{"_id":"5f6e2ed48ebc3e9bbc0658d1","slug":"kisan-virodhi-hai-vidheyak-banda-news-knp5847965103","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदाः किसान विरोधी है विधेयक, वापस ले सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदाः किसान विरोधी है विधेयक, वापस ले सरकार
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन करते किसान नेता
- फोटो : BANDA
बांदा। संसद में पारित तीन कृषि विधेयकों के विरोध में शुक्रवार को किसानों और अन्य संगठनों का भारत बंद यहां बेअसर रहा। कारोबार और व्यापार अपने ढर्रे पर चला। अलबत्ता किसान संगठनों और कुछ राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासन के अफसरों को सौंपे। पूरे जिले में जगह-जगह बड़ी तादाद में पुलिस तैनात रही।
किसान संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन और भारत बंद का आह्वान किया था। बंद का असर नजर नहीं आया। बाजार और अन्य कारोबारी गतिविधियां रोजमर्रा की तरह चलती रहीं। मंडल मुख्यालय बांदा में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने कलक्ट्रेट के पास प्रदर्शन कर कु छ देर धरना दिया और हाईवे जाम किया सभा की।
इसी स्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। विधेयकों को किसान विरोधी बताते हुए वापस लेने और फल और सब्जी में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की मांग की।
विज्ञापन
प्रदेश उपाध्यक्ष हरदत्त पांडेय, मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी व उपाध्यक्ष बलराम तिवारी, जिलाध्यक्ष चौ. संतोष सिंह, राजाबाई, अवधेश पटेल, ब्रजेश सिंह, रामरूप निषाद, मो. वकील खां, रामदास साहू, ब्रजकिशोर सिंह, कमलनयन सिंह पटेल, कमल चौहान, विष्णुपाल सिंह भी शामिल रहे।
भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने मंडलायुक्त और डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को 30 सूत्री मांग पत्र भेजा। किसान आयोग का गठन और बुंदेलखंड के किसानों से संबंधित मांगे ज्ञापन में शामिल रहीं।
प्रदेश सचिव मनरूप सिंह परिहार सहित पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह, संतोष सिंह, सुमेर सिंह, कुंवर बहादुर, कु. आरती सिंह, सरोज कुमारी, संतोष कुमारी, सुरेश सिंह, बैजू निषाद, डॉ. अच्छेलाल निषाद, माया सोनी, छत्रपाल सिंह गौतम, उपेंद्र सिंह राजावत, फिदा हुसैन, मुन्ना सिंह, बनवारी लाल त्रिपाठी इत्यादि शामिल रहे।
बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा। विधेयक वापस लेने की मांग की। राष्ट्रीय संगठन मंत्री गणेश प्रसाद, सीताराम नायक, यशपाल, कौशल नायक, अरुण नायक इत्यादि शामिल रहे।
विज्ञापन
किसान संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन और भारत बंद का आह्वान किया था। बंद का असर नजर नहीं आया। बाजार और अन्य कारोबारी गतिविधियां रोजमर्रा की तरह चलती रहीं। मंडल मुख्यालय बांदा में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने कलक्ट्रेट के पास प्रदर्शन कर कु छ देर धरना दिया और हाईवे जाम किया सभा की।
विज्ञापन
इसी स्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। विधेयकों को किसान विरोधी बताते हुए वापस लेने और फल और सब्जी में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की मांग की।
विज्ञापन
प्रदेश उपाध्यक्ष हरदत्त पांडेय, मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी व उपाध्यक्ष बलराम तिवारी, जिलाध्यक्ष चौ. संतोष सिंह, राजाबाई, अवधेश पटेल, ब्रजेश सिंह, रामरूप निषाद, मो. वकील खां, रामदास साहू, ब्रजकिशोर सिंह, कमलनयन सिंह पटेल, कमल चौहान, विष्णुपाल सिंह भी शामिल रहे।
भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने मंडलायुक्त और डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को 30 सूत्री मांग पत्र भेजा। किसान आयोग का गठन और बुंदेलखंड के किसानों से संबंधित मांगे ज्ञापन में शामिल रहीं।
प्रदेश सचिव मनरूप सिंह परिहार सहित पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह, संतोष सिंह, सुमेर सिंह, कुंवर बहादुर, कु. आरती सिंह, सरोज कुमारी, संतोष कुमारी, सुरेश सिंह, बैजू निषाद, डॉ. अच्छेलाल निषाद, माया सोनी, छत्रपाल सिंह गौतम, उपेंद्र सिंह राजावत, फिदा हुसैन, मुन्ना सिंह, बनवारी लाल त्रिपाठी इत्यादि शामिल रहे।
बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा। विधेयक वापस लेने की मांग की। राष्ट्रीय संगठन मंत्री गणेश प्रसाद, सीताराम नायक, यशपाल, कौशल नायक, अरुण नायक इत्यादि शामिल रहे।