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झुलसे मरीज की मौत मामले में जांच होगी
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बांदा। डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से झुलसे मरीज की मौत के आरोपों की जांच वरिष्ठ डाक्टरों की तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई। जांच में दोषी मिलने पर संबंधित डाक्टर व कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के भदेहदू गांव निवासी राजादादू (40) तीन दिन पूर्व गैस सिलिंडर में रिसाव से लगी आग में झुलस गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को शाम उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज न करने और बोतल न लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। फोन न उठाने पर डीएम के प्रति भी रोष जताया था।
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मृतक के समाजसेवी भाई पीसी पटेल ने दोषी डाक्टर व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर डीएम, एसपी, सीओ, सीएमओ, सीएमएस और कोतवाली में अर्जी दी थी।
आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर मामले की जांच शुरू हो गई। जिला अस्पताल सीएमएस डा. उदयभान सिंह ने बताया कि एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। समिति में दो वरिष्ठ चिकित्सक अस्पताल के हैं। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
जांच रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को पहले ही अवगत करा दिया गया था कि हालत नाजुक है, लेकिन परिजन जिद करके बर्न वार्ड की बजाए उसे स्पेशल वार्ड में ले गए। लोगों का आवागमन रहा। इससे इंफेक्शन (संक्रमण) फैल गया।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के भदेहदू गांव निवासी राजादादू (40) तीन दिन पूर्व गैस सिलिंडर में रिसाव से लगी आग में झुलस गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को शाम उसकी मौत हो गई।
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परिजनों ने डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज न करने और बोतल न लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। फोन न उठाने पर डीएम के प्रति भी रोष जताया था।
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मृतक के समाजसेवी भाई पीसी पटेल ने दोषी डाक्टर व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर डीएम, एसपी, सीओ, सीएमओ, सीएमएस और कोतवाली में अर्जी दी थी।
आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर मामले की जांच शुरू हो गई। जिला अस्पताल सीएमएस डा. उदयभान सिंह ने बताया कि एसीएमओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। समिति में दो वरिष्ठ चिकित्सक अस्पताल के हैं। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
जांच रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को पहले ही अवगत करा दिया गया था कि हालत नाजुक है, लेकिन परिजन जिद करके बर्न वार्ड की बजाए उसे स्पेशल वार्ड में ले गए। लोगों का आवागमन रहा। इससे इंफेक्शन (संक्रमण) फैल गया।