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शासन की शर्तों में उलझ गया केंद्रीय विद्यालय

Mon, 04 Nov 2019 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 11:48 PM IST
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Kendriya Vidyalaya got entangled in terms of governance
कुलदीप शुक्ला। - फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना शासन की शर्तों में उलझ गई है। दो वर्ष पूर्व बांदा में इस विद्यालय की मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक यह चालू नहीं हो पाया। अस्थायी संचालन के लिए मांगी गई अनुमति की फाइल शासन में अटकी हुई है। इस अनुमति के बगैर केंद्रीय विद्यालय के लिए खुद का भवन निर्माण नहीं हो सकता।
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केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों के लिए विशेष सुविधाओं वाले केंद्रीय विद्यालय की चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय बांदा में स्थापना के लिए कई वर्षों से कवायदें चल रही हैं। शासन से इसे मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन शर्तों में उलझी फाइल को निस्तारित कर विद्यालय को धरातल पर लाने की कोशिशें यहां के जनप्रतिनिधि भी करते नहीं नजर आ रहे हैं। बांदा में केंद्रीय विद्यालय के बारे में आरटीआई एक्टीविस्ट कुलदीप शुक्ला ने जिला विद्यालय निरीक्षक से जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचनाएं मांगी थीं।
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पूछा था कि यह कब शुरू होगा? क्यों नहीं शुरू हो पा रहा? इत्यादि। उनको दी सूचना में जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद सिंह ने बताया है कि बांदा में वर्ष 2019-20 में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति मिली थी। भवन न तैयार होने तक पचनेही गांव के पंडित दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कालेज में अस्थायी रूप से केंद्रीय विद्यालय संचालित किए जाने की अनुमति शासन से मांगी गई थी, लेकिन शासन ने अब तक अनुमति नहीं दी है, इसलिए केंद्रीय विद्यालय शुरू नहीं हो सका।
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डीआईओएस ने कहा है कि शासन से अस्थायी संचालन की अनुमति मिलने और विद्यालय अस्थायी रूप से संचालन होने के बाद ही विद्यालय के लिए आरक्षित भूमि पर भवन निर्माण शुरू किया जाता है। डीआईओएस ने कहा है कि वर्ष 2020-21 में केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए अस्थायी अनुमति हासिल करने के लिए शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
गोयरा गांव में भूमि चिह्नित
बांदा। केंद्रीय विद्यालय भवन के लिए भूमि के बारे में सदर तहसीलदार अवधेश कुमार निगम ने बताया कि सदर तहसील के गोयरा मुगली गांव के पास लगभग तीन एकड़ भूमि चिह्नित करके शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
केंद्र सरकार के कर्मियों के बच्चों के लिए है केंद्रीय विद्यालय
बांदा। केंद्रीय विद्यालय प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा का प्रबंध है। यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों के लिए बनाया गया है। इसकी शुरुआत 1963 में हुई थी। देशभर में एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालय हैं। यह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से अनुबंधित हैं। तीन केंद्रीय विद्यालय विदेशों में भी हैं। जहां भारतीय दूतावासों के कर्मचारी और अन्य प्रवासी भारतीय बच्चे पढ़ते हैं। केंद्रीय विद्यालयों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद का कोर्स पढ़ाया जाता है। इनका संचालन केंद्रीय विद्यालय संगठन नाम की संस्था करती है।

सांसद तवज्जो दें तो फरवरी में दाखिले
बांदा। आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप कुमार शुक्ला का कहना है कि मंडल मुख्यालय बांदा में बड़ी संख्या में केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं। उनके बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में दाखिला लेने के लिए यहां केंद्रीय विद्यालय जरूरी है। कहा कि सांसद इस पर तवज्जो दे लें तो अस्थायी संचालन की अनुमति शीघ्र मिल सकती है और अगले वर्ष जनवरी-फरवरी में केेंद्रीय कर्मियों के बच्चों को दाखिले की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
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