{"_id":"5e44425d8ebc3ee5c01376e0","slug":"lama-s-red-merges-in-panchatattva-banda-news-knp5442404122","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचतत्व में विलीन हुआ लामा का लाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचतत्व में विलीन हुआ लामा का लाल
विज्ञापन
बांदा ः शहीद विकास कुमार का अंतिम दर्शन करतीं मां और पत्नी।
- फोटो : BANDA
लामा (बांदा)। ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, विकास भइया का नाम रहेगा। देश के दुश्मनों का विनाश हो’। छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद लामा गांव के लाल का अंतिम संस्कार इन्हीं गगन भेदी नारों के बीच पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। गांव के 30 वर्षीय लाडले विकास कुमार के अंतिम दीदार के लिए समूचा गांव उमड़ पड़ा। लखनऊ और प्रयागराज की सीआरपीएफ टुकड़ियों ने सम्मान में गोली दाग कर और शस्त्र उल्टे कर सलामी दी। प्रशासन और पुलिस के सभी स्थानीय अधिकारियों ने भी पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाए। चंदन की चिता में शहीद का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।
शहीद विकास का पार्थिव शरीर सीआरपीएफ की टुकड़ी अपने वाहन से लेकर मंगलवार की रात करीब 9 बजे गांव आ गई थी। बुधवार को सुबह गांव में ही खेत के पास अंतिम संस्कार हुआ। मां, पत्नी और भाइयों समेत पूरे कुनबे ने शव पर पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। सीआरपीएफ और आरएफ की प्रयागराज और लखनऊ से आईं टुकड़ियों ने गॉड ऑॅफ ऑनर दिया। तीन राउंड गोलियां दागी। करीब 11 बजे शहीद विकास के छोटे भाई विनय प्रकाश ने मुखाग्नि दी। वहां मौजूद हजारों लोगों ने - विकास भइया अमर रहें, के नारे लगाए।
अंतिम संस्कार में सीआरपीएफ के डीआईजी रमयोफंग द्विडांग, उनकी टीम आरएएफ 101 बटालियन के असिस्टेंट कमांडर विक्रम प्रताप सिंह, चित्रकूटधाम मंडल डीआईजी दीपक कुमार, डीएम हीरालाल, एसपी एसएस मीणा, एडीएम संतोष बहादुर सिंह, एएसपी एलबीके पाल, क्षेत्राधिकारी व अन्य अधिकारियों, इंस्पेक्टर और कई पूर्व फौजियों ने पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
विज्ञापन
नंदनी की चीख... कैसे जियूंगी तुम्हारे बिना
अंतिम संस्कार के समय दृश्य उस समय बेहद मार्मिक हो गया जब शहीद की विधवा नंदनी ने ताबूत में रखे अपने पति का चेहरा देखकर अंतिम दीदार किए। उसके मुख से चीख निकल गई- कैसे जियूंगी तुम्हारे बिना। उसे महिला कांस्टेबिल और परिवार व गांव की महिलाओं ने संभाला।
उधर, बूढ़ी मां कैलशिया ने होनहार जवान बेटे और कमाऊ पूत का चेहरा चूम लिया और बेसुध हो गई। उसे भी अन्य महिलाओं ने सहारा दिया। इनके अलावा शहीद के छोटे भाई विनय और प्रकाश तथा दादा दातादीन व डा. गोपाल भूषण ने भी जांबाज जवान के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी।
पत्नी ने एचटी लाइन पकड़कर की जान देने की कोशिश
शादी के मात्र साढे़ 11 माह बाद विधवा हो गई नंदनी पति के वियोग में पूरी तरह विचलित है। अंतिम संस्कार के कुछ पहले उसने घर के दरवाजे पर काफी नीचे लटक रही हाईटेंशन लाइन को पकड़कर जान देने की कोशिश की। घर वालों ने उसे संभाला।
पति के पार्थिव शरीर वाले ताबूत पर पुष्पचक्र अर्पित किए। गौरतलब है कि 23 फरवरी (2019) को नंदनी ने विकास कुमार के गले में वरमाला पहनाई थी। शादी की पहली सालगिरह से पहले ही पति के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाते समय बेहोश हो गई।
सीआरपीएफ अफसरों ने दिया सहयोग का भरोसा
