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घाटियों की बारिश थमने से केन घटी

Sat, 09 Jul 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा Updated Sat, 09 Jul 2016 11:44 PM IST
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Ken took the rain subsided valleys
केन में रेलवे पुल के पास बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों में बारिश थमने से उफनाते बांधों में लगाम लग गई। खतरे के लाल निशान से चार मीटर ऊपर पहुंच गई केन नदी भी थमने के बाद घटना शुरू हो गई है। उधर, कई गांवों के निचले इलाके में बाढ़ का पानी आ जाने से ग्रामीणों को स्कूल और अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन का दावा है कि उनके लिए राशन और नावों की व्यवस्था की गई है।
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बारिश से गंगऊ बांध शुक्रवार को उफना कर 747.4 फिट पैमाने पर पहुंच गया था। इससे 4 लाख 42 हजार 338 क्यूसिक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। इसी तरह बरियारपुर बांध 624.9 फिट पैमाने पर था। इससे 4 लाख 74 हजार 174 क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा था। केन नदी शनिवार को सुबह बांदा में 108.3 मीटर पैमाने पर आ गई। यह खतरे के निशान से 4.3 मीटर ऊपर थी।
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एक दर्जन से ज्यादा गांवों के निचले इलाके में बाढ़ आ गई। लेकिन शनिवार को बांध क्षेत्रों में बारिश थमी रहने से बाढ़ पर लगाम लग गई। गंगऊ का जल स्तर दो फिट नीचे घटकर 745.3 फिट पर आ गया। पानी का डिस्चार्ज भी 93 हजार 103 क्यूसिक घटकर 3 लाख 49 हजार 235 क्यूसिक हो गया। बरियारपुर का जल स्तर 1.9 फिट नीचे आकर 623 फिट हो गया। पानी का डिस्चार्ज 78 हजार 286 क्यूसिक घटकर तीन लाख 95 हजार 886 हो गया। बांध क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई।
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उधर, केन नदी का जल स्तर बांदा में शनिवार को सुबह 108.3 मीटर पर आ गया। यह खतरे के निशान से 4.3 मीटर ऊपर था। लेकिन दोपहर बाद जल स्तर घटने लगा। केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि रविवार को सुबह 10 बजे तक केन नदी का जल स्तर घटकर 106.20 मीटर पर आ जाएगा। यानि लगभग दो मीटर की कमी आएगी। उधर, यमुना नदी चिल्ला घाट में बढ़ रही है। उसका जल स्तर शनिवार को 94 मीटर पहुंच गया। हालांकि खतरे के निशान से यह अभी छह मीटर नीचे है।

डीएम ने बाढ़ पीड़ितों के जाने हालात
बांदा। डीएम योगेश कुमार ने अफसरों की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों कनवारा, छावनी डेरा, ब्रह्मा डेरा, दरदा और खप्टिहा का भ्रमण किया। बाढ़ पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उन्हें ठहरने और राशन आदि की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक आरपी पांडेय ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को उनके ठहराव वाले स्थानों पर पुलिस की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।


रघुवंशी डेरा के प्राइमरी स्कूल में शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को अफसरों ने लाई, चना और गुड़ बांटा। आईटीआई में भी बाढ़ पीड़ितों के ठहरने का इंतजाम किया गया है। 14 वर्ष के सभी बच्चों को मिड-डे मील देने के अध्यापकों को निर्देश दिए। ब्रह्मा डेरा में नाव चलाई गई है। डीएम के साथ एडीएम गंगाराम गुप्ता, एसडीएम प्रहलाद सिंह, अपर एसपी मायाराम वर्मा, पैलानी एसडीएम पुष्पराज सिंह, बड़ोखर बीडीओ आरडी यादव, जिला पूर्ति अधिकारी आनंद सिंह आदि शामिल रहे।
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