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ठंड लगने से कस्तूरबा गांधी विद्यालय की 12 छात्राएं भी बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 25 Dec 2014 12:12 AM IST
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कड़ाके की ठंड से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की 12 छात्राएं बीमार हो गईं। इसका खुलासा उप जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में हुआ। उनका इलाज न कराने पर एसडीएम ने विद्यालय स्टाफ को फटकार लगाई।
विद्यालय में कमासिन ब्लाक की 52 छात्राएं अध्ययनरत हैं। बुधवार को सुबह एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह ने छात्राओं से हालचाल जाना। 12 छात्राओं की तबीयत खराब मिलने और उनका इलाज न कराए जाने पर एसडीएम ने वार्डेन व अन्य कर्मचारियों को फटकारा कि ‘अपना बच्चा होता तो तुरंत अस्पताल ले जाते।’
एसडीएम ने तत्काल अपनी गाड़ी जिला अस्पताल भेजकर डाक्टर बुला लिया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.विनीत सचान ने छात्राओं का चेकअप किया। सात बालिकाएं अंजू वर्मा, रीता यादव, गुड़िया प्रजापति, संगीता, आरती, खुशी व शबीना को इंजेक्शन व दवाएं दी गईं। डॉक्टर के मुताबिक बीमारी की वजह ठंड है।
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एसडीएम ने विद्यालय लेखाकार को तुरंत अलाव जलाने और ठंडी हवाओं से छात्राओं को बचाने के लिए खिड़कियों के टूटे शीशे बदलवाने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। रसोई घर में सुअरों के विचरण पर भी कर्मचारियों को फटकारा।
एसडीएम ने बताया कि वह जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। निरीक्षण में लेखाकार श्यामकली व वार्डेन सितारा समेत टीचर्स व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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विद्यालय में कमासिन ब्लाक की 52 छात्राएं अध्ययनरत हैं। बुधवार को सुबह एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह ने छात्राओं से हालचाल जाना। 12 छात्राओं की तबीयत खराब मिलने और उनका इलाज न कराए जाने पर एसडीएम ने वार्डेन व अन्य कर्मचारियों को फटकारा कि ‘अपना बच्चा होता तो तुरंत अस्पताल ले जाते।’
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एसडीएम ने तत्काल अपनी गाड़ी जिला अस्पताल भेजकर डाक्टर बुला लिया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.विनीत सचान ने छात्राओं का चेकअप किया। सात बालिकाएं अंजू वर्मा, रीता यादव, गुड़िया प्रजापति, संगीता, आरती, खुशी व शबीना को इंजेक्शन व दवाएं दी गईं। डॉक्टर के मुताबिक बीमारी की वजह ठंड है।
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एसडीएम ने विद्यालय लेखाकार को तुरंत अलाव जलाने और ठंडी हवाओं से छात्राओं को बचाने के लिए खिड़कियों के टूटे शीशे बदलवाने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। रसोई घर में सुअरों के विचरण पर भी कर्मचारियों को फटकारा।
एसडीएम ने बताया कि वह जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे। निरीक्षण में लेखाकार श्यामकली व वार्डेन सितारा समेत टीचर्स व कर्मचारी उपस्थित रहे।