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Banda News: केन-बेतवा परियोजना प्रभावितों ने पुलिस कार्रवाई की मजिस्ट्रियल जांच की मांग

Sun, 22 Feb 2026 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sun, 22 Feb 2026 12:49 AM IST
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Ken-Betwa project affected people demand magisterial inquiry into police action
फोटो - 04 अतिरि​क्ति कलेक्टर को ज्ञापन सौंपता ग्रामीणों का प्रति​नि​धिमंडल। स्त्रोत : स्वयं - फोटो : 1
बांदा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक आगम जैन और अतिरिक्त कलेक्टर मिलिंद नागदेवे से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का बिंदुवार विवरण प्रस्तुत करते हुए चार शिकायती पत्र सौंपे। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है।
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सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मुलाकात की। भटनागर ने कहा कि जो लोग अपना वैधानिक हक और अधिकार मांग रहे हैं, उनके साथ पुलिस का दमनात्मक व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 फरवरी की घटना के बाद भी कई दिनों तक कार्रवाई जारी रही। पवन पटेल सहित लगभग 11 लोगों को 24 घंटे से अधिक समय तक बिजावर थाना में हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि आंदोलन से जुड़े लोगों पर दुर्भावनापूर्ण या झूठे प्रकरण दर्ज किए जा सकते हैं। भटनागर ने आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर की सूची और प्रमाणित प्रतिलिपियां उपलब्ध कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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अमित भटनागर ने अपने आवेदन में महिलाओं, ग्रामीणों और बच्चों पर कथित बल प्रयोग, मारपीट, अवैध हिरासत और धमकी का उल्लेख किया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र मजिस्ट्रियल जांच की मांग की। इसके साथ ही, बिजावर थाना व आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उपलब्ध कराने को कहा। घायलों की तत्काल एमएलसी कराने और पुलिस वायरलेस लॉग सहित सभी साक्ष्य सुरक्षित रखने की भी मांग की गई।
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राहुल अहिरवार ने शिकायत की है शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर कथित मारपीट की गई। दिव्यांग हरिदास अहिरवार ने भी थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी द्वारा धमकाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। पत्रकारिता छात्र पवन पटेल ने बताया कि रिपोर्टिंग के दौरान उनका मोबाइल छीन लिया गया और उन्हें 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में उनके साथ मारपीट की गई, दबाव में बयान लिए गए और मोबाइल से डेटा डिलीट कर दिया गया।
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