शहीद की पत्नी, मां और परिजनों को सीआरपीएफ टीम में आए अफसरों और जवानों ने भरपूर सांत्वना दी। उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्रीय सुरक्षा बल उनके सुख दुख में साथ है। बल को विकास कुमार की शहादत पर गर्व है। आरएएफ के असिस्टेंट कमांडर विक्रम प्रताप सिंह ने शहीद के भाइयों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया। कहा कि किसी भी जरूरत पर उन्हें काल करें।
मुखाग्नि दे रहे ताऊ की बिगड़ी तबियत
जवान बेटे की चिता को मुखाग्नि देने से पहले ही बूढे़ ताऊ दातादीन के पैर डगमगा गए। हिम्मत जवाब दे गई। तबियत बिगड़ गई। लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और अलग ले जाकर बैठाया। बाद में शहीद के छोटे भाई विनय ने मुखाग्नि दी।
विकास ने गांव में बनवाया था मंदिर
विकास का वियोग गांव के हर चेहरे पर नजर आ रहा है। बूढ़ों से लेकर बच्चे और महिलाएं तक गम में हैं। विकास धार्मिक प्रवृत्ति का भी था। गांव के 75 वर्षीय बुजुर्ग ब्रजनंदन बताते है कि वर्ष 2017 में विकास छुट़्टी पर गांव आया था। तभी उसने उनके पैर छुए और गांव में मंदिर बनवाने की इच्छा व्यक्त की। ब्रजनंदन ने आशीर्वाद दिया। विकास ने गांव के विझुल देवी परिसर में संतोषी देवी का मंदिर बनवा दिया। यहां हर वर्ष नवरात्रि में अखंड रामचरित मानस पाठ होता है। विकास इसमें शामिल होता था।
लामा। शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने और अंत्येष्टि में शामिल होने में बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक नुमाइंदे भी शामिल रहे। राज्यसभा सांसद सपा नेता विशंभर प्रसाद निषाद ने शव पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, सपा पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, बसपा पूर्व जिलाध्यक्ष बल्देव वर्मा, इसी गांव के बाशिंदे पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह परमार, सपा नेता अशोक सिंह गौर व विहिप नेता कबीर बेदी, रिटायर्ड मेजर सूबेदार सिंह आदि शामिल रहे। उधर, राष्ट्रीय स्वराज पैंथर की बैठक में शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।ं
विज्ञापन
शहीद विकास का पार्थिव शरीर सीआरपीएफ की टुकड़ी अपने वाहन से लेकर मंगलवार की रात करीब 9 बजे गांव आ गई थी। बुधवार को सुबह गांव में ही खेत के पास अंतिम संस्कार हुआ। मां, पत्नी और भाइयों समेत पूरे कुनबे ने शव पर पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। सीआरपीएफ और आरएफ की प्रयागराज और लखनऊ से आईं टुकड़ियों ने गॉड ऑॅफ ऑनर दिया। तीन राउंड गोलियां दागी। करीब 11 बजे शहीद विकास के छोटे भाई विनय प्रकाश ने मुखाग्नि दी। वहां मौजूद हजारों लोगों ने - विकास भइया अमर रहें, के नारे लगाए।
विज्ञापन
अंतिम संस्कार में सीआरपीएफ के डीआईजी रमयोफंग द्विडांग, उनकी टीम आरएएफ 101 बटालियन के असिस्टेंट कमांडर विक्रम प्रताप सिंह, चित्रकूटधाम मंडल डीआईजी दीपक कुमार, डीएम हीरालाल, एसपी एसएस मीणा, एडीएम संतोष बहादुर सिंह, एएसपी एलबीके पाल, क्षेत्राधिकारी व अन्य अधिकारियों, इंस्पेक्टर और कई पूर्व फौजियों ने पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
विज्ञापन
नंदनी की चीख... कैसे जियूंगी तुम्हारे बिना
अंतिम संस्कार के समय दृश्य उस समय बेहद मार्मिक हो गया जब शहीद की विधवा नंदनी ने ताबूत में रखे अपने पति का चेहरा देखकर अंतिम दीदार किए। उसके मुख से चीख निकल गई- कैसे जियूंगी तुम्हारे बिना। उसे महिला कांस्टेबिल और परिवार व गांव की महिलाओं ने संभाला।
