फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Innocent's neck turned Coin

मासूम के गले से निकाला सिक्का

Fri, 09 Sep 2016 10:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा Updated Fri, 09 Sep 2016 10:31 PM IST
विज्ञापन
Innocent's neck turned Coin
गले में फंसा सिक्का निकाले जाने के बाद मेडिकल कालेज में बैठा मासूम आयुष।

बांदा। खेल-खेल में एक रुपये का सिक्का निगल गए चार वर्षीय मासूम की जान पर बन आई। माता-पिता की आर्थिक हैसियत इतनी नहीं थी कि महानगर ले जाकर 25-30 हजार रुपये खर्च उसकी जान बचाते, लेकिन यही काम मात्र 70 रुपये की सरकारी फीस पर मेडिकल कालेज में निपट गया।

विज्ञापन


स्वराज कालोनी निवासी अशोक सिंह के चार वर्षीय पुत्र आयुष ने तीन दिन पहले खेल-खेल में मुंह में एक रुपये का सिक्का ले लिया। वह अंदर चला गया और खाने की नली में जा फंसा। खाने के साथ मासूम का पानी भी बंद हो गया। उसकी जान पर बन आई। पिता इलाज के लिए कहीं बाहर नहीं ले जा सके। वह यहां मेडिकल कालेज गए और ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र से अपने बच्चे की जान बचाने की फरियाद की।
विज्ञापन


डॉ. भूपेंद्र ने पूरी सहानुभूति दर्शाते हुए बच्चे को भर्ती कर लिया और मात्र 70 रुपये के सरकारी यूजर चार्ज पर बच्चे का कोई भी आपरेशन किए बिना दूरबीन पद्धति से गले में फंसा सिक्का निकाल लिया। उन्होंने बताया कि ईसोफेगो स्कोप द्वारा प्वाइंट कैचर से पकड़कर सिक्के को निकाला गया। इसमें मात्र 15 से 20 मिनट लगे। डॉ. भूपेंद्र को मुताबिक मेडिकल कालेज में इस तरह का यह पहला आपरेशन व इलाज था। महानगरों में प्राइवेट अस्पताल इसी आपरेशन और इलाज का 25 से 30 हजार रुपये वसूलते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed