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फिर उठा बुंदेलखंड प्रथक राज्य का मुद्दा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 02 Jun 2015 11:36 PM IST
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बुंदेलखंड को प्रथक राज्य बनाने का मुद्दा एक बार फिर तेजी पकड़ रहा है। यह मांग लोकसभा के जरिये केंद्र सरकार तक पहुंच गई है। बांदा-चित्रकूट के भाजपा सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र ने हाल ही में इस मुद्दे पर लोकसभा में प्रस्ताव पेश किया है। सांसद के मुताबिक इसे बहस के लिए सूची में शामिल कर लिया गया है। लोकसभा के अगले सत्र में इस मुद्दे पर बहस होगी। बता दें कि बसपा भी बुंदेलखंड अलग राज्य की वकालत कर रही है।
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बुंदेलखंड को राज्य बनाने की मांग वर्ष 1955 में शुरू हुई थी। तब राज्य पुनर्गठन आयोग ने इसकी सिफारिश की थी। तभी से यह मुद्दा लगातार चल रहा है। अब राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को ले उड़े हैं। प्रदेश में सत्तारूढ़ दल सपा यह कहकर इस मुद्दे से किनारा किए है कि वह उत्तर प्रदेश के बंटवारे और छोटे राज्यों की पक्षधर नहीं है।
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जबकि, भाजपा इस मद्दे पर पूरा जोर लगाए है। सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने आठ मई को लोकसभा में बुंदेलखंड के अलग राज्य के लिए प्रस्ताव पेश किया है। बुंदेलखंड को राज्य का दर्जा मिलने से इस पिछड़े क्षेत्र का विकास होगा। सांसद ने प्रथक राज्य के पक्ष में साक्ष्यों के तौर पर तमाम आंकड़े पेश किए हैं।
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सांसद ने बताया कि उनके प्रस्ताव को लोकसभा में बहस के लिए स्वीकार करते हुए सूची में शामिल कर लिया गया है। लोकसभा के अगले सत्र में इस पर बहस होगी। प्रस्ताव में बुंदेली भाषा को राज्य भाषा का दर्जा देने की बात कही गई है। साथ ही जब तक अलग-राज्य के गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, तब तक बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण का गठन किए जाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अपने शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने जय बुंदेलखंड का नारा दिया था।
13 जिले, 1.83 करोड़ आबादी
नई जनगणना में यूपी और एमपी में बुंदेलखंड के 13 जिलों की आबादी 1.83 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। इसमेें यूपी के सात जिले बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जौलान, झांसी और ललितपुर की आबादी 96,59,718 हो चुकी है। इसी तरह मध्य प्रदेश के छह जिले सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमो, पन्ना और दतिया की आबादी 86,52,178 हो गई है। प्रस्तावित नया बुंदेलखंड आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से देश के कई राज्यों से बड़ा होगा। ये आंकड़े वर्ष 2011 में हुई जनगणना के हैं।
बुंदेलखंड से कम आबादी वाले देश में 10 राज्य
बुंदेलखंड राज्य की मांग सिर्फ इस आधार पर खारिज नहीं की जा सकती कि यहां क्षेत्रफल और जनसंख्या कम है। बुंदेलखंड से कम आबादी पर भी देश में करीब 10 राज्य बने हुए हैं। जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और गोवा जैसे राज्य क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से बुंदेलखंड से पीछे हैं।
उत्तराखंड की आबादी मात्र 1,01,16,752 है। क्षेत्रफल 53,484 वर्ग किलोमीटर है। यहां 13 जनपद हैं। हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर है। यहां 12 जनपद हैं। त्रिपुरा में सिर्फ 36,71,000 आबादी और 4 जिले हैं। क्षेत्रफल 10,493 वर्ग किलोमीटर है।
मेघालय की आबादी मात्र 29,64,000 है। 7 जिले हैं। मणिपुर की जनसंख्या 27,21,756 है। क्षेत्रफल सिर्फ 22,327 वर्ग किलोमीटर और 9 जिले हैं। मिजोरम की आबादी 10,91,000 है। 8 जिले हैं। सिक्किम 6,07,688 आबादी और 7096 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल मेें राज्य बना हुआ है।
अखिल भारतीय बुंदेलखंड विकास मंच भी सक्रिय
अखिल भारतीय बुंदेलखंड विकास मंच राष्ट्रीय महासचिव नसीर अहमद सिद्दीकी का कहना है कि उनका मंच भी अलग राज्य के लिए यूपी-एमपी के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहा है। कोशिश की जा रही है कि यूपी की तरह एमपी भी विधानसभा में बुंदेलखंड राज्य का प्रस्ताव पास करके केेंद्र को भेजे।
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