोस स्थित बाड़े में जा रहा था। रास्ते में गांव के प्रेम पुजारी पटेल, राजकरन और चंद्रिका ने उसे रोककर भाला, बरछी और लाठी से हमलाकर लहूलुहान कर दिया और भाग गए।
खबर पाकर मौके पर पहुंचे परिजन गंभीर रूप से घायल नंदकिशोर को जिला अस्पताल लाए। यहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई कमलेश कुमार ने अगले दिन बिसंडा थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। 30 नवंबर 2013 को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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विवेचना में पुलिस ने आरोपी चंद्रिका व राजकरन को क्लीनचिट दे दी। इस पर मृतक पक्ष ने धारा 156(3) में अदालत में अर्जी देकर दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया। अदालत ने दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने सात गवाह पेश किए।
शुक्रवार को अपर जिला जज ने मुख्य अभियुक्त प्रेम पुजारी पटेल को धारा 32 में उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की कैद और होगी।
अभियुक्त चंद्रिका व राजकरन को धारा 506 में दो-दो वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15-15 दिन और जेल में रहना होगा। इन दोनों अभियुक्तों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता शंकर सिंह गौतम ने की।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के पल्हरी गांव में 28 नवंबर 2013 को शाम करीब 8 बजे नंद किशोर उर्फ पिंटू (30) सोने के लिए घर से अपने पड़ोस स्थित बाड़े में जा रहा था। रास्ते में गांव के प्रेम पुजारी पटेल, राजकरन और चंद्रिका ने उसे रोककर भाला, बरछी और लाठी से हमलाकर लहूलुहान कर दिया और भाग गए।
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खबर पाकर मौके पर पहुंचे परिजन गंभीर रूप से घायल नंदकिशोर को जिला अस्पताल लाए। यहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई कमलेश कुमार ने अगले दिन बिसंडा थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। 30 नवंबर 2013 को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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विवेचना में पुलिस ने आरोपी चंद्रिका व राजकरन को क्लीनचिट दे दी। इस पर मृतक पक्ष ने धारा 156(3) में अदालत में अर्जी देकर दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने का अनुरोध किया। अदालत ने दोनों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने सात गवाह पेश किए।
शुक्रवार को अपर जिला जज ने मुख्य अभियुक्त प्रेम पुजारी पटेल को धारा 32 में उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की कैद और होगी।
अभियुक्त चंद्रिका व राजकरन को धारा 506 में दो-दो वर्ष की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15-15 दिन और जेल में रहना होगा। इन दोनों अभियुक्तों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता शंकर सिंह गौतम ने की।