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दूर होगा मंडल में बिजली का संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 25 Jul 2015 12:01 AM IST
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केंद्र सरकार की दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना चित्रकूटधाम मंडल के लिए अच्छे दिन लाने वाली है। मंत्रालय द्वारा प्रस्ताव मांगने के बाद पावर कारपोरेशन ने गांव और ट्यूबवेल के लिए अलग-अलग फीडर बनाने की योजना तैयार कर भेज दिया है। पहले चरण में मंडल के चारों जनपदों में 56 फीडर बनाए जाने की प्लानिंग की गई है।
अब तक ट्यूबवेल और गांवों की बिजली लाइनें एक ही हैं। ट्यूबवेल का लोड ज्यादा होता है। इससे आए दिन लाइनों में फाल्ट हो जाते हैं। ट्यूबवेल के कारण हुए फाल्ट का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। उन्हें कई राते अंधेरे में काटनी पड़ती हैं।
अब इनका सहारा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना बनेगी। इस योजना से हर गांव में दो तरह की लाइनें होंगी। उनके फीडर भी अलग होंगे। एक फीडर सिर्फ ट्यूबवेल के संचालन के लिए होगा। दूसरा गांव के घरों को आपूर्ति के लिए। केंद्र सरकार के मांगने पर पावर कारपोरेशन ने चित्रकूटधाम मंडल के लिए इसका खाका तैयार करके भेज दिया है। पहले चरण में चारों जिलों में 56 फीडर बनाए जाएंगे।
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चित्रकूटधाम मंडल के पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने बताया कि अलग-अलग फीडर बनने से ट्रांसफार्मर और लाइनों में आने वाली फाल्टों में काफी कमी आएगी।
ट्यूबवेल की लाइन या फीडर में फाल्ट आएगा तो गांव की बिजली गुल नहीं होगी। इसी तरह गांव के फीडर में कोई फाल्ट आता है तो ट्यूबवेल ठप नहीं होंगे। पहले चरण में बनाए जा रहे 56 फीडरों में बांदा जनपद में 22, चित्रकूट में 14, महोबा में 12 और हमीरपुर में 8 फीडर शामिल हैं। बजट मंजूर होते ही काम शुरू हो जाएगा।
100 से कम आबादी पर भी बिजली की बहार
केंद्र सरकार की ग्राम ज्योति योजना में एक महत्वपूर्ण योजना यह भी है कि 100 से कम आबादी वाले मजरों या पुरवों को भी बिजली की रोशनी से जगमग किया जाएगा। मुख्य अभियंता ने बताया कि चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों के इन मजरों का विद्युतीकरण करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इन मजरों मेें उपभोक्ताओं के घरेलू पंखा, बत्ती के कनेक्शन दिए जाएंगे।
जर्जर लाइन और ट्रांसफार्मरों के दिन बदलेंगे
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना चित्रकूटधाम मंडल की जर्जर बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करेगी। नए फीडर के अलावा जर्जर लाइन और ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे। बिजली सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ेगी। सबस्टेशनों का सुधार होगा। मुख्य अभियंता ने बताया कि मंडल के चारों जनपदों में हरेक जनपद से अलग-अलग प्रस्ताव केेंद्र सरकार को भेजे गए हैं।
सबसे ज्यादा बांदा में होगा काम
योजना से चित्रकूटधाम मंडल में सबसे ज्यादा काम बांदा जनपद में होगा। पावर कारपोरेशन ने एक अरब 31 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत वाले कामों के प्रस्ताव भेजे हैं। इनमेें 34 करोड़ 33 लाख 57 हजार रुपये ट्रांसफार्मर के लिए, 25 करोड़ 32 लाख 74 हजार मीटर आदि के लिए और 55 करोड़ 74 लाख 87 हजार रुपये बिजली घरों की क्षमता व जर्जर लाइनों की मरम्मत में खर्च होंगे। जनपद में 11 केवीए के 17 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे और 58 पुराने ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाएगी।
1886 बीपीएल परिवारों को कनेक्शन