उधर, बूढ़ी मां कैलशिया ने होनहार जवान बेटे और कमाऊ पूत का चेहरा चूम लिया और बेसुध हो गई। उसे भी अन्य महिलाओं ने सहारा दिया। इनके अलावा शहीद के छोटे भाई विनय और प्रकाश तथा दादा दातादीन व डा. गोपाल भूषण ने भी जांबाज जवान के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी।
पत्नी ने एचटी लाइन पकड़कर की जान देने की कोशिश
शादी के मात्र साढे़ 11 माह बाद विधवा हो गई नंदनी पति के वियोग में पूरी तरह विचलित है। अंतिम संस्कार के कुछ पहले उसने घर के दरवाजे पर काफी नीचे लटक रही हाईटेंशन लाइन को पकड़कर जान देने की कोशिश की। घर वालों ने उसे संभाला।
पति के पार्थिव शरीर वाले ताबूत पर पुष्पचक्र अर्पित किए। गौरतलब है कि 23 फरवरी (2019) को नंदनी ने विकास कुमार के गले में वरमाला पहनाई थी। शादी की पहली सालगिरह से पहले ही पति के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाते समय बेहोश हो गई।
सीआरपीएफ अफसरों ने दिया सहयोग का भरोसा
शहीद की पत्नी, मां और परिजनों को सीआरपीएफ टीम में आए अफसरों और जवानों ने भरपूर सांत्वना दी। उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्रीय सुरक्षा बल उनके सुख दुख में साथ है। बल को विकास कुमार की शहादत पर गर्व है। आरएएफ के असिस्टेंट कमांडर विक्रम प्रताप सिंह ने शहीद के भाइयों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया। कहा कि किसी भी जरूरत पर उन्हें काल करें।
मुखाग्नि दे रहे ताऊ की बिगड़ी तबियत
जवान बेटे की चिता को मुखाग्नि देने से पहले ही बूढे़ ताऊ दातादीन के पैर डगमगा गए। हिम्मत जवाब दे गई। तबियत बिगड़ गई। लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और अलग ले जाकर बैठाया। बाद में शहीद के छोटे भाई विनय ने मुखाग्नि दी।
विकास ने गांव में बनवाया था मंदिर
विकास का वियोग गांव के हर चेहरे पर नजर आ रहा है। बूढ़ों से लेकर बच्चे और महिलाएं तक गम में हैं। विकास धार्मिक प्रवृत्ति का भी था। गांव के 75 वर्षीय बुजुर्ग ब्रजनंदन बताते है कि वर्ष 2017 में विकास छुट़्टी पर गांव आया था। तभी उसने उनके पैर छुए और गांव में मंदिर बनवाने की इच्छा व्यक्त की। ब्रजनंदन ने आशीर्वाद दिया। विकास ने गांव के विझुल देवी परिसर में संतोषी देवी का मंदिर बनवा दिया। यहां हर वर्ष नवरात्रि में अखंड रामचरित मानस पाठ होता है। विकास इसमें शामिल होता था।
लामा। शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने और अंत्येष्टि में शामिल होने में बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक नुमाइंदे भी शामिल रहे। राज्यसभा सांसद सपा नेता विशंभर प्रसाद निषाद ने शव पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, सपा पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, बसपा पूर्व जिलाध्यक्ष बल्देव वर्मा, इसी गांव के बाशिंदे पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह परमार, सपा नेता अशोक सिंह गौर व विहिप नेता कबीर बेदी, रिटायर्ड मेजर सूबेदार सिंह आदि शामिल रहे। उधर, राष्ट्रीय स्वराज पैंथर की बैठक में शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।ं

बांदा ः शहीद विकास कुमार के फाइल फोटो।- फोटो : BANDA

बांदा ः ‘कैसे जियूगी तुम्हारे बिना’। अंत्येष्टि के पूर्व पति का अंतिम बार दीदार करती नंदनी।- फोटो : BANDA

बांदा ः शहीद की छत पर झूल रही एचटी लाइन दिखाता शहीद का भाई विनय इसी लाइन को पकड़कर नंदनी ने जान देन?- फोटो : BANDA

बांदा ः लामा गांव में शहीद विकास कुमार की अंत्येष्टि में पहुंचे डीआईजी दीपक कुमार, डीएम हीरालाल, ?- फोटो : BANDA

बांदा के लामा गांव में पार्थिव शरीर चिता की ओर ले जा रहा सैनिक वाहन और उमड़ा जन सैलाब। - फोटो : BANDA

Lama's red merges in Panchatattva- फोटो : BANDA