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8.77 करोड़ से होगा कालिंजर दुर्ग का कायाकल्प
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कलक्ट्रेट में बैठक को संबोधित करते जिलाधिकारी हीरा लाल। साथ में सीडीओ व एनआरएलएम के उपायुक्त।
- फोटो : BANDA
बांदा। कालिंजर दुर्ग के अच्छे दिन आने के आसार हैं। केंद्र और राज्य सरकारों ने दुर्ग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 8 करोड़ 77 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। प्रशासन इस बजट से किले की कायाकल्प की तैयारियों में जुट गया है। साथ ही 12 नवंबर से शुरू हो रहे 5 दिवसीय कालिंजर महोत्सव की तैयारियां भी की जा रही हैं।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में कालिंजर दुर्ग से संबंधित बैठक में डीएम हीरा लाल ने उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 से 16 नवंबर तक कार्तिक पूर्णिमा में होने वाले कालिंजर दुर्ग महोत्सव में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मनोरंजन के भी विशेष इंतजाम रहेंगे। एयर हॉट बैलून राइडिंग, पैराशूट, हेलीकाप्टर से पर्यटकों का मनोरंजन कराया जाएगा। संगोष्ठी, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
डीएम ने कहा कि भगवान शंकर की तपोस्थली कालिंजर दुर्ग को पर्यटन मानचित्र में लाने के लिए यह सारी कोशिशें की जा रही हैं। महोत्सव में नजदीकी जनपदों के लोगों को भी लाया जाएगा। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोत्सव का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करें।
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उद्योग, कृषि, शिक्षा, समाज कल्याण, जल संस्थान, पंचायती राज, पशु पालन, स्वास्थ्य, सुपोषण, जल संरक्षण आदि की गैलरी बनेगी। महोत्सव मंच और किले के मार्ग में रोशनी व पानी और फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस आदि की व्यवस्था रहेगी। अस्थाई पुलिस चौकी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, एनआरएलएम उपायुक्त केके पांडेय, डीपीआरओ संजय यादव आदि उपस्थित रहे।
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सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में कालिंजर दुर्ग से संबंधित बैठक में डीएम हीरा लाल ने उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 से 16 नवंबर तक कार्तिक पूर्णिमा में होने वाले कालिंजर दुर्ग महोत्सव में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मनोरंजन के भी विशेष इंतजाम रहेंगे। एयर हॉट बैलून राइडिंग, पैराशूट, हेलीकाप्टर से पर्यटकों का मनोरंजन कराया जाएगा। संगोष्ठी, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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डीएम ने कहा कि भगवान शंकर की तपोस्थली कालिंजर दुर्ग को पर्यटन मानचित्र में लाने के लिए यह सारी कोशिशें की जा रही हैं। महोत्सव में नजदीकी जनपदों के लोगों को भी लाया जाएगा। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महोत्सव का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करें।
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उद्योग, कृषि, शिक्षा, समाज कल्याण, जल संस्थान, पंचायती राज, पशु पालन, स्वास्थ्य, सुपोषण, जल संरक्षण आदि की गैलरी बनेगी। महोत्सव मंच और किले के मार्ग में रोशनी व पानी और फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस आदि की व्यवस्था रहेगी। अस्थाई पुलिस चौकी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, एनआरएलएम उपायुक्त केके पांडेय, डीपीआरओ संजय यादव आदि उपस्थित रहे।