केंद्र सरकार की इस योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के घरों को बिजली से रोशन करने के लिए अलग बजट मांगा गया है। कुल 1886 बीपीएल परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इसमें 56.58 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी तरह ग्रामीण घरों को बिजली से रोशन करने के लिए 15 करोड़ 84 लाख 74 हजार रुपये खर्च करने की तैयारी है।
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अब तक ट्यूबवेल और गांवों की बिजली लाइनें एक ही हैं। ट्यूबवेल का लोड ज्यादा होता है। इससे आए दिन लाइनों में फाल्ट हो जाते हैं। ट्यूबवेल के कारण हुए फाल्ट का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। उन्हें कई राते अंधेरे में काटनी पड़ती हैं।
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अब इनका सहारा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना बनेगी। इस योजना से हर गांव में दो तरह की लाइनें होंगी। उनके फीडर भी अलग होंगे। एक फीडर सिर्फ ट्यूबवेल के संचालन के लिए होगा। दूसरा गांव के घरों को आपूर्ति के लिए। केंद्र सरकार के मांगने पर पावर कारपोरेशन ने चित्रकूटधाम मंडल के लिए इसका खाका तैयार करके भेज दिया है। पहले चरण में चारों जिलों में 56 फीडर बनाए जाएंगे।
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चित्रकूटधाम मंडल के पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने बताया कि अलग-अलग फीडर बनने से ट्रांसफार्मर और लाइनों में आने वाली फाल्टों में काफी कमी आएगी।
ट्यूबवेल की लाइन या फीडर में फाल्ट आएगा तो गांव की बिजली गुल नहीं होगी। इसी तरह गांव के फीडर में कोई फाल्ट आता है तो ट्यूबवेल ठप नहीं होंगे। पहले चरण में बनाए जा रहे 56 फीडरों में बांदा जनपद में 22, चित्रकूट में 14, महोबा में 12 और हमीरपुर में 8 फीडर शामिल हैं। बजट मंजूर होते ही काम शुरू हो जाएगा।
100 से कम आबादी पर भी बिजली की बहार
केंद्र सरकार की ग्राम ज्योति योजना में एक महत्वपूर्ण योजना यह भी है कि 100 से कम आबादी वाले मजरों या पुरवों को भी बिजली की रोशनी से जगमग किया जाएगा। मुख्य अभियंता ने बताया कि चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों के इन मजरों का विद्युतीकरण करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इन मजरों मेें उपभोक्ताओं के घरेलू पंखा, बत्ती के कनेक्शन दिए जाएंगे।
जर्जर लाइन और ट्रांसफार्मरों के दिन बदलेंगे
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना चित्रकूटधाम मंडल की जर्जर बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करेगी। नए फीडर के अलावा जर्जर लाइन और ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे। बिजली सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ेगी। सबस्टेशनों का सुधार होगा। मुख्य अभियंता ने बताया कि मंडल के चारों जनपदों में हरेक जनपद से अलग-अलग प्रस्ताव केेंद्र सरकार को भेजे गए हैं।
सबसे ज्यादा बांदा में होगा काम
योजना से चित्रकूटधाम मंडल में सबसे ज्यादा काम बांदा जनपद में होगा। पावर कारपोरेशन ने एक अरब 31 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत वाले कामों के प्रस्ताव भेजे हैं। इनमेें 34 करोड़ 33 लाख 57 हजार रुपये ट्रांसफार्मर के लिए, 25 करोड़ 32 लाख 74 हजार मीटर आदि के लिए और 55 करोड़ 74 लाख 87 हजार रुपये बिजली घरों की क्षमता व जर्जर लाइनों की मरम्मत में खर्च होंगे। जनपद में 11 केवीए के 17 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे और 58 पुराने ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाएगी।
1886 बीपीएल परिवारों को कनेक्शन
केंद्र सरकार की इस योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के घरों को बिजली से रोशन करने के लिए अलग बजट मांगा गया है। कुल 1886 बीपीएल परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इसमें 56.58 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी तरह ग्रामीण घरों को बिजली से रोशन करने के लिए 15 करोड़ 84 लाख 74 हजार रुपये खर्च करने की तैयारी है।