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बुंदेलखंड के युवाओं को उद्यमी बनाएगा इन्क्यूबेशन सेंटर
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अतर्रा राजकीय इंजीनियरिंग कालेज के इन्कूबेशन सेंटर में जानकारी देते निदेशक प्रो.एसपी शुक्ला।
- फोटो : BANDA
अतर्रा (बांदा)। भारत सरकार की स्टार्टअप नीति के तहत बांदा के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में इन्क्यूबेशन सेंटर की मंजूरी के बाद अब बुंदेलखंड के प्रशिक्षित युवकों को सह उद्यमी बनने में सहायता मिलेगी। साथ ही स्टार्टअप का ईको सिस्टम बढ़ेगा। इसे लेकर इंजीनियरिंग शिक्षा से जुड़े युवाओं में काफी उत्साह है।
यहां स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. एसपी शुक्ला ने बताया कि सरकार से इन्क्यूबेशन सेंटर की मंजूरी मिल चुकी है। गांवों में टीमें भ्रमण कर स्वयं की उद्यमिता स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को जोड़ेंगी। उन्हेें प्रोत्साहन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सेंटर प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ अरजरिया ने बताया कि नवीन विचार को पोषित करके कंपनी बनाने की अवधारणा पर सेंटर काम करेगा।
उन्होंने यहां सेंटर में उपलब्ध सुविधा जैसे आईओटी लैब, टिंकरिंग लैब, 3-डी प्रिंटर आदि के बारे में भी बताया। प्रो. अभिजीत सिंह एवं दीप सिंह ठाकुर व संस्थान के संकाय सदस्यों और छात्रों ने सरकार से मिली मंजूरी पर खुशी जताई।
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यहां राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में इन्क्यूबेटर सेंटर की आधारशिला पिछले वर्ष 2019 में अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति विनय कुमार पाठक ने रखी थी। गौरतलब है कि स्टार्टअप नीति 2020 के तहत प्रदेश सरकार ने प्रदेश में सात इन्क्यूबेटर को मंजूरी दी है। इसमें अतर्रा राजकीय इंजीनियरिंग कालेज भी शामिल है। बुंदेलखंड में ये इकलौता सेंटर होगा।
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यहां स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. एसपी शुक्ला ने बताया कि सरकार से इन्क्यूबेशन सेंटर की मंजूरी मिल चुकी है। गांवों में टीमें भ्रमण कर स्वयं की उद्यमिता स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को जोड़ेंगी। उन्हेें प्रोत्साहन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सेंटर प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ अरजरिया ने बताया कि नवीन विचार को पोषित करके कंपनी बनाने की अवधारणा पर सेंटर काम करेगा।
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उन्होंने यहां सेंटर में उपलब्ध सुविधा जैसे आईओटी लैब, टिंकरिंग लैब, 3-डी प्रिंटर आदि के बारे में भी बताया। प्रो. अभिजीत सिंह एवं दीप सिंह ठाकुर व संस्थान के संकाय सदस्यों और छात्रों ने सरकार से मिली मंजूरी पर खुशी जताई।
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यहां राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में इन्क्यूबेटर सेंटर की आधारशिला पिछले वर्ष 2019 में अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति विनय कुमार पाठक ने रखी थी। गौरतलब है कि स्टार्टअप नीति 2020 के तहत प्रदेश सरकार ने प्रदेश में सात इन्क्यूबेटर को मंजूरी दी है। इसमें अतर्रा राजकीय इंजीनियरिंग कालेज भी शामिल है। बुंदेलखंड में ये इकलौता सेंटर होगा।