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Banda News: केन नदी फिर उफनाई, 24 घंटे में बढ़ा दो मीटर पानी
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भूरागढ़ में शुक्रवार को उफनाई केन नदी।
- फोटो : संवाद
बांदा। केन नदी का जल स्तर करीब एक मीटर घटने के बाद गुरुवार रात से फिर बढ़ने लगा। 24 घंटे में यह करीब दो मीटर बढ़ गया। शनिवार को खतरे के निशान तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वहीं यमुना भी खतरे की निशान की ओर बढ़ने लगी है। पैलानी क्षेत्र के 20 गांवों में फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
चंद्रावल नदी के गौरीकला-अमारा और केन नदी के तुर्री-सिंधनकलां रपटा में पानी फिर उफना गया है। इससे इन गांवों का आवागमन ठप है। तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वे किया और लाइफ जैकेट बंटवाई। लोगों को बिना लाइफ जैकेट के नाव से न आने-जाने की सलाह दी।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक भूरागढ़ में केन नदी का जल स्तर शुक्रवार को शाम चार बजे 99.88 मीटर पहुंच गया। जबकि सुबह यह 99.55 मीटर पर थी। यहां खतरे का निशान 104 मीटर पर है। इसी तरह यमुना नदी शाम चार बजे 94.60 मीटर रहा। जबकि सुबह 93.55 मीटर पर था। दोनों नदियों का जल स्तर अब लगातार बढ़ रहा है। इससे सदर तहसील के अछरौड़, कनवारा सहित करीब दस गांव और पैलानी क्षेत्र के करीब 20 गांवों की ओर पानी बढ़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ तेज बारिश लगातार हो रही है। वहीं, दूसरी तरफ केन व यमुना में पानी बढ़ने से लोग भयभीत हैं। कहीं रात में ज्यादा पानी बढ़ गया तो ग्रामीण कहां जाएंगे। हालांकि जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। एडीएम राजेश कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को पैलानी तहसीलदार ने टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों को सजग किया। लाइफ जैकेट भी ग्रामीणों को दी गई।
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तहसीलदार ने संभाली कमान, बारिश में किया प्रभावित इलाकों का दौरा
पैलानी। पैलानी तहसील अंतर्गत सिंधनकला-तुर्री नाला में निरीक्षण को तहसीलदार राधेश्याम सिंह सुबह नौ बजे निकले। वहां पर मौजूद दो नावों के नाविकों को सपोर्ट लाइफ जैकेट सौंपी। गौरी कला -अमारा संपर्क मार्ग पर रपटे में चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद यहां भी स्थिति देखी। नाविकों से बाढ़ को लेकर हाल-चाल लिया तथा बाढ़ के दौरान बरसते पानी के बीच नाव न चलाए जाने को कहा। नांदादेव-पडो़हरा संपर्क मार्ग पर पडो़हरा गांव के नीचे बह रही चंद्रावल नदी के रपटा के ऊपर भी पानी आ गया। यहां नाविक बलवीर आदि से जानकारी ली। सपोर्ट लाइफ जैकेट व ट्यूब आदि सामग्री प्रदान की।
नाविक शंकर निषाद व भूरा निषाद से ग्रामीणों, छात्र छात्राओं को सपोर्ट लाइफ जैकेट पहनाकर केन नदी पर आवागमन करने को कहा। होमगार्ड जवानों से कहा कि बिना सपोर्ट लाइफ जैकेट के ग्रामीण व छात्र छात्राएं नाव में बैठकर सफर न करें। सभी नाविकों से सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक ही नाव से आए-जाएं। बारिश के दौरान नाव का संचालन करने पर बिजली गिरने का खतरा रहता है। इस दौरान उनके साथ राजस्व निरीक्षक अखिलेश यादव, लेखपाल अमित सिंह पटेल,अमर तिवारी, सदाशिव शुक्ला, बासुदेव सिंह,अनिल गुप्ता,भान यादव आदि मौजूद रहे।
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चंद्रावल नदी के गौरीकला-अमारा और केन नदी के तुर्री-सिंधनकलां रपटा में पानी फिर उफना गया है। इससे इन गांवों का आवागमन ठप है। तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वे किया और लाइफ जैकेट बंटवाई। लोगों को बिना लाइफ जैकेट के नाव से न आने-जाने की सलाह दी।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक भूरागढ़ में केन नदी का जल स्तर शुक्रवार को शाम चार बजे 99.88 मीटर पहुंच गया। जबकि सुबह यह 99.55 मीटर पर थी। यहां खतरे का निशान 104 मीटर पर है। इसी तरह यमुना नदी शाम चार बजे 94.60 मीटर रहा। जबकि सुबह 93.55 मीटर पर था। दोनों नदियों का जल स्तर अब लगातार बढ़ रहा है। इससे सदर तहसील के अछरौड़, कनवारा सहित करीब दस गांव और पैलानी क्षेत्र के करीब 20 गांवों की ओर पानी बढ़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ तेज बारिश लगातार हो रही है। वहीं, दूसरी तरफ केन व यमुना में पानी बढ़ने से लोग भयभीत हैं। कहीं रात में ज्यादा पानी बढ़ गया तो ग्रामीण कहां जाएंगे। हालांकि जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। एडीएम राजेश कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को पैलानी तहसीलदार ने टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों को सजग किया। लाइफ जैकेट भी ग्रामीणों को दी गई।
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तहसीलदार ने संभाली कमान, बारिश में किया प्रभावित इलाकों का दौरा
पैलानी। पैलानी तहसील अंतर्गत सिंधनकला-तुर्री नाला में निरीक्षण को तहसीलदार राधेश्याम सिंह सुबह नौ बजे निकले। वहां पर मौजूद दो नावों के नाविकों को सपोर्ट लाइफ जैकेट सौंपी। गौरी कला -अमारा संपर्क मार्ग पर रपटे में चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद यहां भी स्थिति देखी। नाविकों से बाढ़ को लेकर हाल-चाल लिया तथा बाढ़ के दौरान बरसते पानी के बीच नाव न चलाए जाने को कहा। नांदादेव-पडो़हरा संपर्क मार्ग पर पडो़हरा गांव के नीचे बह रही चंद्रावल नदी के रपटा के ऊपर भी पानी आ गया। यहां नाविक बलवीर आदि से जानकारी ली। सपोर्ट लाइफ जैकेट व ट्यूब आदि सामग्री प्रदान की।
नाविक शंकर निषाद व भूरा निषाद से ग्रामीणों, छात्र छात्राओं को सपोर्ट लाइफ जैकेट पहनाकर केन नदी पर आवागमन करने को कहा। होमगार्ड जवानों से कहा कि बिना सपोर्ट लाइफ जैकेट के ग्रामीण व छात्र छात्राएं नाव में बैठकर सफर न करें। सभी नाविकों से सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक ही नाव से आए-जाएं। बारिश के दौरान नाव का संचालन करने पर बिजली गिरने का खतरा रहता है। इस दौरान उनके साथ राजस्व निरीक्षक अखिलेश यादव, लेखपाल अमित सिंह पटेल,अमर तिवारी, सदाशिव शुक्ला, बासुदेव सिंह,अनिल गुप्ता,भान यादव आदि मौजूद रहे।