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अमन और सद्भाव का पैरोकार है इस्लाम
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:01 PM IST
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बांदा। रबिअव्वल माह में पैगंबरे इस्लाम के जन्मदिन
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के उपलक्ष्य में हो रहे जलसों की श्रृंखला में मंगलवार की रात मर्दननाका
स्थित मदरसा पठान बाबा मेें जलसा हुआ।
कानपुर से आए मौलाना हाशिम ने कहा कि इस्लाम अमन और सद्भाव का हमेशा अलमबरदार और पैरोकार रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा कि पैगंबर के बताए रास्ते पर चलना ही पैगंबर से मोहब्बत का पैगाम है।
गोवा से आए मौलाना रियाजुल कादरी ने भी जलसे को संबोधित किया। संचालन कर रहे हाफिज हामिद रजा ने नातिया शायरी के जरिये समां बांधा।
बड़ी संख्या में लोग देर रात तक जमे रहे। जलसे का आयोजन स्थानीय रबिअव्वल कमेटी ने किया था। दरगाह खानकाह के सज्जादा नशीन सैय्यद इकरार अहमद रिजवी मियां भी शरीक रहे।
जलसे में हाफिज साबिर चौधरी, अंसार अहमद सिद्दीकी, साबिर राईन, रफीक, वाजिद अली, कासिम रजा, जुल्फिकार, शानू खां, जाबिर हुसैन आदि शामिल रहे।
कानपुर से आए मौलाना हाशिम ने कहा कि इस्लाम अमन और सद्भाव का हमेशा अलमबरदार और पैरोकार रहा है और रहेगा। उन्होंने कहा कि पैगंबर के बताए रास्ते पर चलना ही पैगंबर से मोहब्बत का पैगाम है।
गोवा से आए मौलाना रियाजुल कादरी ने भी जलसे को संबोधित किया। संचालन कर रहे हाफिज हामिद रजा ने नातिया शायरी के जरिये समां बांधा।
बड़ी संख्या में लोग देर रात तक जमे रहे। जलसे का आयोजन स्थानीय रबिअव्वल कमेटी ने किया था। दरगाह खानकाह के सज्जादा नशीन सैय्यद इकरार अहमद रिजवी मियां भी शरीक रहे।
जलसे में हाफिज साबिर चौधरी, अंसार अहमद सिद्दीकी, साबिर राईन, रफीक, वाजिद अली, कासिम रजा, जुल्फिकार, शानू खां, जाबिर हुसैन आदि शामिल रहे।