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प्राइमरी कक्षाओं में गूंजने लगे ककहरा और पहाड़ा
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Kakhara and hill started resonating in primary classes
- फोटो : BANDA
बांदा। प्राइमरी स्कूल बुधवार से फिर गुलजार हो गए। सूनी पड़ी कक्षाओं में फिर ककहरा और पहाड़ा गूंजने लगे। हालांकि कोविड गाइड लाइन के पालन में मात्र मास्क ही नजर आया। आपसी दूरी और सैनिटाइजेशन आदि की व्यवस्थाएं नदारद थीं।
कुछ बच्चे यूनिफार्म में तो कुछ साधारण पोशाकों में पढ़ाई करते मिले। कहीं पर बच्चे स्कूल खुलने से पहले पहुंच गए तो कहीं शिक्षामित्रों ने स्कूल खोला। शिक्षक देर से आए। उपस्थिति भी लगभग 30 फीसदी रही। मास्क लगाने से बच्चे असहज भी दिखे। बार-बार उतारते और लगाते रहे। रसोइया गाइड लाइन का पालन करते हुए मिड-डे मील बनाते हुए दिखाई दीं।
बुधवार से बेसिक शिक्षा विभाग के तकरीबन 1357 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो गई। इनमें तकरीबन एक लाख 56 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कुछ स्कूलों में प्रधानाचार्य अपनी तरफ से सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग से बच्चों का तापमान मापा।
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कुछ में तो सिर्फ हाथ धुलवाकर बच्चों को बैठाया गया। निगरानी समितियां नहीं दिखाई दीं। प्रधानाचार्यों ने अभिभावकों के सहमति पत्र लिखाए। कुछ स्कूलों में प्रार्थना सभा में बच्चे बिना मास्क के प्रार्थना करते दिखाई दिए।
फोटो-01बीएनडीपी-5 : प्राथमिक पाठशाला इंग्लिश मीडियम, गुरेह में बच्चों को गेट से स्कूल में दाखिल करातीं शिक्षिका। संवाद
समय 8:05 बजे। प्राथमिक पाठशाला इंग्लिश मीडियम, गुरेह।
सिर्फ 12 बच्चे आए स्कूल
यहां पहली से 5वीं तक के 301 बच्चों में सिर्फ 12 बच्चे उपस्थित रहे। यहां सहायक अध्यापक व शिक्षिकाओं ने बच्चों को स्कूल के अंदर किया। गेट पर ही उनके मास्क चेक किए। सहायक अध्यापक अरुण कुमार ने बताया कि उपस्थिति कम है। अब स्कूल खुलें हैं तो उपस्थिति बढ़ेगी।
बच्चे नहीं लगाए थे मास्क
विद्यालय में कुल 38 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां सुबह की प्रार्थना हो रही थी। कुल 20 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास पूस उगी थी। शिक्षक अपने पास से सैनिटाइजर खरीद कर लाए थे। प्रार्थना में शिक्षिकाएं और बच्चे मास्क बिना लगाए मिले।
नहीं दिखी सोशल डिस्टेंसिंग
विद्यालय में पंजीकृत 161 बच्चों में 50 ही उपस्थित रहे। सोशल डिस्टेंस नदारद रही। बच्चों को पास-पास बैठाया गया। प्रधानाचार्य रेनू श्रीवास्तव व सहायक अध्यापक अभिलाषा वर्मा बच्चों को पढ़ातीं मिलीं। बोलीं-अभी बच्चों को गाइड लाइन के अनुसार बैठाया जा रहा है।
