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Banda News: केन ने फिर छुआ खतरे का निशान, यमुना में भी उफान

Sat, 19 Jul 2025 12:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:35 AM IST
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Ken touched danger mark again, Yamuna also in spate
खप्टिहाकलां में नाविकों को निर्देशित करते तहसीलदार। - फोटो : खप्टिहाकलां में नाविकों को निर्देशित करते तहसीलदार।
बांदा। मध्य प्रदेश व जनपद में पिछले 24 घंटे में हुई मूसलाधार बारिश से केन और यमुना नदी एक बार फिर उफान पर हैं। केन नदी ने शाम तक खतरे के निशान को छू लिया। वहीं यमुना भी करीब डेढ़ मीटर बढ़ गई है। हालांकि यह खतरे के निशान से अभी चार मीटर नीचे है। उधर, केन का पानी बढ़ने से पैलानी क्षेत्र के कई गांवों की तरफ पानी पहुंचने लगा है। फसलें भी डूब गई हैं। प्रशासन व पुलिस अधिकारी बाढ़ पर लगातार निगाह बनाए हैं।
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जिला प्रशासन की तरफ से बताया गया कि केन नदी गुरुवार की रात 98.60 मीटर पर थी। शुक्रवार को सुबह यह 99.30 मीटर पर पहुंच गई। प्रति घंटे करीब दस सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ा। गंगऊ बांध से सुबह 187900 क्यूसिक मीटर पानी डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद केन में तेजी से जल स्तर बढ़ा। शाम चार बजे तक केन नदी का जल स्तर 103.60 मीटर पर पहुंच गया। जबकि खतरे का निशान 104 मीटर पर है। इसी तरह यमुना नदी जल स्तर 95.38 पहुंचा है। सुबह यह 94.10 मीटर था। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि जिस हिसाब से केन व यमुना बढ़ रही हैं, उससे रात में केन खतरे के निशान को पार करने की संभावना है। बता दें कि चार दिन पहले केन नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई थी। इसके बाद उतरकर 92.60 मीटर पहुंच गई थी। गुरुवार को लगातार बारिश के कारण यह फिर तेजी से बढ़ रही है।
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पैलानी के कई मजरों का संपर्क कटा
पैलानी। केन नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से नांदादेव, पड़ोहरा, सिंधनकलां के ग्रामीणों में दहशत है। तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने नाविकों से सावधानियां बरतने एवं सीमित संख्या में ही लोगों को नदी पार कराने के निर्देश दिए। खप्टिहा कलां में केन का जलस्तर बढ़ने सिमर डेरा, छनीहा डेरा, शिवपाल डेरा, पंडितन डेरा, गणेश नगर, शिवरामपुर सहित अन्य मजरों का संपर्क कट गया है। किसानों की फसलें डूब गई हैं। (संवाद)
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