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10 माह में एक फीसदी से कम को मिला 100 दिन काम
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बांदा। मजदूरों का मनरेगा भी ज्यादा भला नहीं कर पा रही है। इसमें जॉब कार्डधारकों को 100 दिन काम नहीं मिल पा रहा। वित्तीय वर्ष के 10 माह बीतने के बाद अब तक मात्र 1346 परिवारों को ही 100 दिन काम मिल पाया है। यह जॉब कार्डधारक परिवारों की संख्या के मुकाबले एक फीसदी से भी कम है। हालांकि जनपद के आठ ब्लॉकों में मनरेगा कार्यों में अब तक 65 करोड़ से अधिक रुपये खर्च कर डाले गए।
जिले में कुल जॉब कार्डधारक मजदूर परिवारों की संख्या सवा दो लाख से अधिक है। इनमें 55,950 अनुसूचित जाति, 150 अनुसूचित जनजाति और 1.70 लाख अन्य जातियों के परिवार शामिल हैं। नरैनी ब्लॉक में सबसे ज्यादा 44,201 परिवारों को जॉब कार्ड जारी किए गए।
अब तक यहां मात्र 190 परिवारों को ही 100 दिन काम मिल पाया है। महुआ में 34,933 परिवारों में 173, बबेरू ब्लॉक में 28,984 परिवारों में 194, बड़ोखर खुर्द ब्लॉक में 27,589 परिवारों में 232, जसपुरा में 16,825 परिवारों में 149, कमासिन में 22,425 परिवारों में 115 और तिंदवारी ब्लॉक के 25,604 परिवारों में 196 परिवारों को 100 दिन काम मिल पाया है।
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बिसंडा ब्लॉक सबसे फिसड्डी रहा। यहां 25,389 परिवारों में सिर्फ 97 परिवारों को ही 100 दिन काम मिल पाया है। उपायुक्त मनरेगा राघवेंद्र तिवारी का कहना है कि वित्तीय वर्ष में 34.95 लाख मानव दिवस का लक्ष्य था। अब तक 29 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए गए हैं। 100 दिन का रोजगार देने की प्रगति को बढ़ाया जाएगा।
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जिले में कुल जॉब कार्डधारक मजदूर परिवारों की संख्या सवा दो लाख से अधिक है। इनमें 55,950 अनुसूचित जाति, 150 अनुसूचित जनजाति और 1.70 लाख अन्य जातियों के परिवार शामिल हैं। नरैनी ब्लॉक में सबसे ज्यादा 44,201 परिवारों को जॉब कार्ड जारी किए गए।
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अब तक यहां मात्र 190 परिवारों को ही 100 दिन काम मिल पाया है। महुआ में 34,933 परिवारों में 173, बबेरू ब्लॉक में 28,984 परिवारों में 194, बड़ोखर खुर्द ब्लॉक में 27,589 परिवारों में 232, जसपुरा में 16,825 परिवारों में 149, कमासिन में 22,425 परिवारों में 115 और तिंदवारी ब्लॉक के 25,604 परिवारों में 196 परिवारों को 100 दिन काम मिल पाया है।
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बिसंडा ब्लॉक सबसे फिसड्डी रहा। यहां 25,389 परिवारों में सिर्फ 97 परिवारों को ही 100 दिन काम मिल पाया है। उपायुक्त मनरेगा राघवेंद्र तिवारी का कहना है कि वित्तीय वर्ष में 34.95 लाख मानव दिवस का लक्ष्य था। अब तक 29 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित किए गए हैं। 100 दिन का रोजगार देने की प्रगति को बढ़ाया जाएगा।