यहां 54 बच्चे पंजीकृत हैं। 14 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चे सोशल डिस्टेंस के साथ मास्क लगाए मिले। इंचार्ज प्रधानाचार्य रेखा गुप्ता ने सैनिटाइजर की बोतल और थर्मल स्क्रीनिंग यंत्र से तापमान मापा। बताया कि बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं। यूनिफार्म का पैसा बच्चों के खातों में आएगा।
एक भी बच्चा नहीं पहुंचा स्कूल
तिंदवारी। प्राथमिक विद्यालय, पिपरगवां में शिक्षामित्र प्रेमचंद्र ने स्कूल का ताला खोला। प्रधानाध्यापिका विनीता सिंह 8:02 बजे स्कूल पहुंचीं। यहां एक भी बच्चा नहीं आया था। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय, पिपरगवां-1 में 8 बजकर 10 मिनट तक कोई भी शिक्षक नहीं आया था। 8:17 बजे यहां प्रधानाध्यापिका आशा पहुंची। यहां बच्चे शिक्षकों के इंतजार में बैठे मिले। प्राथमिक विद्यालय, पुरानी तिंदवारी में 8 बजकर 5 मिनट पर शिक्षक आए। बच्चे नहीं आए।
उत्साहित दिखे बच्चे
नरैनी। गांव की छात्राएं प्रीति, रोशनी आदि तैयार होकर स्कूल जातीं हुईं मिली। बोलीं-कई महीने बाद स्कूल जा रहे हैं। उन्हें अच्छा लग रहा है। उनकी मां ने उन्हें मास्क भी दिया है। कहा है कि स्कूल में मास्क लगा लेना।
बच्चों को पढ़ाती मिलीं शिक्षिका
बबेरू । प्राथमिक विद्यालय करूइहा पुरवा में 20 बच्चे विद्यालय में उपस्थित मिले। यहां कक्षा में शिक्षिका बच्चों को पढ़ातीं मिलीं। कुछ बच्चे मास्क लगाए थे। कुछ नहीं। उन्होंने बताया कि सभी से मास्क लगाकर स्कूल आने को कहा था।
कक्षा में बैठे मिले बच्चे
खप्टिहा कलां। विद्यालय में बच्चों को सोशल डिस्टेंस के साथ बैठाया गया था। यूनिफार्म में बच्चे पंक्तिबद्ध कक्षा में बैठे मिले। रसोइया माया व लक्ष्मी मास्क लगाकर बच्चों का भोजन तैयार करने में जुटीं रहीं।
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कुछ बच्चे यूनिफार्म में तो कुछ साधारण पोशाकों में पढ़ाई करते मिले। कहीं पर बच्चे स्कूल खुलने से पहले पहुंच गए तो कहीं शिक्षामित्रों ने स्कूल खोला। शिक्षक देर से आए। उपस्थिति भी लगभग 30 फीसदी रही। मास्क लगाने से बच्चे असहज भी दिखे। बार-बार उतारते और लगाते रहे। रसोइया गाइड लाइन का पालन करते हुए मिड-डे मील बनाते हुए दिखाई दीं।
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बुधवार से बेसिक शिक्षा विभाग के तकरीबन 1357 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो गई। इनमें तकरीबन एक लाख 56 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कुछ स्कूलों में प्रधानाचार्य अपनी तरफ से सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग से बच्चों का तापमान मापा।
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कुछ में तो सिर्फ हाथ धुलवाकर बच्चों को बैठाया गया। निगरानी समितियां नहीं दिखाई दीं। प्रधानाचार्यों ने अभिभावकों के सहमति पत्र लिखाए। कुछ स्कूलों में प्रार्थना सभा में बच्चे बिना मास्क के प्रार्थना करते दिखाई दिए।
फोटो-01बीएनडीपी-5 : प्राथमिक पाठशाला इंग्लिश मीडियम, गुरेह में बच्चों को गेट से स्कूल में दाखिल करातीं शिक्षिका। संवाद
समय 8:05 बजे। प्राथमिक पाठशाला इंग्लिश मीडियम, गुरेह।
