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किसानों का खाते, उन्हीं को सताते
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बांदा। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कहा कि नेता हों या अफसर सभी किसानों का पैदा किया अनाज खाते हैं और सबसे ज्यादा उन्हीं को सताते हैं। किसानों की आय तभी दोगुनी होगी जब लागत कम आएगी।
बृहस्पतिवार को मैरिज हाल में आयोजित स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में निषाद समाज के महिला और पुरुष शामिल हुए। अध्यक्ष डा. संजय निषाद ने कहा कि देश में किसान आयोग बनना चाहिए।
किसानों के अधिकार मौलिक अधिकारों से जोड़े जाएं। हरेक गांव में कृषि व्यावसायिक केंद्र और कृषि वैज्ञानिक हो उनके बच्चों के लिए छात्रावास बनें। पढ़ाई और भोजन मुफ्त हो।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में कोलभील, केरात आदि जातियों के साथ निषाद राजाओं का शासन रहा है। बुंदेलखंड राज्य तभी बनेगा, जब गरीब आदिवासी और वनवासी इसकी मांग तेजी से करेंगे। अध्यक्ष ने सर्किट हाउस ने मीडिया वार्ता भी की।
राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र मणि निषाद सहित बनारसी दास निषाद, जिलाध्यक्ष शिवमूरत निषाद और बुंदेलखंड किसान यूनियन के विमल शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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बृहस्पतिवार को मैरिज हाल में आयोजित स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में निषाद समाज के महिला और पुरुष शामिल हुए। अध्यक्ष डा. संजय निषाद ने कहा कि देश में किसान आयोग बनना चाहिए।
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किसानों के अधिकार मौलिक अधिकारों से जोड़े जाएं। हरेक गांव में कृषि व्यावसायिक केंद्र और कृषि वैज्ञानिक हो उनके बच्चों के लिए छात्रावास बनें। पढ़ाई और भोजन मुफ्त हो।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में कोलभील, केरात आदि जातियों के साथ निषाद राजाओं का शासन रहा है। बुंदेलखंड राज्य तभी बनेगा, जब गरीब आदिवासी और वनवासी इसकी मांग तेजी से करेंगे। अध्यक्ष ने सर्किट हाउस ने मीडिया वार्ता भी की।
राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र मणि निषाद सहित बनारसी दास निषाद, जिलाध्यक्ष शिवमूरत निषाद और बुंदेलखंड किसान यूनियन के विमल शर्मा आदि उपस्थित रहे।