सिर्फ 12 बच्चे आए स्कूल
यहां पहली से 5वीं तक के 301 बच्चों में सिर्फ 12 बच्चे उपस्थित रहे। यहां सहायक अध्यापक व शिक्षिकाओं ने बच्चों को स्कूल के अंदर किया। गेट पर ही उनके मास्क चेक किए। सहायक अध्यापक अरुण कुमार ने बताया कि उपस्थिति कम है। अब स्कूल खुलें हैं तो उपस्थिति बढ़ेगी।
बच्चे नहीं लगाए थे मास्क
विद्यालय में कुल 38 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां सुबह की प्रार्थना हो रही थी। कुल 20 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास पूस उगी थी। शिक्षक अपने पास से सैनिटाइजर खरीद कर लाए थे। प्रार्थना में शिक्षिकाएं और बच्चे मास्क बिना लगाए मिले।
नहीं दिखी सोशल डिस्टेंसिंग
विद्यालय में पंजीकृत 161 बच्चों में 50 ही उपस्थित रहे। सोशल डिस्टेंस नदारद रही। बच्चों को पास-पास बैठाया गया। प्रधानाचार्य रेनू श्रीवास्तव व सहायक अध्यापक अभिलाषा वर्मा बच्चों को पढ़ातीं मिलीं। बोलीं-अभी बच्चों को गाइड लाइन के अनुसार बैठाया जा रहा है।
यहां 54 बच्चे पंजीकृत हैं। 14 बच्चे उपस्थित मिले। बच्चे सोशल डिस्टेंस के साथ मास्क लगाए मिले। इंचार्ज प्रधानाचार्य रेखा गुप्ता ने सैनिटाइजर की बोतल और थर्मल स्क्रीनिंग यंत्र से तापमान मापा। बताया कि बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं। यूनिफार्म का पैसा बच्चों के खातों में आएगा।
एक भी बच्चा नहीं पहुंचा स्कूल
तिंदवारी। प्राथमिक विद्यालय, पिपरगवां में शिक्षामित्र प्रेमचंद्र ने स्कूल का ताला खोला। प्रधानाध्यापिका विनीता सिंह 8:02 बजे स्कूल पहुंचीं। यहां एक भी बच्चा नहीं आया था। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय, पिपरगवां-1 में 8 बजकर 10 मिनट तक कोई भी शिक्षक नहीं आया था। 8:17 बजे यहां प्रधानाध्यापिका आशा पहुंची। यहां बच्चे शिक्षकों के इंतजार में बैठे मिले। प्राथमिक विद्यालय, पुरानी तिंदवारी में 8 बजकर 5 मिनट पर शिक्षक आए। बच्चे नहीं आए।
उत्साहित दिखे बच्चे
नरैनी। गांव की छात्राएं प्रीति, रोशनी आदि तैयार होकर स्कूल जातीं हुईं मिली। बोलीं-कई महीने बाद स्कूल जा रहे हैं। उन्हें अच्छा लग रहा है। उनकी मां ने उन्हें मास्क भी दिया है। कहा है कि स्कूल में मास्क लगा लेना।
बच्चों को पढ़ाती मिलीं शिक्षिका
बबेरू । प्राथमिक विद्यालय करूइहा पुरवा में 20 बच्चे विद्यालय में उपस्थित मिले। यहां कक्षा में शिक्षिका बच्चों को पढ़ातीं मिलीं। कुछ बच्चे मास्क लगाए थे। कुछ नहीं। उन्होंने बताया कि सभी से मास्क लगाकर स्कूल आने को कहा था।
कक्षा में बैठे मिले बच्चे
खप्टिहा कलां। विद्यालय में बच्चों को सोशल डिस्टेंस के साथ बैठाया गया था। यूनिफार्म में बच्चे पंक्तिबद्ध कक्षा में बैठे मिले। रसोइया माया व लक्ष्मी मास्क लगाकर बच्चों का भोजन तैयार करने में जुटीं रहीं।

Kakhara and hill started resonating in primary classes- फोटो : BANDA

Kakhara and hill started resonating in primary classes- फोटो : BANDA